जिला कृषि रक्षा अधिकारी मुजफ्फरनगर
लोक सूचना अधिकारी -                   डा0भारतेन्दु सिहं, जिला कृषि रक्षा अधिकारी मुजफ्फरनगर
पता कार्यालय                                        जिला कृषि रक्षा अधिकारी मुजफ्फरनगर

सहायक लोक सूचना अधिकारी -      बेगराज सिहं व0प्र0सं0/वर्ग1ग्रुप ए
पता                     कार्यालय जिला कृषि रक्षा अधिकारी मुजफ्फरनगर


विभागीय अपीलेट अथोरिटी-
मंडल स्तर                                     उदय कुमार सिहं उप निदेशक (कृषि रक्षा), बेरीबाग सहारनपुर मण्डल सहारनपुर ।
पता                                              कार्यालय उप निदेशक (कृषि रक्षा), बेरीबाग सहारनपुर मण्डल सहारनपुर

राज्य स्तर                                    राजितराम वर्मा कृषि निदेशक उ.प्र लखनऊ, कृषि निदेशलय लखनऊ



1विभिन्न परिस्थिकीय संसाधनो द्वारा कीट/रोग योजना - इस योजना के अन्तर्गत कराये जाने वाले कार्यो का विवरण निम्प्रकार से है।
कइकोफ्रेन्डली रसायन पर 50% अनुदान - इसके अन्तर्गत लघु/सीमान्त कृषको को इकोफ्रेन्डली रसायन मोनोक्रोट्रोफॅास, फासफोमिडान, इण्डोसल्फान, क्लोरोपाईरीफासॅं, कार्बोफयूरान/फोरेट (मिटटी में प्रयोग के लिये) कापॅरआक्सीक्लोराइड, कार्बन्डाजिम, मैनकोजेब,जिनेब,थीरम,स्ट्रैप्टोसाईकलीन,ब्यूटाक्लोर,एनीलोफासॅं,24 डी सोडियम साल्ट, पैन्डामैथलीन, आईसोप्रोट्रान एंव सल्फोसलफयूरान पर 50 % अनुदान अधिकतम रूपया 300/ हैक्टर की दर से अनुमन्य है।


खअनुसूचित जाति/जनजाति के कृषको को इकोफ्रेन्डली रसायन पर 75% अनुदान- इसके अन्तर्गत अन्तर्गत अनुसूचित जाति / जन जाति के कृषको को इकोफ्रेन्डली रसायन मोनोक्रोट्रोफॅास, फासफोमिडान, इण्डोसल्फान, क्लोरोपाईरीफासॅं, कार्बोफयूरान/फोरेट (मिटटी में प्रयोग के लिये) कार्परआक्सीक्लोराइड, कार्बन्डा जिम,मैनकोजेब,जिनेब,थीरम,स्ट्रैप्टोसाईकलीन,ब्यूटाक्लोर,एनीलोफासॅं,24 डी सोडियम साल्ट, पैन्डामैथलीन, आईसोप्रोट्रान एंव सल्फोसलफयूरान 75% अनुदान अधिकतम रूपया 450/ हैक्टर की दर से अनुमन्य है

गबायोऐजेन्ट/बायोपेस्टीसाईडस रसायनो पर 90% अनुदान इसके अन्तर्गत कीट/रोग/खरपतवार नियत्रण हेतु बायोऐजेन्ट/बायोपेस्टीसाईडस रसायनो आजादी रैक्टिन,बी0टी0,ट्राइकोडरमा ,ब्यूवेरियाबेसियाना, सयूडोमोनास, मेटाराइजियम, वर्टीसीलियम, एन0पी0वी0 पर 90% अनुदान अधिकतम 500.00 रूपये प्रति हैक्टर की दर से अनुमन्य है जिसके लिये जनपद में 926 हैक्टर क्षेत्रफल का लक्ष्य है।
घबायोऐजेन्ट/बायोपेस्टीसाईडस के प्रर्दशन से जागरूक्ता पैदा करना इसके अन्तर्गत लघु सीमान्त कृषको हेतु 0.2 हैक्टर के प्रर्दशन हेतु अधिकतम रूप्या 120/ प्रर्दशन की दर से 786 प्रर्दशन आयोजित कराये जाने का प्राविधान है।

