सरकारी विभाग

  • जिला मुजफरनगर
    श्रम विभाग मुजफरनगर
    श्रमिको एंव सेवायोजकों के मध्य सौहार्दपूर्ण सम्बन्धों को बढावा देंने के उद्देश्य से जनपद मुजफरनगर मे सहयक श्रमायुक्त एवं सहायक निदेशक कारखाना के कार्यालय कार्यरत है जनपद मे उक्त कार्यालयों का विवरण निम्नानुसार है-
     

    धारा–6 :–
    इस धारा के अनुसार भाग–3 के प्राविधान उन प्रतिष्ठानेा पर लागू होे जो धारा –3 के अन्तर्गत उल्लिखित व्यवसायों अथवा प्रक्रियाओं से सम्बन्धित नही है प्रत्येक बच्चे को 3 घण्टे कार्य के पश्चात एक घण्टै का अवकाश दिया जायेगा। और उससे अधिकतम 6 घंटे का कार्य लिया जायेगा। जिसमें 1 घंटे का अवकाश कासमय भी सम्मलित है । साप्ताहिक अवकाश का नोटिस प्रदर्शित होना चाहिए । नोंटिस की एक प्रति जिसमें प्रतिष्ठान का नाम स्वामी का नाम पता व्यवसाय की प्रकृति उल्लिखित हो क्षेत्रीय निरीक्षक को भेजना आवश्यक है प्रत्येक नियोजन उसे एक रजिस्टर जिसमें प्रत्येक नियोजित बच्चे का नाम एव जन्म तिथि, 2 कार्य के घंटे एवं अवकाश का समय, 3 बच्चे द्वारा किये जा रहे कार्य की प्रकृति, 4 इसी प्रकार के अन्य विवरण जो निर्धारित हों अंकित कर रखेगा।
    दण्ड अनुच्छेद– 14:–
    1–कोई भी नियोजन इस अधिनियम की धारा ओर प्रविधानों के विपरीत किसी बच्चे को नियोजित अथवा कार्य करने की अनुपति देता है तो उसे कम से कम 3 महीने या अधिकतम एक वर्ष के कारावास अथवचा कम से कम रूपये 10000/– के अर्थदण्ड अथवा देानो ही सजाओं से दण्डित हो सकता है।
    2–धारा–3 के प्राविधानों का उल्लघंन पायो जाने की दशा में 6 माह के कारवास जो कि दो वर्ष तक का ही सकता है।

    अन्य श्रम अधिनियम :–
    1.बोनस भुगतान अधिनियम 1965 :–
    प्रत्येक कर्मकार जिसमें ऐसे प्रतिष्ठान में जहां वर्ष में किसी भी एक दिन कम से कम 10 या उससे अधिक कर्मकार नियोजिन रहे हो, में से एक वित्तीय वर्ष में कम से कम 30 दिन कार्य किया हो ओर उसका वेतन रू0 10000/– हो न्यूनतम बोनस 8.33 प्रतिशत अथवा अधिनियम के प्राविधानों के अनुसार पाने का पात्र होगा। जिस प्रतिष्ठान में एक बार बोनस वितरण प्रारम्भ हो गया हो उसमें कर्मकारो की संख्या 10 से कम होने पर भी बोनस भुगतान अधिनियम के सभी प्राविधान पूर्णत: लागू रहेगे। प्रतिष्ठान के स्वामी या नियोजन के द्वारा फार्म ए0बी0सी0 एव शैडयूल द्वितीय निर्धारित प्रपत्र पर बनाये जायेगें एवं फार्म डी0 पर बोनस वितरण की सूचना विभाग के सम्बन्धित कार्यालय को प्रषित की जायेगी।

