जिला कार्यक्रम अधिकारी मु0नगर।
कार्यालयाध्यक्ष का पदनाम          जिला कार्यक्रम अधिकारी मु0नगर।
कार्यालयाध्यक्ष का पता                तृतीय तल विकास भवन, मु0नगर।
कार्यालयाध्यक्ष का ईमेल पता         
DPOOFFICEMZN@YAHOO.IN
विभागीय वेबसाईट
                      ICDSUPWEB.ORG
                                                   ICDSUP.ORG, ICDSUP.NIC.IN
कार्यालयाध्यक्ष का फैक्स नं001312621729

विभागाध्यक्ष का पदनामनिदेशक, बाल विकास सेवा एंव पुष्टाहार, उ0प्र0 लखनऊ।
विभागाध्यक्ष का पतातृतीय तल, इन्दिरा भवन, उ0प्र0 लखनऊ।
विभागाध्यक्ष का ई मेल पता
        ICDSUP@NIC.IN
विभागीय वेबसाईट                        
  ICDSUPWEB.ORG
                                                 ICDSUP.ORG
विभागाध्यक्ष का फैक्स नं005222287032

जनसूचना अधिकारी का नामश्रीमती दीप्ति भार्गव,
जनसूचना अधिकारी का पदनामजिला कार्यक्रम अधिकारी मु0नगर।
सहायक जनसूचनाधिकारी का नामश्रीमती गीता वर्मा, बाल विकासपरियोजना अधिकारी, द्राहर/सदर - मुजफरनगर।
श्री सुच्चील कुमार, बाल विकास परियोजना अधिकारी, पुरकाजी - मु०नगर
श्रीमति सुबोध, प्रभारी बाल विकास परियोजना
अधिकारी मोरना-मु०नगर
श्री विपिन कुमार मैत्रेय, बाल विकासपरियोजना अधिकारी, खतौली- मु०नगर
श्रीमति मधुबाला, प्रभारी बाल विकासपरियोजना
अधिकारी, चरथावल - मुजफरनगर।
श्रीमती मीना मिश्रा, बाल विकास परियोजना अधिकारी, थानाभवन-मु०नगर
श्रीमति सुद्गामा द्रार्मा, प्रभारी बाल विकास परियोजना अधिकारी, ऊन - मुजफरनगर।
श्रीमती राजकुमारी, प्रभारी बाल विकास परियोजना अधिकारी, कांधला -मुजफरनगर।
श्रीमती देवकली यादव, बाल विकासपरियोजना अधिकारी, बुढाना-मु०नगर
श्रीमति सुच्चीलादेवी, प्रभारी बाल विकास परियोजना अधिकारी द्रााहपुर - मुजफरनगर।
श्री नागेन्द्र मिश्र, बाल विकास परियोजना अधिकारी, बघरा-मु०नगर
श्रीमति द्राारदा बर्मन, प्रभारी बाल विकास परियोजना अधिकारी, द्राामली -मुजफरनगर।
श्रीमती सुदेच्च भारती, प्रभारी बाल विकास परियोजना अधिकारी, कैराना - मुजफरनगर।
श्रीमती चन्द्रलता श्रीवास्तव, बाल विकास परियोजना अधिकारी, जानसठ-मुजफरनगर।

अपीलीय अधिकारी का विवर्षणसहायक निदेशक, बाल विकास सेवा एंव पुष्टाहार, उ0प्र0 लखनऊ।
 

बाल विकास सेवा एंव पुष्टाहार विभाग का नागरिक चार्टर दृष्टि

महिलाओं एंव शिशुओं के कल्याणार्थ विभिन्न विभागों द्वारा संचालित कार्यक्रमों के समन्वय एंव अनुश्रवण करने तथा महिलाओं को देश की मुख्य विकास की धारा मे संचालित करने उनको सामाजिक एंव आर्थिक रूप से आत्म निर्भर बनाने के दृष्टिगत बाल विकास सेवा एंव पुष्टाहार विभाग की स्थापना की गयी है।देश का भविश्य 06 वर्श के बच्चो मे निहित है। आज के बच्चे कल के नागरिक है इसलिये यह आवश्यक है कि बच्चो के सर्वागीण विकास की आवश्यकता है। इसके लिये बच्चों के गर्भ मे आने से लेकर ही देखभाल किया जाना नितान्त आवश्यक है। इसके लिये बच्चे के स्वास्थ्य, शिक्षा तथा पोशण के लिये समुचित व्यवस्था किये जाने की आवश्यकता है।
लाभपत्र :
07 माह से 03 वर्श के शिशु
03 वर्श से 06 वर्श के शिशु
गर्भवती महिला
धात्री मातायें
किशोरी बालिकायें