ड़अनुसूचित जाति/जनजाति के कृषको के बायोऐजेन्ट/बायोपेस्टीसाईडस के प्रर्दशन से जागरूक्ता पैदा करना- इसके अन्तर्गत अनुसूचित जाति जन जाति के कृषको हेतु बायोऐजेन्ट/बायोपेस्टीसाईडस के 0.1 हैक्टर के प्रर्दशन हेतु अधिकतम रूपये 60/ प्रर्दशन की दर से 400 प्रर्दशन आयोजित कराये जाने का प्राविधान है।
तशत प्रतिशत बीजशोधन हेतु जागरूक्ता पैदा करने एंव 90 अनुदान के माध्यम से सफल संचालन करना भारत सरकार के राष्ट्रीय कार्यक्रम शत प्रतिशत बीज शोधन अभियान के सफल संचालन के क्रम में खरीफ/रबी/जायद की फसलो हेतु जागरूक्ता पैदा करने के लिये बायोऐजेन्ट/बायोपेस्टीसाईडस/इकोफ्रेन्डली रसायन पर 90 % अनुदान द्वारा 1530 हैक्टर क्षेत्रफल का लक्ष्य है। जिसके अन्तर्गत उक्त रसायनो पर अनुदान देने का प्राविधान है।


थकृषि रक्षा उपकरण उपलब्ध कराकर वैज्ञानिक कृषि हेतु प्रेरित करना- इसके अन्तर्गत 50 % अनुदान पर मानव चालित उपकरणो पर अधिकतम रूपया 1500.00 एंव शक्ति चालित उपकरणो पर अधिकतम रूपया 3000.00 अनुमन्य है जनपद में 718 मानव चालित कृषि रक्षा उपकरण एंव 35 शक्ति चालित उपकरण है। उक्त उपकरण जनपद के विकास खण्ड स्तरीय कृषि रक्षा ईकाईयो के माध्यम से वितरण कराया जा रहा है।


दभण्डारण हेतु जी0आई0 बुखारी पर अनुदान की व्यवस्था- प्रदेश में दोषपूर्ण अन्न भण्डारण से भण्डार के कीटो द्वारा कुल क्षति का लगभग 7 प्रतिशत भण्डारण में क्षति होती है विशेषकर बीज के क्षति ग्रस्त होने पर उत्पादन भी प्रभावित होता है। फल स्वरूप् बीज को सुरक्षित रखकर उत्पादन में वृद्धि की जा सकती है। जिसके अन्तर्गत 5,3,2 व 1 कुन्तल की बुखारी पर 50% अधिकतम रूपये 1000.00 प्रति क्षमता अनुसार जो भी हो अनुदान देय है। जनपद में 340 बुखारी हेतु 5 कुन्तल क्षमता की बखारी उपलब्ध है। उक्त बखारी जनपद के विकास खण्ड स्तरीय कृषि रक्षा ईकाईयो के माध्यम से वितरण कराया जा रहा है।

धफारर्मस फील्ड स्कूल(आई0पी0एम0)के माध्यम प्रशिक्षण एंव प्रर्दशन द्वारा कीट रोग नियत्रंण- इसके अन्तर्गत जनपद के 14 विकास खण्डो में प्रति विकास खण्ड में एक गन्ना/सब्जी का प्रशिक्षण एंव प्रर्दशन का आयोजन किया जाना है जिसमें 30 कृषको के समूह को 10 हैक्टर के प्रशिक्षण/प्रर्दशन पर 14 सप्ताह का लक्ष्य है। जिसके अन्तर्गत कृषको को फसलो के उत्पादन बढाने हेतु नवीतम जानकारी एंव रोगो से बचाव की जानकारी दी जाती है।


