प्रान्तीय खंड लोक निर्माण विभाग मुजफ्फरनगर
कार्यालयाध्यक्ष का पदनाम: अधिशासी अभियन्ता कार्यालय का पता: प्रान्तीय खंड, लो0नि0वि0, मुजफरनगर। विभागाध्यक्ष का पदनाम: प्रमुख अभियन्ता(विकास) विभाग का पता: विकास भवन 104 महात्मा गॉधी मार्ग लोक निर्माण विभाग लखनऊ। दूरभाष : 0131– 2433239 फैक्स: 0131 – 2433239 ईमेल एड्रैस: pdpwdmzn@gmail.com eecdpwdmzn@gmail.com जनसूचना अधिकारी: इं0 ओमकांर सिंह कदम सहायक जन सूचना अधिकारी: इं0 वाई0एन0सक्सैना अपीलय अधिकारी: इं0 अतर सिंह मुख्यालय का पता: प्रान्तीय खंड, लो0नि0वि0, मुजफरनगर। दूरभाष: 0131 – 2433239 फैक्स नं0: 0131 – 2433239 ई मेल एड्रेस: pdpwdmzn@gmail.com विभाग की वेब साईट का एड्रेस: uppwd.up.nic.in लोक निर्माण विभाग के अन्तर्गत जनपदीय खंडों में ठेकेदारी हेतु पंजीकरण की प्रक्रिया:– जनपद मुजफरनगर में लोक निर्माण विभाग के 3 खंड है जिनके अन्तर्गत मार्गो / भवन कार्यो के नव–निर्माण / मरम्मत आदि के कार्य सम्पादित कराये जाते है। खंड स्तर पर पंजीकरण दो श्रेणीयों (श्रेणी–क् एवं श्रेणी–म्) में किया जाता है। इन श्रेणीयों में में पंजीकरण की प्रक्रिया निम्नवत है:– श्रेणी–क् में पंजीकरण हेतु आवयश्क अभिलेख :– 1.जिलाधिकारी महोदय द्वारा निर्गत चरित्र प्रमाणपत्र। 2.जिलाधिकारी महोदय द्वारा निर्गत हैसियत प्रमाणपत्र। सामान्य जाति हेतु आरक्षित जाति के लिए हैसियत रू0 5.00 लाख हैसियत रू0 2.50 लाख धरोहर धनराशि रू0 0.50 लाख धरोहर धनराशि रू0 0.25 लाख
3.व्यापारकर विभाग में पंजीकरण 4.आयकर विभाग में पंजीकरण 5.रिशतेदारी से सम्बन्धित सर्टिफिकेट 6.जाति प्रमाणपत्र। श्रेणी–म् में पंजीकरण हेतु आवयश्क अभिलेख :– 1.जिलाधिकारी महोदय द्वारा निर्गत चरित्र प्रमाणपत्र। 2.धरोहर धनराशि रू0 2500.00 मात्र 3.व्यापारकर विभाग में पंजीकरण 4.आयकर विभाग में पंजीकरण 5.रिशतेदारी से सम्बन्धित सर्टिफिकेट 6.जाति प्रमाणपत्र। 1. उद्देश्य:– प्रदेश में सड़कों, सेतुओं, रेलवे उपरिगामी/अधोगामी सेतुओं/बाईपास एवं रिंग रोड के नव निर्माण, पुन: निर्माण, उनके सुधार तथा रख–रखाव व अनुरक्षण तथा गांवों को पक्के मार्गो से जोड़ने जैसी महती दायित्वों का निर्वहन लोक निर्माण विभाग, उत्तर प्रदेश द्वारा किया जाता है। प्रदेश से गुजरने वाले राष्ट्रीय मार्गों एवं राज्य मार्गो का रखरखाव तथा निर्माण कार्यों में गुणवत्ता व समयबद्वता सुनिश्चित कराने के लिए भी उत्तरदायी हैं। 2. कार्यक्षेत्र:– जनपद मु0नगर में लोक निर्माण विभाग के तीन खण्ड कार्यरत् है। जिनका कार्यक्षेत्र निम्न तालिका में दर्शाया गया है :– क्रम सं0 खण्ड का नाम कार्य क्षेत्र 1 प्रा0ख0 लोक निर्माण विभाग मुजफ्फरनगर। विधान सभा क्षेत्र खतौली, मोरना एवं जानसठ के अन्तर्गत पडने वाले समस्त मार्ग कार्य। 2 निर्माण खण्ड लोक निर्माण विभाग मुजफ्फरनगर। विधान सभा क्षेत्र कैराना, कांधला एवं थानाभवन के अन्तर्गत पडने वाले समस्त मार्ग कार्य। 