गन्ना शोध संस्थान,मुजफफरनगर
प्रजनन अनुभाग

प्रजनन अनुभाग द्वारा सम्पादित किये जा रहे परीक्षणों का नाम तथा उददेच्च्य
अ- बसन्त कालीन परीक्षण -
१. परीक्षण की टाइटल - द्वितीय पीढ़ी सम्वर्धन परीक्षण
परीक्षण का उददेच्च्य - द्वितीय पीढ ी संततियो का संवर्धन तथा वांक्षित गुणों के आधार सतंतियो का चयन करना।
२. परीक्षण का नाम - प्राथमिक जातीय परीक्षण
परीक्षण का उददेच्च्य - जल्द पकने वाली तथा अधिकतम द्रार्करा वाली एवं मध्य देर से पकने वाली प्रजातियों की पहचान करना।
३. परीक्षण का नाम - प्रमापीय जातीय परीक्षण
परीक्षण का उददेच्च्य - विभिन्न जलवायु हेतु उपयुक्त प्रजातियों का खेती करने हेतु चयन करना।
४. परीक्षण का नाम - समरूप क्षेत्रिय जातीय परीक्षण
परीक्षण का उददेच्च्य - खेती हेतु अवमुक्त तथा नवविकसित प्रजातियों को विभिन्न क्षेत्रों में परीक्षण कर उनकी उपयुक्तता का पता करना।
५. परीक्षण का नाम - देर से बुवाई परीक्षण
परीक्षण का उददेच्च्य - देर बुवाई हेतु उपयुक्त प्रजातियों की पहचान करना।
६. परीक्षण का नाम - प्रमापीय जातीय परीक्षण - पेडी
परीक्षण का उददेच्च्य- अच्छी पेड ी क्षमता वाली उपयुक्त प्रजातियो की पहचान करना।
७. परीक्षण का नाम - देर से बुवाई परीक्षण - पेड ी
परीक्षण का उददेच्च्य - देर से बुवाई की गयी अच्छी पेड ी क्षमता वाली प्रजातियों की पहचान करना।
ब- अखिल भारतीय समन्वित गन्ना द्राोध परियोजना -
अखिल भारतीय समन्वित गन्ना द्राोध परियोजना के अन्तर्गत नार्थ वेस्ट जोन में खेती हेतु उपयुक्त प्रजातियों का चयन करते हेतु वर्द्गा २०१०-२०११ में कुल सात परीक्षण सम्पादित किये गये।

१. एडवान्स वराइरल ट्रायल - अर्ली - प्प्दक प्लान्ट
२. एडवान्स वराइरल ट्रायल - अर्ली - पेड़ी
३. एडवान्स वराइरल ट्रायल - मिडलेट - प्प्दक प्लान्ट
४. एडवान्स वराइरल ट्रायल - मिडलेट - रैटून
५. एडवान्स वराइरल ट्रायल - अर्ली - प्प्दक प्लान्ट
६. एडवान्स वराइरल ट्रायल - मिडलेट - प्ेज प्लान्ट
७. इनीच्चियल वराइटल ट्रायल - अर्ली
स- द्रारद्‌कालीन परीक्षण -
१. परीक्षण का नाम - समरूप क्षेत्रिय जातीय परीक्षण - द्रारद्‌
परीक्षण का उददेच्च्य - खेती हेतु अवमुक्त तथा नवविकसित प्रजातियों को विभिन्न क्षेत्रों में परीक्षण का उनकी द्रारद्‌काल में बुवाई को उपयुक्तता का पता करना।
२. परीक्षण का नाम - जर्म प्लाज्म का मूल्यांकन करना
परीक्षण का उददेच्च्य - जर्म प्लाज्म को मेन्टेन तथा मूल्यांकन करना।

द्रास्य अनुभाग
द्रारद कालीन -

१. द्रारद कालीन पौधा फसल की कटाई कर अच्छी पेडी फसल हेतु अन्तः फसलों एवं कृद्गाण क्रियाओं का प्रभाव ज्ञात करना।
२. द्रारदकालीन गन्ने की बुवाई विधियों एंव आर्थिक विवेचन द्वारा गन्ने की उत्पादन क्षमता बढाना।
३. गेंहूॅं आधारित फसल प्रभावी में गन्ना बुवाई की सुगम प्रणालीयों द्वारा गन्ने की उत्पादकता एवं प्रोफिटेबिलिटी का अध्ययन।
४. ट्रैंच विधि द्वारा बोये गये द्रारदकालीन गन्ने के साथ विभिन्न अन्तः फसलों की उपयुक्तता का अध्ययन।
५. क-गन्ने की उत्पादकता एवं आर्थिकता पर ट्रैंच विधि में सैट प्लेसमेंट का अध्ययन।
ख- ट्रैंच विधि में बोये गये गन्ने के टुकडों पर मिटटी की गहराई एवं सिचाई का गन्न की उत्पादकता एंव प्रोफिटेविलीटी ज्ञात करना।