हमारी गतिविधियां :
1 नवजात शिशुओं की देखभाल एंव प्रारम्भिक शिक्षा 2 स्वास्थ्य प्रतिरक्षण (टीकाकरण) 3 स्वास्थ्य जाँच 4 स्वास्थ्य एंव पोशण शिक्षा 5 दिशा निर्देश एंव सन्दर्भ सेवायें।
 

हमारी सेवायें :
1 अनुपूरक पोशाहार
2 स्वास्थ्य प्रतिरक्षण (टीकाकरण)
3 स्वास्थ्य जाँच
4 पोशण एंव स्वास्थ्य शिक्षा
5 स्कूल पूर्व शिक्षा
6 दिशा निर्देशन एंव सन्दर्भ सेवायें

हमारा संकल्प :
बाल विकास सेवा एंव पुष्टाहार विभाग, 06 वर्श तक के बच्चों, गर्भवती महिलायें, धात्री मातायें एंव किशोरी बालिकाओें के स्वास्थ्य पोशण तथा षैक्षिक स्तर से गुणात्मक सुधार लेने के लियें प्रतिबद्ध है।
इसके लिये भारत सरकार द्वारा प्रदेश को आवश्यक वित्तीय संसाधन तथा अन्य प्रकार से सहयोग प्रदान करती है, जिसके द्वारा बच्चों के सर्वागीण विकास, अच्छे स्वास्थ्य, कुपोशण को दूर करने के लिये अनुपूरक पोशाहार तथा स्कूल पूव शिक्षा ग्रहण करने के लिये विभिन्न कार्यक्रम चलाये जा रहे है। साथ ही साथ किशोरी बालिकाओं को स्वास्थ्य शिक्षा और व्यवसायिक प्रशिक्षण उपलब्ध कराकर उनको सामाजिक एंव आर्थिक रूप से सुसंगत बनाने हेतु कार्यक्रम चलाये जा रहे है। इसके अतिरिक्त विश्व बैंक, केयर, विश्व खाद्य कार्यक्रम तथा यूनिसेफ द्वारा भी समयसमय पर विभिन्न प्रकार से सहायता तथा मार्ग दर्शन प्रदान किया जाता है।


कार्यक्रम के मुख्य उदेदश्य :
1 बच्चों के षारीरीक, मानसिक एंव सामाजिक विकास की नीव डालना।
2 06 वर्श के छोटे बच्चों के स्वास्थ्य एंव पोशण में सुधार लाना।
3 मृत्युदर, अस्वस्थता, कुपोशण एंव स्कूल की पढाई छोडने वाले बच्चों की दर में कमी लाना।
4 बाल विकास को बढ़ावा देने हेतु विभिन्न विभागों के बीच नीती निर्धारण एंव कार्यक्रम क्रियान्वयन।
5 उचित सामुदायिक शिक्षा के माध्यम से माताओं की क्षमताओं का विकास करना, जिससे वे बच्चों के स्वास्थ्य, पोशण, विकास की आवश्यकताओंं को पहचान सकें, और उचित निर्णय ले सके और देखभाल कर सके।
उपरोक्त उद्देश्य की पूर्ति हेतु 5001500 की ग्रामीण आबादी पर एक आंगनबाडी केन्द्रो की स्थापना की जाती है।


हमारा लक्ष्य :
1 अति कुपोशित एंव आंशिक रूप से कुपोशित बच्चों की संख्या मे कमी लाना।
2 शिशु मृत्युदर मे कमी लाना।
3 कम वजन वाले नवजात शिशुओं की संख्या मे कमी लाना।