    न्यूनतम वेतन अधिनियम 1948 :–
    राज्य सरकार ने 59 से अधिक अनुसूचित नियोजना में अकुशल, अद्र्धकुशल एवं कुशल श्रेणी के कर्मकार के लिए न्यूनतम वेतन की दरें निर्धारित की है जिनका विवरण नजदीकी श्रम कार्यालय से प्राप्त किया सकता है। य​​​दि किसी श्रमिक को निर्धारित न्यूनतम वेतन से कम वेतन मिल रहा है तो व सक्षम प्रधिकारी ( सहायक श्रमायुक्त , मुजफरनगर के समक्ष अधिनियम की धारा 20 के अन्तर्गत ) निर्देशवाद प्रस्तुत कर सकता है प्रत्येक नियोजक फर्म में मस्टर रोल रखेगा। फार्म 10 मे वेतन पर्ची देगा और फार्म – 11 से 16 मे निर्धारित सूचनाएं प्रदर्शित करेगा यदि कोई भी नियोजक राज्य सरकार द्वारा निर्धारत किये गये न्यूनतम वेतन से कम में वेतन देते हुए पाया गया और निर्धारित अभिलेखो के रखरखाव करते हुए नही पाया गया तो उसके विरूद्ध निर्धारित विधिक कार्यवाही (प्राधियोजन निदेशका ) के लिए उत्तर दायी होगा।



    विभिन्न श्रेणी के कर्मचारियों को देय प्रति माह परिवर्तनीय मंहगाई भत्ते की दरें निम्नवत: है:–

    क्र.स.

    श्रेणी

    प्रतिमाह मूल वेतन

     दि0 01.10.09 से 31.03.10 तक देय महंगाई भत्ता

     कुल देय वेतन

    1

    अकुशल

    2600.00

    851.72

    3451.72

    2

    अर्धकुशल

    2964.00

    970.97

    3934.97

    3

    कुशल

    3290.00

    1077.76

    4367.76


    समान परिश्रमिक अधिनियम 1976 :–

    कोई भी नियोजक अपने पुरूष और स्त्री कर्मचारियों में वेतन वितरण/भुगतान में कोई भेदभाव नही करेगां दोनो को एक ही प्रकृति के कार्य के लिए समान वेतन दिया जायेगा।

    संविदा श्रम अधिनियम 1970 :–
     यदि किसी भी प्रतिष्ठान में वर्ष में 12 महीने में किसी भी माह मे एक भी दिन 20 या 20 से अधिक संविदा श्रमिक नियोजित होते है तो सम्बन्धित प्रतिष्ठान को पंजीयन करना होगा और संबन्धित संविदाकार को लाइसेंस लेने हेतु आवेदन करना होगां । प्रत्येक नियोजक को प्रतिष्टान में कार्यरत संविदा श्रमिकों के सम्बन्ध में अधिनियम के प्राविधानों अन्तर्गत निर्धारित रजिस्टर एंव अन्य अभिलेखो का रखरखाव करना अनिवार्य है।

    कर्मकार क्षतिपूर्ति अधिनियम 1923 :–
    यह अधिनियम श्रमिक के नियोजन के साथ नियोजित अवस्था में दुर्घटना ग्रस्त होने पर क्षतिपूर्ति का प्राविधान करता है दुर्घटना की जानकारी किसी भी माध्यम से जानकारी होने पर कार्यभार क्षतिपूर्ति आयुक्त धारा 10 के अन्तर्गत नियोजक को क्षतिपूर्ति की धनराशि जमा करने का नोटिस भेज सकता है जिससे वह धनराशि दुर्घटना ग्रस्त श्रमिक अथवा उसके आश्रितों (मृतक अवस्था में ) को दी जा सके। इसके अतिरिक्त दुर्घटना ग्रस्त श्रमिक या उसके अश्रित इस अधिनियम के अन्तर्गत स्वंय भी अपना वाद सहायक श्रमायुक्त के समक्ष प्रस्तुत कर सकते है।

    आनुतोषिक भुगतान अधिनियम 1972 :–

    यह अधिनियम 10 या 10 से अधिक कर्मकारों को नियोजित करने वाले प्रत्येक दुकान और वाणिज्य अधिष्ठिान/कारखानों पर लागू होता है ग्रेच्युटी का भुगतान सेवा निवृत्ति होने अथवा मृत्यु होने पर उसका किसी बीमारी अथवा दुर्घटना से कार्य करने में अयोग्य होन पर देय होगा। ग्रेच्यूटी का भुगतान न हाने पर कर्मकार अपना वाद सक्षम प्रा​​धिकारी उप श्रामयुक्त सहारनपुर के सम्मुख प्रस्तुत कर सकता है।