नकृषक प्रशिक्षण% कृषको को बायोऐजेन्ट/बायोपेस्टीसाइडस के प्रयोग एंव उनके लाभ के साथसाथ तकनीकी जानकारी उपलब्ध कराने हेतु जनपद में 816 कृषको एंव प्रसार कार्यकर्ताओ हेतु सूक्ष्म जलपान,बैठने की व्यवस्था एंव साहित्य की व्यवस्था है। तथा कृषको को वैज्ञानिको द्वारा फसलोत्पादन बढाने हेतु व समय समय पर रोगो से बचाव सम्बन्धी जानकारी उपलब्ध करायी जाती है ताकि कृषक अधिक से अधिक उत्पादन प्राप्त कर सके।
उक्त समस्त मदो में 30 % महिलाओ 25 % अजुसूचित जाति/जनजाति के कृषको को लाभानवित किये जाने की व्यवस्था की गयी है।

2(अ) राष्ट्रीय कृषि विकास योजना- इस योजना के अन्तर्गत कराये जाने वाले कार्यो का विवरण निम्प्रकार से है।
कृषि रक्षा अनुभाग की आई0पी0एम0 कार्य क्रमो को सुदृढीकरण एंव जागरूक्ता के अन्तर्गत रूपया 468500. की स्वीकृति इस जनपद को प्राप्त हुई है जिसमें निम्न प्रकार मदवार व्यय किया गया।
1 बायोऐजेन्ट/बायोपेस्टीसाईडस /इकोफ्रेन्डली रसायनो पर अनुदान - इसके अन्तर्गत जैविक रसायनो इकोफ्रेन्डली रसायन मोनोक्रोट्रोफॅास, फासफोमिडान, इण्डोसल्फान, क्लोरोपाईरीफासॅं, कार्बोफयूरान/फोरेट (मिटटी में प्रयोग के लिये) कार्परआक्सीक्लोराइड, कार्बन्डा जिम,मैनकोजेब,जिनेब,थीरम,स्ट्रैप्टोसाईकलीन,ब्यूटाक्लोर,एनीलोफासॅं,24 डी सोडियम साल्ट, पैन्डामैथलीन, आईसोप्रोट्रान एंव सल्फोसलफयूरान बायोऐजेन्ट/बायोपेस्टीसाईडस रसायन आजादी रैक्टिन,बी0टी0,ट्राइकोडरमा ,ब्यूवेरियाबेसियाना, सयूडोमोनास, मेटाराइजियम, वर्टीसीलियम, एन0पी0वी0 के प्रयोग को लोक प्रिय बनाने के उदेदश्य से लघु सीमान्त कृषको को 50 प्रतिशत अनुदान अधिकतम 250/ हैक्टर की दर से जो भी कम हो जनपद में 616 हैक्टर भौकित लक्ष्य है। जिसकी पूर्ति कर ली गई है।


2 फारर्मस फील्ड स्कूल(आई0पी0एम0)के माध्यम प्रशिक्षण एंव प्रर्दशन - इसके अन्तर्गत जनपद के 04 विकास खण्डो में प्रति विकास खण्ड में एक गन्ना/सब्जी का प्रशिक्षण एंव प्रर्दशन का आयोजन किया गया है जिसमें प्रति प्रर्दशन 30 कृषको के समूह को 10 हैक्टर के प्रशिक्षण/प्रर्दशन पर 14 सप्ताह का प्रशिक्षण एंव गोष्ठी कराने की व्यवस्था है। जिसके अन्तर्गत कृषको को फसलो के उत्पादन बढाने हेतु नवीतम जानकारी एंव रोगो से बचाव की जानकारी दी जाती है।


3 कृषक प्रशिक्षण% कृषको को बायोऐजेन्ट/बायोपेस्टीसाइडस के प्रयोग एंव उनके लाभ के साथसाथ कृषि की तकनीकी एंव आई0पी0एम0 की जानकारी उपलब्ध कराने हेतु जनपद में 1340 कृषको एंव प्रसार कार्यकर्ताओ हेतु 150/ व्यक्ति सूक्ष्म जलपान,बैठने की व्यवस्था एंव साहित्य आदि है। तथा कृषको को वैज्ञानिको द्वारा फसलोत्पादन बढाने हेतु व समय समय पर रोगो से बचाव सम्बन्धी जानकारी उपलब्ध करायी जाती है ताकि कृषक अधिक से अधिक उत्पादन प्राप्त कर सके। जिसकी पूति कर ली गयी है।