विभाग की मुख्य गतिविधियों का संक्षिप्त विवर्षण :
1 अनुपूरक पोशहार :
इस कार्याक्रम के अन्तर्गत 07 माह से 06 वर्श के कुपोशित तथा अति कुपोशित बच्चों, गर्भवती तथा धात्री माताओं एंव किशोरी बालिकाओं को कुपोशण दूर करने के उददेश्य से अनुपूरक पुष्टाहार उपलब्ध कराया जाता है। कुपोशित बच्चों को कम से कम 300 कैलोरी उर्जा और 0810 ग्राम प्रोटीन, अति कुपोशित बच्चों, किशोरियों, गर्भवती तथा धात्री महिलाओं के लिये 600 कैलोरी उर्जा तथा 20 से 25 ग्राम प्रोटीन प्रतिदिन अनुपूरक पुष्टाहार में प्रतिदिन उपलब्ध कराने का मानक तैयार किया गया है।
2 स्वास्थ्य प्रतिरक्षण (टीकाकरण) :
विभाग द्वारा स्वास्थ्य विभाग की सहायक से परियोजना क्षेत्र मे आने वाले 01 वर्श के बच्चों तथा गर्भवती महिलाओं को टीके लगवाये जाते है एंव आंगनबाडी कार्यकत्री, गर्भवती महिलाओं एंव बच्चों की स्वास्थ्य जाँच क्षेत्रीय ए0एन0एम0 के माध्यम से कराती है।
3 स्वास्थ्य जाँच :
रोगो के निवारण तथा प्राथमिक उपचार के लिये आंगनबाडी कार्यकत्री द्वारा प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र एंव स्वास्थ्य विभाग की स्थानीय स्तर पर कार्यरत ए0एन0एम0 से समन्वय कर आवश्यक दवाइया दिलाने की व्यवस्था करती है।
4 पोशण एंव स्वास्थ्य शिक्षा :
आंगनबाडी कार्यकत्री द्वारा गृह सम्पर्क के दौरान तथा अंागनबाडी केन्द्रो पर महिलाओं को बच्चों के लालन, पालन, स्वास्थ्य, सफाई एंव सामान्य बिमारियों के संबध में शिक्षित किया जाता है।
5 स्कूल पूर्व शिक्षा :
03 से 06 वर्श के आयु वर्ग के बच्चों को स्कूल पूर्व शिक्षा प्रदान की जाती है। यह समेकित बाल विकास परियोजना का एक महत्तवपूर्ण अंग है। बच्चों के प्राथमिक विद्यालय में जाने से पहले आंगनबाडी शिक्षा प्रक्रिया का पहला चरण है। इसका उददेश्य बच्चों की षारीरीक, नैतिक और सामाजिक विकास के साथ ही उनकी भाशा एंव बुद्धि का भी विकास करना है।
6 निर्देशन एंव संदर्भ सेवा :
अंगनबाडी कार्यकत्र्री स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के सहायता से क्षेत्र के अन्तर्गत आने वाले बच्चों एंव गर्भवती महिलाओं को स्वास्थ्य सेवायें हेतु संदर्भित करती है।
7 किशोरी बालिकाओं को पुष्टाहार (एन0पी0ए0जी0):
वित्तीय वर्श 2002 से राश्ट्रीय पोशाहार मिशन योजना के नाम से प्रदेश के जनपद सोनभद्र व मिर्जापुर में संचालित की जा रही थी, जिसे भारत सरकार द्वारा वर्तमान में किशोरी बालिकओं को पुष्टाहार (एन0पी0ए0जी0) के नाम से 11 वर्श से 19 वर्श तक की किशोरियों को 06 किग्रा0 प्रतिमाह की दर से नि:शुल्क खाद्यान्न 03 माह तक उपलब्ध कराया जायेगा। 03 माह बाद लाभार्थी का पुन: वजन किया जायेगा तथा वजन मे बढोत्तरी न होेने पर चिकित्सकीय परामर्श के बाद आगामीय 03 माहों तक पुन: खाद्यान्न उपलब्ध कराना जायेगा।


सम्पर्क :


1सचिव
महिला एंव बाल विकास विभाग,
उत्तर प्रदेश शासन , लखनऊ, उत्तर प्रदेश
दूरभाश : 05222237157


2निदेशक
बाल विकास सेवा एंव पुष्टाहार
उत्तर प्रदेश, लखनऊ।
दूरभाश : 05222287248


3अपर निदेशक, (प्रशासन) दूरभाश : 0255 2287086


4 सहायक निदेशक/जनसूचना अधिकारी,
दूरभाश : 0255 2287086


1महामाया गरीब बालिका आशीर्वाद

राज्य सरकार की सर्वजन हिताय सर्वजन सुखाय की नीती को दृष्टिगत रखकर प्रदेश सरकार ने महामाया गरीब बालिका आशीर्वाद योजना आरम्भ की है।
यह योजना 15 जनवर्षी 2009 को एंव इसके उपरान्त जन्मी बालिकाओं को आच्छादित करेगी।
योजना के अन्तर्गत बालिका के जन्म होेने पर एकमुश्त धनराशि 18 वर्ष के लिये सावधि जमा की जायेगी।
बालिका के 18 वर्ष की आयु तक अविवाहित रहने की स्थिति मे बालिका को परिपक्व राशि का भुगतान किया जायेगा, जो लगभग एक लाख रू0 होगी।
बी0पी0एल0 परिवार मे जन्मी पहली बालिका को योजना का लाभ मिलेगा।
बी0पी0एल0 परिवार मे जन्मी दूसरी बालिका को योजना का लाभ उसी स्थिति मे मिलेगा जब दूसरी सन्तान भी बालिका हो अर्थात इस योजना का लाभ अधिकतम दो बालिकाओं तक सीमित है। किन्तु प्रथम व द्वितीय प्रसव मे एक से अधिक बालिकांए जन्म लेती है तो ऐसी सभी बालिकाओं को इस योजना का लाभ दिया जायेगा।
यदि पात्र परिवार ने अनाथ बालिका को कानूनन गोद लिया है तो उसे भी योजना का लाभ दिया जायेगा, यदि अन्य शर्ते पूर्ण हो।