3 निर्माण खण्ड–1 लोक निर्माण विभाग मुजफ्फरनगर। विधान सभा क्षेत्र बघरा, चरथाल एवं मुजफ्फरनगर (सदर) के अन्तर्गत पडने वाले समस्त मार्ग कार्य। विभाग में निम्न योजनाओं के अन्तर्गत मार्गों के निर्माण कराये जाते हैं। (1) नाबार्ड वित्त पोषित आर.आई.डी.एफ. योजना :– ग्रामों को पक्के सम्पर्क मार्गों से जोड़ने एवं ग्रामीण क्षेत्रों में सेतु निर्माण हेतु यह योजना वर्ष 1996–97 में प्रारम्भ की गई थी। वर्ष 1996–97 से 2001–02 तक आर.आई.डी.एफ.–2 से 7 योजनान्तर्गत मार्ग/सेतु के निर्माण कार्य स्वीकृत किये गये है। आर.आई.डी.एफ.–8 व 9 योजनान्तर्गत कोई कार्य स्वीकृत नही है। वर्ष 2005–06 में आर.आई.डी.एफ. 10 व 11 योजनान्तर्गत कार्य स्वीकृत किये गये है। वर्ष 2008–09 में आर.आई.डी.एफ.–14 के अन्तर्गत कार्य स्वीकृत हुए है। वर्तमान में 1 कि.मी. एवम् इससे अधिक लम्बाई के ग्रामीण मार्गो को सिंगल कनेक्टिविटी प्रदान किये जाने हेतु इस योजना के अन्तर्गत मार्ग निर्माण कार्य प्रस्तावित किये जा रहे है। (2) राज्य सेक्टर सामान्य:– प्रदेश में स्थित राज्य मार्ग, प्रमुख जिला मार्ग तथा अन्य जिला मार्गों के चौड़ीकरण/सुदृढ़ीकरण का कार्य तथा सेतुओं का निर्माण का कार्य इस योजनान्तर्गत कराया जा रहा है। स्थानीय जनप्रतिनिधियों/ महत्वपूर्ण व्यक्तियों/संस्थाओं द्वारा क्षेत्रीय कार्यालय में प्रस्तुत मांग पर विभागीय सस्ं तिुत आख्या के आधार पर प्रदेश सरकार के वित्तीय संसाधनों के अधीन इस योजना के अन्तर्गत कार्य शासन द्वारा स्वीकृत कर कार्य कराये जाते हैं। (3) जिला योजना सामान्य :– इस योजना के अन्तर्गत प्रदेश के ग्रामों को पक्के सम्पर्क मार्गों से जोड़ने हेतु ग्रामीण सम्पर्क मार्ग के निर्माण कार्य कराये जाते है। स्थानीय जनप्रतिनिधियों/महत्वपूर्ण व्यक्तियों/संस्थाओं द्वारा क्षेत्रीय कार्यालय में प्रस्तुत मांग पर विभागीय संस्तुति आख्या के आधार पर प्रदेश सरकार के वित्तीय संसाधनों के अधीन इस योजना के अन्तर्गत कार्य शासन द्वारा स्वीकृत कर कार्य कराये जाते हैं। (4) राज्य सड़क निधि:– वर्ष 1999–2000 में मार्गों के अनुरक्षण हेतु राज्य सड़क निधि की स्थापना की गई जिसके लिए वित्तीय संसाधनों का सृजन पेट्रोल एवं डीजल पर अतिरिक्त व्यापार कर लगा कर किया गया है। प्रदेश के राज्य मार्ग/प्रमुख जिला मार्ग/अन्य जिलामार्ग/ग्रामीण मार्गो का पुन: निर्माण/सुदृढ़ीकरण/चौड़ीकरण/सुधार कार्य इस योजनान्तर्गत कराया जाता है। स्थानीय जनप्रतिनिधियों/महत्वपूर्ण व्यक्तियों/संस्थाओं द्वारा क्षेत्रीय कार्यालय में प्रस्तुत मांग पर विभागीय संस्तुति आख्या के आधार पर प्रदेश सरकार के वित्तीय संसाधनों के अधीन इस योजना के अन्तर्गत कार्य शासन द्वारा स्वीकृत कर कार्य कराये जाते हैं। (5) स्पेशल कम्पोनेन्ट प्लान:– प्रदेश में अनुसूचित जाति/जन–जाति बाहुल्य क्षेत्रों में ग्रामों को पक्के सम्पर्क मार्गो से जोड़ने हेतु इस योजनान्तर्गत कार्य कराये जाते हैं। क्षेत्रीय कार्यालय में प्रस्तुत माँग पर विभागीय संस्तुति आख्या के आधार पर प्रदेश सरकार के वित्तीय संसाधनों के अधीन इस योजना के अन्तर्गत कार्य शासन द्वारास्वीकृत कर कार्य कराये जाते