4प्रसारसामग्री का विवरण%फसलोत्पादन बढाने हेतु कृषको को कृषि की आधुनिक तकनीकी/ बायोऐजेन्ट/ बायोपेस्टीसाइडस के प्रयोग एंव उनके लाभ की जानकारी कृषको तक पहुचाने के लिये साहित्य,फोल्डर,पम्पलेट,पोस्टर आदि एंव वृत्त चित्र सामग्री का 8710 कृषको में वितरण कराया गया है।


5 समाचार पत्रो के माध्यम से प्रचार प्रसार- फसलोत्पादन बढाने हेतु कृषको को बायोऐजेन्ट/ बायोपेस्टीसाइडस के प्रयोग के बारे में कृषि की आधुनिक तकनीक की जानकारी कृषको तक पहुचाने के लिये स्थानीय समाचार पत्रो, इल्कट्रोनिक मिडीया के माध्यम से उपलब्ध करायी जा रही है।

2(ब) राष्ट्रीय कृषि विकास योजना- इस योजना के अन्तर्गत कराये जाने वाले कार्यो का विवरण निम्प्रकार से है।
1 बीज शोधन के प्रोत्साहन हेतु अनुदान- बीज शोधन के अन्तर्गत जनपद में 770 हेक्टर पर केद्रांश द्वारा 43000 एंव राज्याश द्वारा 34000 कुल कुल 77000.00 की धनराशि आवटिंत है। जिसकी व्यवस्था राष्ट्रीय कृषि विकास योजना से 50 प्रतिशत तथा शेष राज्य सरकार की वित पोषित योजना विभिन्न परिस्थिकीय संसाधनो द्वारा कीट/रोग नियत्रंण योजना से प्रस्तावित है। जिसमें कृषको को बायोऐजेन्ट/बायोपेस्टीसाईडस/इकोफ्रेन्डली रसायन पर 90 % अनुदान अनुमन्य है।


2 बायोऐजेन्ट/बायोपेस्टीसाईडस रसायनो के प्रयोग को प्रोत्साहन हेतु अनुदान - जैविक रसायनो के प्रयोग को लोक प्रिय बनाने हेतु आजादी रैक्टिन,बी0टी0,ट्राइकोडरमा ,ब्यूवेरियाबेसियाना, सयूडोमोनास, मेटाराइजियम, वर्टीसीलियम, एन0पी0वी0 को लघु सीमान्त कृषको को 90 प्रतिशत अनुदान अधिकतम 500/ हैक्टर की दर से जो भी कम दिये जाने का प्राविधान है। जिसमें जनपद में 1360 हैक्टर क्षेत्रफल का लक्ष्य है।


3 खरपतवार नियत्रण योजना अन्तर्गत उत्पादन में खरपतवार से हो रही क्षति को कम करने के लिये लघु ,सीमान्त कृषको को 24 डी सोडियम साल्ट, पैन्डामैथलीन, आईसोप्रोट्रान एंव सल्फोसलफयूरान रसायनो के मूल्य का 50 प्रतिशत अनुदान अधिकतम 300/है0 की दर से जो भी कम हो, की सुविधा उपलब्ध कराये जाने का प्राविधान है। जनपद में 1120 हैक्टेयर भौतिक लक्ष्य है।


4अन्न भण्डारण हेतु धूम्रक रसायन पर अनुदान- अन्न भण्डारण में कीट से होने वाली क्षति को कम करने लिये लघु ,सीमान्त कृषको को एल्यूमिनियम फासफाईड रसायन पर 50 प्रतिशत अनुदान अधिकतम 10.00 प्रति मै0टन की दर से जो भी कम हो, की सुविधा उपलब्ध कराये जाने का प्राविधान है। जनपद में 3790 मै0टन भौतिक लक्ष्य है।