आवेदन कैसे करें :
1. योजना का लाभ लेने के लिए समीप के आंगनबाडी केन्द्र से सम्पर्क कर नि:शुल्क आवेदन पत्र प्राप्त करें।
2. ग्रामीण क्षेत्र में बी0पी0एल0 सूची मे नाम होना अनिवार्य है।
3. शहरी क्षेत्र म बी0पी0एल0 कार्ड/अन्त्योदय कार्ड होना अनिवार्य है।
4. बालिका के जन्म का पंजीकरण जन्म मृत्यु रजिस्टर पर होना आवश्यक है।

5. घर के समीपस्थ आंगनबाडी केन्द्र पर जन्म के एक वर्ष के अन्दर पंजीकरण कराना होगा।

6. बालिका के जन्म के एक वर्ष के अन्दर आवेदन पत्र आंगनबाडी कार्यकत्र्री को प्रस्तुत करे।
अधिक जानकारी के लिए अपने समीप के आंगनबाडी केन्द्र से सम्पर्क करें।
बाल विकास सेवा एंव पुष्टाहार विभगा, उत्तर प्रदेश।


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बुक नम्बर ............................. फार्म नम्बर ..................................
योजना के अन्तर्गत अभ्यर्थी बालिका का विवरण :
1    माता का नाम :
2    पिता का नाम :
3    अभिभावक का नाम :
4    पूर्ण पता :
5    नवजात बालिका का नाम :
6    नवजात बालिका की जन्म तिथि/स्थान :
7    जन्म/मृत्यु रजिस्टर में पंजीकरण संख्या :
8    माता/पिता अथवा अभिभावक का मूल निवास प्रमाण पत्र
9    श्रेणी : (अनु0जाति/अनु0जनजाति/अन्यपिछडा वर्ग/सामान्य) ...................................
10    महामाया गरीब बालिका आर्शीवाद योजना के अन्तर्गत परिवारकी पूर्व में लाभ प्राप्त करने वाली बालिकाआें के नाम :
11    यह पुत्री मेरी पहली/दूसरी पुत्री है :
12    कुल जीवित संतान(इस पुत्री को सम्मिलित करते हुए) :
13    बी0पी0एल0 कार्ड की संख्या व दिंनाक :
14    व्यवसायमाता :
        पिता :
15    आंगनबाडी केन्द्र का नाम :
16    परियोजना का नाम :
17    जनपद का नाम :

घोषणा
मैं घोषणा करता/करती हूँ कि आवेदन पत्र में दिये गये समस्त विवर्षण मेरी जानकारी के अनुसार सत्य है। इस पुत्री के नाम से अन्य कोई आवेदन नही किया गया है। ऊपर दिये गये विवर्षण में कोई सूचना असत्य पाये जाने पर फार्म निरस्त कर दिया जाये।
आवेदक का बायें हाथ                                                                                                                                                            आवेदक के हस्ताक्षर
का अंगूठा निशानी                                                            स्पष्ट नाम एंव बालिका से सम्बन्ध
संलग्न : बी0पी0एल0 कार्ड एंव
 

जन्म मृत्यु पंजिका के सम्बन्धित पृष्ठ की प्रमाणित प्रतिलिपि


आंगनबाडी कार्यकत्री का नाम व हस्ताक्षर


मुख्य सेविका का नाम व हस्ताक्षर


बाल विकास परियोजना अधिकारी का नाम
(हस्ताक्षर मुहर सहित)

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2 किशोरी शक्ति योजना :
इस योजना के अन्तर्गत किशोरी बालिकाओं को प्रजनन, स्वास्थ्य समस्याओं एंव अधिकरों के प्रति जागरूक करना, पोशण संबधी रक्ताल्पता को कम करना, किशोरी बालिकाओं उचित जानकारी एंव सूचनाओं द्वारा उनके षरीर एंव स्ंवय के बारे में जागरूक करना स्वरोजगार के अवसर के उददेश्य से 03 दिवसीय स्वास्थ्य एंव पोशण हेतु विशेश प्रशिक्षण एंव 60 दिवसीय तकनीकी व्यवहारिक प्रशिक्षण जैसे सिलाई, कढाई, बुनाई, आचार मुरब्बा आदि का प्रशिक्षण पोलिटैक्निक, नेहरू युंवा केन्द्र, आई0टी0आई0, स्वैच्छिक संस्थाओं के माध्यम से प्रशिक्षित कर लाभान्वित किया जाता है।