बसन्तकालीन -
१. गन्ने में घासीय एंव अघासीय खरतपवारों पर डीकेम्बा के प्रभाव का अध्ययन।
२. गन्ने की नवीन एंव होनहार प्रजातियों पर उर्वरक स्तर एवं बुवाई दूरी का अध्ययन।
३. गुड उत्पादन हेतु विभिन्न जलवायु दच्चा में गन्ने की उपयुक्त प्रजातियों को ज्ञात करना।
४. बसन्त कालीन गन्ने की ट्रैंच विधि द्वारा बुवाई एंव अन्तः फसल उर्द के साथ गन्ने में उर्वरक की मात्रा व सिचाईयों की संखया बढाकर गन्ने की उत्पादकता एंव प्रोफिटेबिलिटी बढाना।
५. नवीन एंव होनहार गन्ना प्रजातियों की उपयुक्तता का विभिन्न जोन में कृद्गाक प्रक्षेत्रो पर अध्ययन।
दैहिकी अनुभाग
१. द्राुद्गक अवरोधी गन्ना जातीय चयन (बसन्तकालीन बुवाई के अर्न्तगत)
२. कम नमी की दच्चा के अर्न्तगत होनहार गन्ना प्रजातियों का मूल्यांकन करना।
३. गन्ने की फसल पर जैव उत्प्रेरक (नाइट्रोबेन्जीन) का प्रभाव (च्चरदकालीन बुवाई)
४. गन्ने की फसल पर वृद्धि, उपज एंव रस गुणवत्ता पर जैव-उत्प्रेरक का प्रभाव व आकलन करना।
मृदा एवं कृद्गिा रसायन अनुभाग
१. यह अनुभाग किसानों के खेत की मिट्‌टी की पोद्गाक तत्वों की जॉंच करके उनको खादीय सुझाव के साथ परिणाम उपलब्ध करता है, जिससे किसान सन्तुलित मात्रा में उर्वरको का प्रयोग कर सकें।
२. यह अनुभाग में चीनी मिल परिक्षेत्र के ग्रामवार मृदान्यादर्च्च एकत्रित कर उनका विच्च्लेच्चण करके उर्वरा मानचित्र बनाकर सम्बन्धित मिल को खादीय सुझाव सहित उपलब्ध कराता है। इस क्रम में जनपद मुजफरनगर की विभिन्न चीनी मिल भैसाना, द्राामली,ऊन, मोरना, बिलाई (बिजनौर), साबितगढ (बुलन्दच्चहर) चीनी मिल का कार्य पूर्ण किया गया है।
३. विभिन्न चीनी मिलों के प्रतिविधियों को मृदा विच्च्लेद्गाण कार्य की विस्तृत प्रच्चिक्षण दिया जाता है जिससे ये अपने चीनी मिल के किसानों की मृदा की जॉंच कर उर्वरको की संस्तुति दे सके।

कीट अनुभाग
१. पच्च्िचमी उ०प्र० की विभिन्न चीनी मिल क्षेत्रों की गन्ना फसल पर कीटों का सर्वेक्षण कर रोकथाम सम्बन्धी जानकारी कराना।
२. गन्ना प्रजातियों का प्रमुख कीटों के प्रति व्यवहारिकता का अध्ययन करना।
३. समय-समय पर कीटों के नियन्त्रण हेतु परीक्षणों के माध्यम से कीटनाच्चक एवं उनकी मात्रा का अध्ययन कर संस्तुति करना।
बीज अनुभाग
१. बीज अनुभाग द्वारा अभिजनक पौधच्चालाओं की बुवाई करायी जाती है।
२. अभिजनक पौधच्चालाओं की बुवाई वर्द्गा में दो बार बसन्त (मार्च) एवं द्रारदकाल (अक्टूबर) की जाती है।
३. अभिजनक पौधच्चालाओं की बुवाई से पहले गन्ने को कीट एंव रोगमुक्त करने के बाद ही बोया जाता है। जिससे बीज गन्ना रोग मुक्त ही पैदा हो।
४. बीज अनुभाग द्वारा अभिजनक पौधच्चालाओं का बीज गन्ना इस केन्द्र से पच्च्िचमी उ०प्र० के लगभग ३१ चीनी मिल क्षेत्र के गन्ना विकास विभागों को आधार पौधच्चाला की बुवाई हेतु आपूर्ति किया जाता है।
५. गन्ना विकास विभाग कृद्गाको से सम्पर्क करके आधार पौधच्चालाओं के बीज गन्ने को अपने-अपने मिल क्षेत्रों में कृद्गाको के खेतों में बुवाई कराते हैं।
६. इसका मुखय उद्‌देच्च्य कृद्गाकों तक कीट एवं रोगमुक्त अधिक चीनी एवं अधिक उपज देने वाली प्रजाति का क्षेत्र में विकास करना एवं पुरानी कीट एंव रोग ग्रसित तथा कम चीनी एवं कम उपज देने वाली प्राजातियों को समय-समय पर हटाना है।