जिला सेवायोजन अधिकारी, मुजफ्फरनगर।

कार्यालयाध्यक्ष का ईमेल पता
ajaykrishna2204@yahoo.in
कार्यालय का पता   जिला सेवायोजन कार्यालय, आई.टी.आई. कैम्पस,
                                      सुजडू चुंगी, मेरठ रोड, मुजफ्फरनगर।
फैक्स
विभागाध्यक्ष का ईमेल पता
dilip101150@yahoo.com
विभागीय वेबसाईट का पता
www.directoratetremp.com
मुख्यालय का पता निदेशक,   प्रशिक्षण एवं सेवायोजन निदेशालय, उ0प्र0
                                                  गुरू गोविन्द सिंह मार्ग, लखनऊ
फैक्स                                          05222635754


जन सूचना अधिकारी      श्री अजय कृष्ण यादव,
                                                 जिला सेवायोजन अधिकारी,
                                                मुजफ्फरनगर।


सहायक जन सूचना अधिकारी
अपीलीय अधिकारी                  श्री वाई.एन.लाल.,
                                                                               क्षेत्रीय सेवायोजन अधिकारी,
                                                                               मेरठ।


कार्यालय के क्रियाकलाप जिनके लिये शासन ने विभाग/कार्यालय बनाया है

द्वितीय विश्व युद्ध के बाद विसैन्यीकृत सैनिक कार्मिकों और सेवा मुक्त सैनिकों को सुव्यवस्थित तरीके से नागरिक जीवन में पुन: समाहृत करने के उद्देश्य से जुलाई 1955 में पुन: स्थापन और रोजगार महानिदेशालय की स्थापना की गयी और धीरेधीरे देश के विभिन्न भागों में रोजगार कार्यालय खोले गये।
1947 में देश का विभाजन होने पर रोजगार कार्यालयों को बडी संख्या में विस्थापित हुए लोगों का पुन: स्थापन करने के लिए कहा गया। बढती हुई लोकप्रियता को देखते हुए इस सेवा में कार्यक्षेत्र का धीरेधीरे विस्तार किया गया और 1948 के शुरू तक रोजगार कार्यालय सभी श्रेणियों के आवेदकों के लिए भी खोल दिये गये।
श्री बी0 शिवराव की अध्यक्षता में गठित प्रशिक्षण और रोजगार सेवा संगठन सेवा समिति की रिपोर्ट के आधार पर रोजगार संगठन के मौजूदा ढांचे में व्यावसायिक अनुसंधान, व्यावसायिक मार्गदर्शन और रोजगार बाजार सूचना का विस्तार किया गया।
भारत में रहने वाले भारत के सभी नागरिक रोजगार प्राप्ति में सहायता के लिए, रोजगार कार्यालय में पंजीकरण करवाने के पात्र होते हैं। जिन आवेदको को राज्य के निदेशक या महानिदेशक ने विशेष रूप से छूट दी हो उन्हें छोड कर शेष सभी आवेदको का पंजीकरण उसी रोजगार कार्यालय में किया जायेगा जिसके अधिकार क्षेत्र में वे सामान्यत: रहते हो।
प्रत्येक प्रकार के आवेदक तीन वर्ष के पश्चात अपने पंजीकरण का नवीनीकरण करवा सकते है। पंजीकरणकर्ता पंजीकरण के मास के दौरान या उसके बाद वाले 2 महीने में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर अथवा डाक द्वारा नवीनीकरण करवा सकते है।
नियोक्ताओं द्वारा कार्यालय को अधिसूचित की जाने वाली रिक्तियों हेतु उनके द्वारा निर्धारित योग्यता/अनुभव के अनुरूप नियमानुसार अभ्यर्थियों की सूची नियोक्ता को समप्रेषित की जाती है।
व्यवसाय मार्गदर्शन एवं स्वत: रोजगार/कैरियर काउन्सलिंग के अन्तर्गत शैक्षिक, आर्थिक, शारीरिक दृष्टि कोण के मध्य नजर व्यवसाय चयन में बेरोजगार अभ्यर्थियों को सहायता प्रदान की जाती है।
रोजगार बाजार सूचना के अन्तर्गत ई0आर0प् के माध्यम से रिक्तियों और कार्मिकों के सम्बन्ध में त्रैमासिक विवरण तथा ई0आर0प्प् के माध्यम से कर्मचारियों के सम्बन्ध में व्यवसायिक और शैक्षिक द्विवार्षिक विवरण सम्बन्धी सूचना सरकारी और निजी संस्थानों से एकत्रित कर संकलित की जाती है। जिसका उपयोग क्षेत्र में रोजगार के स्तर में निरन्तर होने वाले परिवर्तनों के आकंलन में तथा राष्ट्रीय एवं राज्य स्तर योजना निर्माण तथा प्रशासन सम्बन्धी प्रयोजनो के लिये किया जाता है।

कार्यालय के अन्तर्गत शिक्षण एवं मार्गदर्शन केन्द्र द्वारा दिया जाना वाला प्रशिक्षण