10जनसामान्य के लिये उपयोगी निर्देशो/नियमों/शासनादेशो का विवरण

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संख्या 184/602092/1(62)/08
प्रेषक,
आर0एस0 वर्मा,
प्रमुख सचिव,
उत्तर प्रदेश शासन।
सेवा में,
1. निदेशक
बाल विकास सेव एंव पुष्टाहार
उ0प्र0 लखनऊ।
2. समस्त जिलाधिकारी
उत्तर प्रदेश।
महिला एंव बाल विकास अनुभाग2                                                                                                                                                लखनऊ : दिंनाक 16 जनवर्षी 2009
विषय :महामाया गरीब बालिका आशीर्वाद योजना।
महोदय,
उपरोक्त विषयक निदेशक, बाल विकास सेवा एंव पुष्टाहार के पत्र संख्या 3870/बा0वि0परि0/म0ग0 ब0आ0यो0/09 दिंनाक 09.1.09 के संदर्भ मे मुझे यह कहने का निर्देश हुआ है कि शासन की सर्वजन हिताय सर्वजन सुखाय की नीती को दृष्टिगत रखते हुए प्रदेश सरकार द्वारा समाज में बालक और बालिकाओं के घटते अनुपात भू्रण हत्या को रोकने एंव बालिकाओं को सम्मानजनक/आत्मनिर्भर बनाने की दृष्टि से तथा बालिकाओं के जन्म के प्रति जनता मे सकारात्मक सोच लाने एंव बाल विवाह रोकने के उद्देश्य से महामाया गरीब बालिका आशीर्वाद योजना प्रारम्भ की गयी है। यह योजना 15 जनवर्षी 09 एंव इसके उपरान्त जन्मी बालिकाओं पर लागू होगी।
2.योजना हेतु बालिकाओं की पात्रता निम्नवत् है :
1महामाया गरीब बालिका आशीर्वाद योजना उत्तर प्रदेश के मूल निवासी बी0पी0एल0 परिवार मे जन्मी ऐसी बालिकाओं के लिए है, जिनका जन्म 15 जनवर्षी 2009 अथवा उसके उपरान्त हुआ हो।
2बी0पी0एल0 परिवार मे जन्मी पहली बालिका को योजना का लाभ मिलेगा।
3बी0पी0एल0 परिवार मे जन्मी दूसरी बालिका को योजना का लाभ उसी स्थिति मे मिलेगा, जब दूसरी सन्तान भी बालिका हो अर्थात इस योजना का लाभ अधिकतम दो बालिकाओं तक ही सीमित है, किन्तु प्रथम अथवा द्वितीय प्रसव में एक से अधिक बालिकायें जन्म लेती है तो ऐसी सभी बालिकाओं को इस योजना का लाभ दिया जायेगा।
4यदि पात्र परिवार ने अनाथ बालिका को कानूनन गोद लिया है तो उसे प्रथम बालिका मानते हुए योजना का लाभ दिया जायेगा, यदि अन्य शर्ते पूर्ण हों।
5बालिका के जन्म का पंजीकरण जन्ममृत्यु रजिस्टर पर होना आवश्यक है।
3.योजना के अन्तर्गत पंजीकरण हेतु बालिका के जन्म के एक वर्ष के अन्दर निकटस्थ आंगनबाडी केन्द्र पर पंजीकरण कराया जाये तथा योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए बालिका के मातापिता/अभिभावक द्वारा बालिक के जन्म के एक वर्ष के अन्दर आवेदन पत्र आंगनबाडी कार्यकत्री को प्रस्तुत करना होगा। आंगनबाडी कार्यकत्री द्वारा आवेदन पत्र भरने तथा अन्य वांछित प्रमाण पत्र एकत्र करने में पूर्ण सहयोग प्रदान किया जाये।