5चूहा नियत्रंण हेतु कृषि रक्षा रसायन पर 50 प्रतिशत अनुदान- उत्पादन में चूहा से हो रही क्षति को कम करने के लिये लघु ,सीमान्त कृषको को जिंक फासफाईड रसायन के मूल्य का 50 प्रतिशत अनुदान अधिकतम 10.00/है0 की दर से जो भी कम हो, की सुविधा उपलब्ध कराये जाने का प्राविधान है। जनपद में 13660 हैक्टेयर भौतिक लक्ष्य है।


6 कृषि रक्षा उपकरण उपलब्ध कराकर वैज्ञानिक कृषि हेतु प्रेरित करना-
इसके अन्तर्गत लघु ,सीमान्त कृषको कृषि रक्षा उपकरण पर 50 प्रतिशत अनुदान उपलब्ध कराकर पे्ररित किया जा रहा है । मानव चालित स्प्रेयर के मूल्य का 50 प्रतिशत अनुदान अधिकतम 1500/,शक्तिचालित उपकरण पर अधिकतम 3000 प्रति उपकरण जो भी कम हो, कृषको को उपलब्ध कराये जाने का प्राविधान है। जनपद में 20 मानव चालित कृषि रक्षा उपकरण एंव 10 शक्ति चालित कृषि रक्षा उपकरण उपलब्ध है। उक्त कृषि रक्षा उपकरण एंव बखारी जनपद के विकास खण्ड स्तरीय कृषि रक्षा ईकाईयो के माध्यम से वितरण कराया जा रहा है।

7 कृषक एंव प्रसार कार्यकर्ताओ का प्रशिक्षण- कृषको को आधुनिक तकनीक की जानकारी हेतु जनपद के विकास खण्ड स्तर पर 730 कृषको को प्रशिक्षण दिया जायेगा है जिस पर प्रति कृषक 150/ की दर से 730 कृषको को प्रशिक्षण दिये जाने का प्राविधान है। कृषको एंव प्रसार कार्यकर्ताओ हेतु सूक्ष्म जलपान,बैठने की व्यवस्था एंव साहित्य की व्यवस्था है। तथा कृषको को वैज्ञानिको द्वारा फसलोत्पादन बढाने हेतु व समय समय पर रोगो से बचाव सम्बन्धी जानकारी उपलब्ध करायी जाती है ताकि कृषक अधिक से अधिक उत्पादन प्राप्त कर सके।


8 समाचार पत्रो के माध्यम से प्रचार प्रसार फसलोत्पादन बढाने हेतु कृषको को कृषि की आधुनिक तकनीक की जानकारी को कृषको तक पहुचाने के लिये अग्रीणय समाचार पत्रो,आकाशवाणी एंव दूरर्दशन के माध्यम से उपलब्ध कराने का प्राविधान है। है।

3 आईसोपाम योजना- इस योजना के अन्तर्गत खरीफ /रबी में दलहन तिलहन एंव मक्का की फसल में अनुदान कार्य कराये जाने वालो का विवरण निम्प्रकार से है।
1 कृषि रक्षा रसायन वितरण% इसके अन्तर्गत उक्त फसलो में कीट/रोग एंव खरपतवार हेतु रसायनो इकोफ्रेन्डली रसायन मोनोक्रोट्रोफॅास, फासफोमिडान, इण्डोसल्फान, क्लोरोपाईरीफासॅं, कार्बोफयूरान/फोरेट (मिटटी में प्रयोग के लिये) कार्परआक्सीक्लोराइड, कार्बन्डा जिम,मैनकोजेब,जिनेब,थीरम,स्ट्रैप्टोसाईकलीन,ब्यूटाक्लोर,एनीलोफासॅं,24 डी सोडियम साल्ट, पैन्डामैथलीन, आईसोप्रोट्रान एंव सल्फोसलफयूरान बायोऐजेन्ट/बायोपेस्टीसाईडस रसायन आजादी रैक्टिन,बी0टी0,ट्राइकोडरमा ,ब्यूवेरियाबेसियाना, सयूडोमोनास, मेटाराइजियम, वर्टीसीलियम, एन0पी0वी0 के मूल्य का 50 प्रतिशत अधिकतम 500/ प्रति हेक्टर की दर से जो भी कम हो अनुमन्य है तिलहन कार्यक्रम पर 90 हैक्टर, दलहन कार्यक्रम पर 75 हैक्टर, एंव मक्का की फसल में 10 हैक्टर पर दिये जाने का प्राविधान है।