है। (6) केन्द्रीय मार्ग निधि:– प्रदेश की राज्य मार्गो प्रमुख जिला मार्गो के सुधार (चौड़ीकरण एवं सुदृढ़ीकरण) इस योजना के अन्तर्गत भारत सरकार द्वारा स्वीकृत किये जाते हैं। स्थानीय मांग के आधार पर क्षेत्रीय कार्यालयों के स्तर से प्रमुख अभियन्ता के माध्यम से शासन में प्राप्त प्रस्तावों को संकलित रूप से भारत सरकार को भेजकर भारत सरकार द्वारा स्वीकृत किये जाते है तथा शत–प्रतिशत् वित्तीय पोषण भारत सरकार द्वारा किया जाता है। इस योजना के अन्तर्गत इन्टर स्टेट कनेक्टिविटि के कार्य प्रथमिकता पर भारत सरकार द्वारा स्वीकृत किये जाते है। (7) विशेष मरम्मत योजना:– विभिन्न कारणों से मार्गों के क्षतिग्रस्त हुए भागों का विशेष मरम्मत मद तथा दैवीय आपदा राहत कोष से किया जाता है। इस योजना हेतु आवंटित एकमुश्त धनराशि का व्यय क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों से विचार–विमर्श कर सुनिश्चित किया जाता है। (8) सामान्य अनुरक्षण एवं रखरखाव मद:– मार्गो के सामान्य अनुरक्षण एवं रखरखाव का कार्य सामान्य अनुरक्षण एवं रखरखाव मद से किया जाता हैं। इस योजना से सामान्यत: मार्गो पर पैच मरम्मत का कार्य किया जाता है। (9) भवन सम्बन्धी कार्य:– प्रत्येक जनपद में वी0आई0पी0 कालोनी का रखरखाव सर्किट हाउस, तथा पूल्ड आवासों का रखरखाव भी लोक निर्माण विभाग द्वारा किया जाता है। इसके अतिरिक्त भवन कार्यो का निर्माण भी कराया जाता है। (10) कार्यो की गुणवत्ता एवं शिकायतों का निराकरण:– कार्यो की गुणवत्ता पर विभाग द्वारा विशेष ध्यान दिया जाता है तथा गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए तकनीकी अधिकारियों के टोली के माध्यम से जांच कराई जाती है। विभाग में इस हेतु टेक्निकल आडिट सेल गठित है। विभिन्न माध्यमों से प्राप्त शिकायतों की जांचइस सेल से कराकर दोषियों के विरूद्ध कार्यवाही की जाती है। 4. नागरिकों से अपेक्षाऐं तथा चार्टर पर सुझाव हेतु सम्पर्क सूत्र :– मार्ग पर अतिक्रमण न करें। मकानों की नीव की ऊॅचाई इस प्रकार रखी जाये कि घरों एवं दुकानों का पानी सड़क पर न बहे। मागोंर् पर कूडा करकट आदि न डालें। मागाेंर् को साफ रखें। नागरिक एवं अन्य कोई विभाग बिना लो0नि0वि0 की अनुमति के मार्ग को न काटें। यदि किसी व्यक्ति द्वारा अनाधिकृत रूप से सड़क काटी जाये, तो इसकी सूचना तत्काल सम्बन्धित अधिशासी अभियंता को दी जाये। सरकारी भवनो को साफ सुथरा एवं सुरक्षित रखने में सहयोग करें। यदि किसी पुल में कोई क्षति हो तो उसकी सूचना तुरन्त सम्बन्धित अधिशासी अभियन्ता/सहायक अभियन्ता को दें। पुल/फेरी पर पथकर का भुगतान अवश्य करें। पर्यावरण की सुरक्षा हेतु पौधे लगायें। मार्गों के किनारे लगे पेड़ों को काटने तथा नुकसान होने से बचायें।