4.योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए बालिका के अभिभावक द्वारा आंगनबाडी केन्द्र पर उपलब्ध नि:शुल्क फार्म भर कर आंगनबाडी कार्यकत्री को प्रस्तुत किया जायेगा। आंगनबाडी कार्यकत्री द्वारा बी0पी0एल0 कार्ड की प्रतिलिपि व जन्ममृत्यु पंजीकरण की प्रति सहित मुख्य सेविका को उपलब्ध कराया जायेगा। मुख्य सेविका द्वारा आवश्यक जांच पड़ताल करने के उपरान्त अपनी संस्तुति सहित आवेदन पत्र बाल विकास परियोजना अधिकारी को उपलब्ध कराया जायेगा। बाल विकास परियोजना अधिकारी द्वारा जिला कार्यक्रम अधिकारी कार्यालय में आवेदन पत्रों को जांचोपरान्त सूचीबद्ध करते हुए उपलब्ध कराया जायेगा। जिला कार्यक्रम अधिकारी सभी फार्मो का परीक्षण कर जिलाधिकारी को प्रस्तुत करेगें। जिलाधिकारी स्वीकृतकर्ता अधिकारी होगे। स्वीकृति के पश्चात् समस्त अभिलेख जिला कार्यक्रम कार्यालय मे प्रेषित किये जायेगे। जिलाधिकारी की स्वीकृति के बाद जिला कार्यक्रम अधिकारी अग्रिम कार्यवाही कर बालिका के नाम जमा धनराशि का प्रमाण पत्र, जो राज्य सरकार के पक्ष मे बन्धक होगा, बालिका के अभिभावक को दिया जायेगा।
5.योजना के अन्तर्गत चयनित बालिका के नाम एकमुश्त धनराशि 18 वर्ष के लिए सावधि जमा/एन0एस0सी0 के रूप मे रखी जायेगी। बालिका के 18 वर्ष की आयु तक अविवाहित रहने की स्थिति में तथा सावधि जमा धनराशि की 18 वर्ष की परिपक्वता अवधि पूर्ण होने पर ब्याज सहित समस्त धनराशि, जो एक लाख रू0 होगी, को बालिका के पक्ष में जिला कार्यक्रम अधिकारी द्वारा हस्ताक्षरित कर दिया जायेगा।
6.लाभार्थी के स्तर पर योजनान्तर्गत निर्धारित शर्ते पूरी न करने अथवा लाभार्थी की मृत्यु होने की स्थिति मे जिला​िाकारी के अनुमोदनोपरान्त जिला कार्यक्रम अधिकरी द्वारा उक्त सावधि जमा/एन0एस0सी0 को निरस्त कराते हुए समस्त धनराशि को राजकोष में जमा कर दिया जायेगा।
7.महामाया गरीब बालिका आशीर्वाद योजना में लाभार्थी को लाभ 18 वर्ष की आयु प्राप्त कर लेने के पश्चात् अनुमन्य होगा। अत: योजना के अभिलेखो का रखरखाव अत्यन्त महत्तवपूर्ण है। आंगनबाडी केन्द्र स्तर, बाल विकास परियोजना कार्यालय, जिला कार्यक्रम अधिकारी कार्यालय एंव जिलाधिकारी के स्तर पर अभिलेखों का रखरखाव किया जायेगा जिसके प्रारूप संलग्न । व ।। है। साथ ही महामाया गरीब बालिका आशीर्वाद योजना के अन्तर्गत लाभ प्राप्त करने वाले लाभार्थियों हेतु प्रार्थना पत्र का प्रारूप भी संलग्न ।।। है।
कृपया उपरोक्तानुसार कार्यवाही सुनिश्चित करने का कष्ट करें।
यह आदेश वित्त विभाग के अशासकीय संख्याई3196/दस09 दिंनाक 16.1.09 में प्राप्त उनकी सहमति से निर्गत किये जा रहे है।
संलग्नक :उपरोक्तानुसार। भवदीय,