2एन0पी0वी0 वितरण- इसके अन्तर्गत कृषको मे दलहनी फसलो में कीट नियत्रण हेतु बायोपेस्टीसाईडस एन0पी0वी0 के प्रयोग के प्रोत्साहन हेतु मूल्य का 50% अधिकतम 250.00 रूपये प्रति हैक्टर दलहन की 5 हैक्टर फसल पर दिये जाने का प्राविधान है।


3 आई0पी0एम0 इसके अन्तर्गत दलहन की फसल पर खरीफ में 02, रबी में 02 एंव तिलहन में 02 आई0पी0एम0 प्रशिक्षण कराये जाने है। जिस पर 10 हैक्टर प्रति प्रर्दशन पर दिये जाने का प्राविधान है। जिसमें कृषको को फसलो में लगने वाले कीट/रोग नियत्रण तथा आधुनिक जानकारी सप्ताहवार कृषको को दी जा ती है।


4 मैक्रोमोड(धान्य फसलो के उत्पादन/उत्पादक्ता बढान कीे) योजना% इस योजना अन्तर्गत धान फसल में अनुदान पर कराये जाने वाले कार्यो का विवरण निम्न प्रकार से है।


इस योजना के अन्तर्गत धान फसल में बायो एंजेन्ट/बायोपेस्टीसाईडस इकोफ्रेन्डली रसायन मोनोक्रोट्रोफॅास, फासफोमिडान, इण्डोसल्फान, क्लोरोपाईरीफासॅं, कार्बोफयूरान/फोरेट (मिटटी में प्रयोग के लिये) कार्परआक्सीक्लोराइड, कार्बन्डा जिम,मैनकोजेब,जिनेब,थीरम,स्ट्रैप्टोसाईकलीन,ब्यूटाक्लोर,एनीलोफासॅं,24 डी सोडियम साल्ट, पैन्डामैथलीन, आईसोप्रोट्रान एंव सल्फोसलफयूरान बायोऐजेन्ट/बायोपेस्टीसाईडस रसायन आजादी रैक्टिन,बी0टी0,ट्राइकोडरमा ,ब्यूवेरियाबेसियाना, सयूडोमोनास, मेटाराइजियम, वर्टीसीलियम, एन0पी0वी0 पर 90 प्रतिशत अनुदान व कृषि रक्षा रसायनो पर 50 प्रतिशत अनुदान अधिकतम 500/ हैक्टर पर दिया जाना है जो 102 हैक्टर क्षेत्र फल पर दिये जाने का प्राविधान है। जिसके अन्तर्गत जनपद के 331 कृषको को लाभान्नवित किया गया है।

प्रमाणित किया जाता है कि अधोहस्ताक्षरित द्वारा उपलब्ध कराई गई जानकारी विभागीय रिकार्ड के अनुसार त्रुटि रहित है। सी0डी0 में दी गई सूचना को जनपद की वेबसाईट पर उपलब्ध करा दी जाये।


(डा0 भारतेन्दु सिंह)
जि़ला कृषि रक्षा अधिकारी
मुज़़फ़रनगर ।
 

दावात्याग%(Disclaimer) एन0आई0सी0 मुजफ्फरनगर इस वेबपृष्ठ पर प्रकाशित गलती के लिये जिम्मेदार नहीं है । इस वेबपृष्ठ पर दी गयी सामग्री एवं तथ्‍यों का उपयोग विधिक उददेश्‍य हेतु नहीं किया जा सकता।अधिक जानकारी के लिये सम्बन्धित विभाग से सम्पर्क करें ।

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