    मोटर ट्रान्सपोर्ट कर्मकार अधिनियम :–
    प्रत्येक नियाजक जिसने 2 या 2 से अधिक कर्मकार नियाजित कर रखे है उसे इसे अधिनियम की धारा 2 के अन्तर्गत पंजीयन कराना होगा। इसके अतिरिक्त इस अधिनियम के प्राविधानो के अनुसार निर्धारित रजिस्टर व अभिलेख रखने होगे।

    बंधुआ श्रम अधिनियम 1976:–
    यह अधिनियम बंधुआ श्रम प्रथा को समाप्त करने मे उद्देश्य से बनाया गया है बधुआ श्रमिक से आशय ऐसे श्रमिक से है जिससे जबरन उसकी इच्छा के विरूद्ध कार्य कराया जा रहा है दिये हुए कर्ज के बदले मे बंधक बना कर कार्य कराया जा रहा है। बंधुआ श्रम के उन्मूलन हेतु जनपद स्तर पर जिलाधिकारी की अध्यक्षता में तथा तहसील स्तर पर उप जिलाधिकारी की अध्यक्षता में सतर्कता समितियों का गठन किया गया है। बंधुआ श्रमिकों के पूनर्वासन का कार्य जिलाधिकारी की अध्यक्षता में गठित स्क्रीनिंग कमेटी के माध्यम से कराया जाता है।

    (उत्तर प्रदेश दुकान एवं वाणिज्य अधिष्ठान अधिनियम 1962)

    इस अधिनियम के अन्तर्गत प्रत्येक नगर पालिका और टाउन ऐरिया की सीमा में आने वाले दुकान व वाणिज्य अधिष्ठानों का पंजीयन होना अनिवार्य है इसके साथ ही दुकान वाणिज्य अधिष्ठानों के खुलने व बंद होने का समय एवं साप्ताहिक अवकाश तथा अन्य अवकाश निर्धारित होते है।


    पंजीयन :–
    प्रत्येक दुकान व वाणिज्य अधिष्ठान को अपने प्रारम्भ के 3 माह के अन्दर निर्धारित प्रपत्र मे निर्धारित शुल्क में ट्रेजरी चालान के साथ पंजीयन हेतु आवेदन करना अनिवार्य है। वर्तमान में निर्धारित शुल्क निम्नानुसार है:–

     

    क्र.स.

    कर्मकारो की सख्या

     निर्धारित शुल्क

    1

    बिना कर्मकार के पंजीयन/नवीनीकरण शुल्क

    200

    2

    1 से 5 कर्मकारो पंजीयन/नवीनीकरण शुल्क

    1000

    3

    6 से 10 कर्मकारो पंजीयन/नवीनीकरण शुल्क

    1500

    4

    11 से 25 कर्मकारो पंजीयन/नवीनीकरण शुल्क

    2500

    5

    26 या 26 से अधिक कर्मकारो का पंजीयन/नवीनीकरण शुल्क

    5000

    6

    सिनेमा

     5000


    उक्त के अतिरिक्त प्रत्येक नियोजक /पार्टनर एवं प्रतिश्रमिक हेतु 200/–रू0 प्रति व्यक्ति की दर से दुर्घटना बीमा प्रीमियम भी जमा होता है जिसमें दुर्घटना में मृत्यु होने पर मृतक आश्रित को दो लाख रूपये का मुअवजा आई0सी0आई0सी0आई लोम्बार्ड जनरल इन्श्योरेन्स कम्पनी लि0 द्वारा देय है।

     (रजिस्ट्रीकरण के लिए आवेदन–पत्र का प्रारूप डाउनलोड करें)

      यह बीमा आई0सी0आई0सी0आई0 लोम्बार्ड जनरल इन्श्योरेन्स कम्पनी लि0 द्वारा श्रम ज्योति दुर्घटना बीमा योजना हेतु निर्गत मास्टर पॉलिसी के अधीन बीमा प्रीमियम जमा होंने की तिथि से 5 वर्ष के लिए वैध रहेगा।इस सम्बन्ध में श्रम विभाग के साथ हस्ताक्षरित एम0ओ0यू0 की शर्ते मान्य होगी।
     

    पंजीयन का नवीनीकरण :–

    प्रत्येक पंजीयन 5 वित्तीय वर्षो के लिए वैध है पंजीयन के नवीनकरण है प्रार्थना पत्र निर्धारित शुल्क के ट्रेजरी चालान की मूल प्रति के साथ पंजीयन अवधि समाप्त होने से 15 दिन पूर्व तक अवश्य प्रस्तुत कर देना चाहिए।