(आर0एस0 वर्मा)
प्रमुख सचिव
पृष्ठांकित संख्या तददिंनाक उपरोक्तानुसार।
प्रतिलिपि :समस्त जिला कार्यक्रम अधिकारी उ0प्र0 को सूचनार्थ एंव आवश्यक कार्यवाही हेतु प्रेषित।


(आर0एस0 वर्मा)
प्रमुख सचिव
 

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संख्या 4034/602092/1(62)/08 टी0सी0।
प्रेषक,
अमल कुमार वर्मा,
प्रमुख सचिव,
उत्तर प्रदेश शासन।
सेवा में,
1. निदेशक
बाल विकास सेव एंव पुष्टाहार
उ0प्र0 लखनऊ।
2. समस्त जिलाधिकारी
उत्तर प्रदेश।
महिला एंव बाल विकास अनुभाग2                                                                                                                                                           लखनऊ : दिंनाक 5 अक्टूबर 2009
विषय :महामाया गरीब बालिका आशीर्वाद योजना के अन्तर्गत शतप्रतिशत आच्छादन किये जाने के संबध में।
महोदय,
उपरोक्त विषयक अपने पत्र सं0 1021/बा0वि0परि0/म0ग0बा0आ0यो07/0910 दिंनाक 16 सितम्बर 2009 तथा शासन के पत्र सं0 2199/602092/ 1(62)08 टी0सी0।। दिंनाक 12.06.09 का संदर्भ ग्रहण करने का कष्ट करें।
2.दिंनाक 10.9.09 को विकास एंव प्रशासनिक कार्यो की राज्य स्तरीय सम्पन्न समीक्षा बैठक के दौरान यह तथ्य प्रकाश मे आये है कि महामाया गरीब बालिका आशीर्वाद योजना के अन्तर्गत कम संख्या मे आवेदन पत्र प्राप्त हो रहे है, जबकि शतप्रतिशत आच्छादन होना आवश्यक है। अत: योजना के प्रचार प्रसार की आवश्यकता है। इस कार्य हेतु आंगनबाडी कार्यकत्रियों को आंगनबाडी केन्द्र की परिधि मे आने वाले जन सामान्य को योजना के संदर्भ मे अधिकतम जानकारी देते हुए जागरूक बनाने व योजना का लाभ उठाने हेतु प्रचारप्रसार करने के लिए निर्देश अपने स्तर से जारी करने का कष्ट करें।
3.इस योजना के संबध में यह भी स्पष्ट किया जाता है कि महामाया गरीब बालिका आशीर्वाद योजना का लाभ उत्तर प्रदेश के मूल निवासी बी0पी0एल0 परिवार मे जन्मी ऐसी बालिकाओं को अनुमन्य होगा जिनके मातापिता शासनादेश सं0 2199/602092/1(62)08 टी0सी0।। दिंनाक 12.06.09 में निर्धारित पात्रता की शर्ते पूरी करते हों।
इस संबध में मुझे यह भी कहने का निर्देश हुआ है कि आंगनबाडी कार्यकत्रियों/मुख्य सेविकाओं के माध्यम से महामाया गरीब बालिका आशीर्वाद योजना के पात्र बी0पी0एल0 परिवारों की जांच कर ली जाये और यह सुनिश्चित कर लिया जाये कि कोई भी पात्र व्यक्ति योजना से वंचित न रहने पाये।
भवदीय,


(अमल कुमार वर्मा)
प्रमुख सचिव
पृष्ठांकित संख्या तददिंनाक उपरोक्तानुसार।
प्रतिलिपि :समस्त जिला कार्यक्रम अधिकारी उ0प्र0 को सूचनार्थ एंव आवश्यक कार्यवाही हेतु प्रेषित।


(अमल कुमार वर्मा)
प्रमुख सचिव
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निदेशालय बाल विकास सेवा एंव पुष्टाहार, उ0प्र0 लखनऊ।
पंत्राक: सी451/बा0वि0परि0/अनु0/200910दिंनाक 29..6.09

समस्त जिला कार्यक्रम अधिकारी
उत्तर प्रदेश।
विषय :महामाया गरीब बालिका आशीर्वाद योजना कार्यान्वयन संबधी।
शासन  के पत्र सं0 2361/6022009 ​दिंनाक 23.6.09 द्वारा दिंनाक 14.6.09 को माननीय मंत्री जी, बाल विकास सेवा एंव पुष्टाहार की अध्यक्षता मे आयोजित बैठक मे प्रमुख सचिव माननीय मुख्ंयमत्री उत्तर प्रदेश द्वारा महामाया गरीब बालिका आशीर्वाद योजना के अन्तर्गत प्राप्त हो रहे आवेदन पत्रों के निस्तारण तथा बालिका के अभिभावक को सावधि जमा प्रपत्र उपलब्ध कराने हेतु समयान्तर्गत कार्यवाही करने के दृष्टिगत प्रत्येक स्तर हेतु निम्नानुसार समय सीमा निर्धारित की गयी है :
1आंगनबाडी कार्यकत्री लाभार्थी का पता करके सभी औपचारिकतांए पूर्ण करते हुए आवेदन पत्र भराने मे सहयोग करके एक सप्ताह 07 दिन के अंदर मुख्य सेविका को उपलब्ध करायेगी।
2मुख्य सेविका अपने स्तर पर कार्यवाही पूर्ण कर चार दिन में आवेदन पत्र बाल विकास परियोजना अधिकारी को उपलब्ध करायेगी।
3बाल विकास परियोजना अधिकारी दो दिन मे समस्त कार्यवाही पूर्ण कर जिला कार्यक्रम अ​िाकारी को आवेदन पत्र उपलब्ध करायेगी।
4जिला कार्यक्रम अधिकारी उसी दिन या उसके दूसरे दिन मुख्य विकास अधिकारी के माध्यम से जिला कार्यक्रम अधिकारी को स्वीकृति हेतु आवेदन पत्र भेज देंगे।
5जिलाधिकारी की स्वीकृति प्राप्त हो जाने पर जिला कार्यक्रम अधिकारी उसी दिन कोषागार मे बिल प्रस्तुत करके एंव उसी दिन पास कराकर संबधित बैक को सूची प्रेषित करेगें तथा 07 दिन के अन्दर एफ0डी0आर0 बनवाकर लाभार्थी को एफ0डी0आर0 उपलब्ध करायेगें तथा उसकी छाया प्रति अपने कार्यालय में सुरक्षित रखेगेंं।
अर्थात बालिका के जन्म से लेकर अधिकतम 30 दिन तक सावधि जमा प्रपत्र बालिका को उपलब कर दिया जाना चाहिए। इस प्रक्रिया मे किसी भी स्तर पर विलम्ब की सूचना दैनिक सूचना के साथ निदेशालय/शासन को प्रेषित की जाये।
अत: आपको निर्देशित किया जाता है कि उक्तानुसार निर्धारित समय सीमा के अन्तर्गत समस्त कार्यवाही पूर्ण कराना सुनिश्चित करें।