1. शिक्षण एवं मार्ग दर्शन केन्द्र वर्ष 198485 मे निदेशक, प्रशिक्षण एवं सेवायोजन, श्रम विभाग उ0प्र0, लखनऊ के अधीन जिला सेवायोजन कार्यालय, मुजफ्फरनगर में शिक्षण एवं मार्ग दर्शन केन्द्र की स्थापना की गयी। शिक्षण एवं मार्ग दर्शन केन्द्र की स्थापना का मुख्य उददेश्य तृतीय श्रेणी के लिपिकीय वर्ग के पदो के लिये निर्धारित न्यूनतम योग्यता रखने वाले अनुसूचित जाति, जनजाति, पिछडे वर्ग के अभ्यर्थियों की रोजगारिता में वृद्धि करने हेतु निर्धारित परीक्षाओं के स्तर आदि के अनुसार प्रशिक्षण प्रदान करना है।

शिक्षण एवं मार्गदर्शन केन्द्र के मुख्य कार्य निम्नवत् है

1कम्प्यूटर, टंकण तथा आशुलिपि का प्रशिक्षण देना।
2शिक्षण एवं मार्गदर्शन केन्द्र में उक्त के अतिरिक्त सामान्य अध्ययन, सामान्य हिन्दी, सामान्य अंग्रेजी, सामान्य गणित, सचिवालय पद्धति तथा बुक कीपिंग व्यवसायों में भी अध्ययन प्रदान किया जाता है।
3विभिन्न स्त्रोतों से विज्ञापित तृतीय श्रेणी के लिपिकीय पदों हेतु परीक्षा एवं साक्षात्कार की विघा का समन्यक ज्ञान कराना।
4अनुसूचित जाति/जनजाति/पिछडे वर्ग विशेष कर ग्रामीण क्षेत्र के अभ्यर्थियों के व्यक्तित्व को उन्नत करनें तथा अपने विचार व्यक्त करने की क्षमता में सुधार लाने के लिये उनमें आत्मविश्वास उत्पन्न करने वाली वार्ताओं का आयोजन करना।
5विभिन्न सेवाओं/पदों के लिये निर्धारित न्यूनतम वांछित योग्यताओं, आयु सीमा, वेतन क्रम एवं भर्ती के लिए निर्धारित परीक्षाओं आदि की सूचना एकत्रित करना व उसके आधार पर अभ्यर्थियों को कोंचिग प्रदान कर उनको अधिक योग्य व उपयुक्त बनाना।
शिक्षण एवं मार्गदर्शन केन्द्र में स्वीकृत कुल सीट संख्या 50 हैं जिसमें अनुसूचित जाति/जनजाति के 75 प्रतिशत तथा पिछडी जाति के 25 प्रतिशत अभ्यर्थी चयनित किये जाते हैं। प्रशिक्षण की अवधि एक वर्ष (अप्रैल से मार्च तक) है।
2. व्यवसाय मार्गदर्शन केन्द्र व्यवसाय मार्गदर्शन इकाई की स्थापना का मुख्य ध्येय व्यवसाय चयन/व्यवसाय परिवर्तन से सम्बन्धित समस्याओं के समाधान हेतु अभ्यर्थियों को मार्गदर्शन प्रदान करना हैं। अभ्यर्थियों की शैक्षणिक, व्यक्तिगत, व्यवसायिक, सामाजिक, स्वास्थ्य आदि से सम्बधित पृष्ठभूमि को ध्यान नें रखते हुए उन्हें व्यवसाय/सेवा चयन हेतु मार्ग दर्शन प्रदान किया जाता है।

व्यवसाय मार्गदर्शन इकाईयों को कैरियर स्टडी सैन्टर के रूप में विकसित किया जा रहा हैं। इनके अन्तर्गत विद्यालयों में कैरियर कांउसलिंग कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है तथा कैरियर गाइडेंस से सम्बन्धित पुस्तिक का प्रकाशन भी किया जा रहा है।

रोजगार मेला आदि के माध्यम से अभ्यर्थियों को रोजगार प्रदान करने में सहायता की जा रही हैं तथा सवेतन रोजगार के सीमित अवसरों को दृष्टिगत रखते हुए अभ्यर्थियों को स्वत:नियोजन सम्बधि जानकारी प्रदान की जा रही हैं और स्वत:नियोजन हेतु प्रेरित किया जा रहा हैं। इसके अन्तर्गत अभ्यर्थियों को विभिन्न वित्तीय संस्थाओं द्वारा दी जानी वाली सुविधाओं से अवगत कराया जाता हैं।


जनसामान्य से सम्बन्धित योजनाओं का सम्पूर्ण विवरण, योजनाओं के लाभ के लिए आवेदन पत्रों के प्रारूप, शुल्क विवरण, अर्हता

जनसामान्य से सम्बन्धित योजना का विवरण बेरोजगार अभ्यर्थियों को रोजगार उपलब्ध करानें हेतू उनका पंजीयन किया है। स्थानीय एवं बाहरी नियोजको से प्राप्त रिक्तियों में नियोजक की मांग के अनुुसार बेरोजगारी अभ्थर्थियों के नाम भेजे जाते है।

आवेदन पत्र का प्रारूप कार्यालय में पंजीकरण कराने हेतू एक्स1 एवं एक्स10 के प्रारूप निम्नलिखित ह
 

दावात्याग:(Disclaimer) एन0आई0सी0 मुजफ्फरनगर इस वेबपृष्ठ पर प्रकाशित गलती के लिये जिम्मेदार नहीं है । इस वेबपृष्ठ पर दी गयी सामग्री एवं तथ्‍यों का उपयोग विधिक उददेश्‍य हेतु नहीं किया जा सकता।अधिक जानकारी के लिये सम्बन्धित विभाग से सम्पर्क करें ।

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