6. ‘‘सूचना के अधिकार’’ हेतु व्यवहार संहिता :– लोक निर्माण विभाग द्वारा ‘‘सूचना के अधिकार’’ हेतु व्यवहार संहिता को सहर्ष अंगीकृत किया गया है। इसके अन्तर्गत प्रत्येक नागरिक को विभाग के कार्यकलापों व योजनाओं इत्यादि के सम्बन्ध में सूचनायें उपलब्ध कराये जाने की व्यवस्था है। इससे जनता को सरकार द्वारा चलाये जा रहे विकास कार्यों की जानकारी सम्भव होगी तथा विकास कार्यो को और अधिक प्रभावशाली बनाने में जनता के सुझावों एवं सहयोग की भागीदारी सुनिश्चित होगी। सूचना प्राप्त करने हेतु जिला स्तर पर अधिशासी अभियन्ता, प्रान्तीय खण्ड, जन सूचना अधिकारी तथा उनके अधीन सहायक अभियन्ता (मुख्यालय) सहायक जन सूचना अधिकारी का कार्य देखेगें। मुख्यालय स्तर पर इस कार्य हेतु 96, महात्मा गॉंधी मार्ग, लखनऊ स्थित प्रमुख अभियन्ता कार्यालय में जन सूचना वितरण केन्द्र की स्थापना की गई है। 7. जन सूचना वितरण केन्द्र का विवरण :– प्राधिकृत अधिकारी पता दूरभाष जन सूचना अधिकारी श्री वाई0एन0 सक्सैना, अधिशासी अभियन्ता प्रा0ख0 लो0नि0वि0 मु0नगर। सहायक जन सूचना अधिकारी, आर0के0 मिश्रा सहायक अभियन्ता प्रा0 ख0 लो0नि0वि0, मु0नगर। अपील अधिकारी, अधिशासी अभियन्ता, प्रान्तीय खण्ड (प्रत्येक जनपद) तथा क्षेत्रीय अधिकारी अधिशासी अभियन्ता कार्यालय, प्रान्तीय खण्ड (प्रत्येक जनपद) . सूचना चाहने वाले व्यक्ति को जन सूचना वितरण केन्द्र से नि:शुल्क उपलब्ध निर्धारित प्रारूप पर आवेदन करना होगा तथा निर्धारित शुल्क, जो सूचना केन्द्र में प्रदर्शित रहेंगे, नकद जमा करने पर ही वांछित सूचना उपलब्ध करायी जायगी। गरीबी रेखा से नीचे रहने वालों से कोई शुल्क नही लिया जायेगा। यदि इस सम्बन्ध में कोई कठिनाई हो तो अधीक्षण अभियन्ता, 10 वां वृत्त (भवन) प्रमुख अभियन्ता कार्यालय लो0नि0वि0, लखनऊ से सम्पर्क किया जा सकता है। 8. एक्ट के सेक्शन 8 एवं 9 की श्रेणी के अन्तर्गत आने वाले विषयाें की सूचना, सूचना दिये जाने वाले अधिकार से मुक्त है। कतिपय श्रेणी की सूचनायें, जो सूचना के अधिकार के दिशा–निर्देश के सलंग्नक–1 में वर्णित है और सूचना दिये जाने के अधिकार के अन्तर्गत अवमुक्त नही है वे, सुसंगत प्रकरण घटित होने के 20 वर्ष के बाद युक्तायुक्त कारणों के आधार पर अवमुक्त हो सकती है। 9. विभागीय अपीलेन्ट अधिकारी के ऊपर अगला अपीलेन्ट अधिकारी सूचना आयुक्त होगा। 10. जन सूचना अधिकारी से सूचना प्राप्त न होने की दशा में प्रथम/द्वितीय अपीलेन्ट अधिकारी के यहॉं तीस दिन के अन्दर (जो कि 45 दिन तक बढ़ायी जा सकती है) अपील की जा सकती है। 11. उपरोक्त नागरिक चार्टर की समीक्षा प्रतिवर्ष की जायेगी एवं तत्समय प्रभावी कार्यकलापों के अधीन संशोधन किये जायेगें। 12. सूचना के अधिकार एक्ट–2005 के प्राविधान ओवरराइडिंग प्रकृति के है अर्थात पूर्व के प्राविधान या किसी अन्य एक्ट में इस एक्ट के विपरीत बात होते हुये भी सूचना के एक्ट 2005 एक्ट के प्राविधान सुसगत प्रकरण में लागू माने जायेगें। विभाग द्वारा कराये गये कार्य के लिये क्लिक करें english दावात्याग:(Disclaimer) एन0आई0सी0 मुजफ्फरनगर इस वेबपृष्ठ पर प्रकाशित गलती के लिये जिम्मेदार नहीं है । इस वेबपृष्ठ पर दी गयी सामग्री एवं तथ्यों का उपयोग विधिक उददेश्य हेतु नहीं किया जा सकता।अधिक जानकारी के लिये सम्बन्धित विभाग से सम्पर्क करें ।
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