(चन्द्रप्रकाश)
निदेशक

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फैक्स
सर्वोच्च प्राथमिकता/महत्तवपूर्ण
प्रेषक,
निदेशक
बाल विकास सेव एंव पुष्टाहार
उ0प्र0 लखनऊ।
सेवा में,
समस्त जिलाधिकारी
उत्तर प्रदेश।
पंत्राक /बा0वि0परि0/म0ग0बा0अ0यो007/0910 दिंनाक 12.6.09
विषय :महामाया गरीब बालिका आशीर्वाद योजना।
महोदय,
कृपया उपरोक्त विषयक शासनादेश संख्या 184/602092/1(62)/08 ​िंदनंाक 16.1.09 का संदर्भ ग्रहण करने का कष्ट करेें जिसके द्वारा महामाया गरीब बालिका आशीर्वाद योजना को कार्यान्वित किये जाने के संबध में निर्देश निर्गत किये गये थें। वीडिंयों कान्फ्रेसिंग के दौरान तथा बाद मे समयसमय पर विभिन्न जनपदाें के जिलाधिकारी द्वारा लाभार्थी बालिकाओं की पात्रता के संबध मे कतिपय जिज्ञासायें किये जाने के फलस्वरूप जिलाधिकारियों की जिज्ञासायों के संबध मे शासन स्तर पर सम्यक विचारोपरान्त योजना के लाभार्थियों की पात्रता के संबध में निम्नलिखित 02 निर्देश जारी किये गये है।
1 ग्रामीण क्षेत्र में लाभार्थियों के चयन हेतु बी0पी0एल0 सूची को आधार माना जाये। चूकिं शहरी क्षेत्रों मे बी0पी0एल0 सूची नही बनी है और इन क्षेत्रों मे बी0पी0एल0 कार्ड सर्वेक्षण के आधार पर बनाये गये है जो दो श्रेणियों के है अन्त्योदय एंव बी0पी0एल0 कार्ड, अत: शहरी क्षेत्रों मे अन्त्योदय अथवा बी0पी0एल0 कार्ड दोनों कार्ड धारकों को अर्ह माना जायेगा।
2 बी0पी0एल0 राशन कार्ड की प्रमाणित फोटो प्रति या बी0पी0एल0 सूची की आई0डी0 संख्या की प्रमाणित प्रति प्रार्थना पत्र के साथ संलग्न करना अनिवार्य होगा।
कृपया पूर्व मे निर्गत शासनादेश दिंनाक 16.01.09 एंव वर्तमान में निर्गत शासनादेश संख्या 2199/602092/1(62)/08 टी0सी0।। ​िंदनंाक 12.6.09 (प्रति संलग्न) द्वारा दिये गये निर्देशानुसार महामाया गरीब बालिका आशीर्वाद योजना के लाभार्थी बालिकाओं को चिन्हित/लाभान्वित किये जाने के संबा में आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित कराने का कष्ट करें। शासनादेश की अन्य शर्ते यथावत रहेगी।
संलग्नक :उपरोक्तानुसार। भवदीय,


(चन्द्र प्रकाश)
निदेशक
पृष्ठांकन संख्या सी416/बा0वि0परि0/म0ग0बा0आ0यो007/0910 तद्दिंनाक।
प्रतिलिपि :निम्नलिखित को सूचनार्थ एंव आवश्यक कार्यवाही हेतु प्रेषित।
1 समस्त मुख्य विकास अधिकारी, उ0प्र0।
2 समस्त जिला कार्यक्रम अधिकारी/बाल विकास परियोजना अधिकारी(प्रभारी), उ0प्र0।

(अमल कुमार वर्मा)
प्रमुख सचिव

 

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