    विलम्ब शुल्क :–
    निर्धारित अवधि में नवीनीकरण न होने पर 12) प्रति माह की दर से विलम्ब शुल्क लिया जायेगा।

    पंजीयन में संशोधन :–
    यदि प्रतिष्ठान मे पंजीयन मे नाम पते या कर्मचारियों की संख्या आदि या कंोई परिवर्तन होना हो तो ऐसी स्थिति में सम्बन्धित परिवर्तन/संशोधन के लिए 154 दिन के अन्दर निर्धारित पत्र पर 10रू0 शुल्क ट्रेंजरी चालान के साथ आवेदन कराना चाहिए।
    खुलने व बंद होने का समय :–
    अनुसूची–2 के अन्तर्गत आने वाले दुकानो/वाणिज्य अधिष्ठानो को छोड कर प्रत्येक दुकान व वाणिज्य अधिष्ठान सुबह 9 बजे से पूर्व और सायं 8 बजे बाद नही खुलेगा।
    साप्ताहिक अवकाश :–
    अनुसूची–2 के अन्तर्गत आने वाले प्रतिष्ठानो को छोडकर प्रत्येक जनपद में स्थानीय स्तर पर जिलाधिकारी द्वारा साप्ताहिक अवकाश निर्धारित किये गये है। जनपद मु0नगर के लिये जिलाधिकारी मु0नगर द्वारा निर्धारित साप्ताहिक अवकाश निम्ननुसार है :–

     

    1

    मुजफरनगर शहर साईड

    मंगलवार

    2

    मुजफरनगर मण्डी साईड

     रविवार

    3

     पुरकाजी नगर पालिका क्षेत्र

    गुरूवार

    4

    खतौली नगर पालिका क्षेत्र

    सोमवार

    5

    जानसठ

    शनिवार

    6

    मीरापुर

     शुक्रवार

    7

    भोकरहेड

    शनिवार

    8

    बुढाना

    सोमवार

    9

    शाहपुर

    रविवार

    10

    शामली नगर पालिका क्षेत्र

    रविवार

    11

     थानाभवन

    शनिवार

    12

    जलालाबाद

     शनिवार

    13

     ​​​​झझान

    सोमवार

    14

    कैराना

     बुद्धवार

    15

    कांधला

     बुद्धवार

    16

    ण्चरथावल

     शनिवार


    सार्वजनिक अवकाश :–

    प्रत्येक दुकान एंड वाणिज्य अधिष्ठान निम्न सार्वजनिक अवकाशो पर बंद रहेगा।
    1ण्गणतंत्र दिवस
    2ण्डा0 भीमराव अम्बेडकर जन्मदिवस
    3ण्होली (दुलहेड़ी)
    4ण्स्वतन्त्रता दिवस
    5ण्महात्मा गाँधी जन्मदिवस
    6ण्दीपावली पर्व (गोबरधन )
    7ण्कार्तिक पूर्णिमा
    8ण्ईद–उल–फितर

    कर्मचारियों के लिए अभिलेख :–

    प्रत्येक कर्मचारी के लिए निर्धारित कार्य के घंटे विश्राम अवधि को छोडकर कुल 8 घंटे होगे। प्रत्येक नियोजक अपने कर्मचारियों को निम्न सुविधा देगा।
    1साप्ताहिक अवकाश
    2सार्वजनिक अवकाश
    310 दिन का आकस्मिक अवकाश
    401 वर्ष की सेवा के उपरान्त 25 दि का अर्जित अवकाश
    56 माह की सेवा के उपरान्त 15 दिन का चिकित्सा अवकाश

    वेतन भुगतान प्रत्येक माह की 7 तारीख को।

    अभिलेख :–
    प्रत्येक नियोजक निम्न अभिलेख रखेगा।
    1वेतन भुगतान रजिस्टर (फार्म– जी0)
    2अवकाश रजिस्टर ( फार्म – एच0)
    3अधिनियम में प्राविधानित नियमावली के अनुसार विभन्न नोटिसो/सूचना को प्रदर्शित किया जायेगा।
     

     
     
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