उप कृषि निदेशक , मुजफ्फरनगर

विभागाध्यक्ष का पदनाम:कृषि निदेशक , उ0प्र0 कृषिभवन लखनऊ।
विभाग का पता:कृषि भवन लखनऊ।
दूरभाश नम्बर:05222205868
फैक्स नम्बर:05222206582
ईमेल ऐड्रेस:
1 जन सूचना अधिकारी का नाम : (डा0 पी0के0 गुप्ता) उप कृषिनिदेशक , मुजफ्फरनगर।
2 सहायक सूचना अधिकारी का नाम :(डा0 पी0के0 गुप्ता) उप कृषिनिदेशक , मुजफ्फरनगर।
3 अपीलीय अधिकारी का नाम :श्री एम0पी0 सिंह, अपर कृषिनिदेशक (सामान्य)
उ0प्र0 कृषिभवन लखनऊ।
4 मुख्यालय का पता:कृषि भवन उ0प्र0 लखनऊ।
दूरभाश नम्बर:05222205868
फैक्स नम्बर:05222206582
ईमेल ऐड्रेस:
विभाग की वेबसाईट का ऐड्रस:

राष्ट्रीय कृषिविकास योजना केन्द्र पोशित योजना है। इस योजना के अन्र्तगत निम्न कार्यक्रम  है।
1 मृदा स्वास्थ्य सुधार कार्यक्रम :
हरी खाद: मृदा स्वास्थ्य सुधार हेतु धान गेंहू फसल चक्र वाले क्षेत्रों में हरी खाद हेतु ढेॅंचा की खेती करने के लिये नि:षुल्क ढेॅंचा बीज 46 कि0ग्रा0 प्रति है0 अथवा 1000 (एक हजार रूपये) जो भी कम हो की दर से वितरित किया जायेगा। चयनित कृषकों  में 25 प्रतिशत अनु0जाति/अनु0जन0जाति के कृषकों  एंव 33 प्रतिशत लघु/ सिमान्त/महिला कृषकों  का चयन किया जाये। हरी खाद हेतु एक कृषकको अधिकतम 18 कि0ग्र0 बीज नि:षुल्क वितरित किया जायेगा। कृषकों  का चयन ग्राम पंचायत की खुली बैठक में किया जायेगा।


2 ढैंचा बीज उत्पादन : ढैंचा बीज उत्पादन हेतु 23 कि0ग्रा0 प्रति है0 ढैंचा बीज अथवा रू0 50000 जो भी कम हो कृषकों  को नि:षुल्क उपलब्ध कराया जायेगा। ढैंचा बीज उत्पादन हेतु कृषकों  को अधिकतम 23 कि0ग्रा0 ढैंचा बीज अथवा रू0 50000 जो भी कम हो कृषकों  को नि:षुल्क उपलब्ध कराया जायेगा। चयनित कृषक25 प्रतिशत अनु0 जाति/अ0ज0जा0के कृषकों  एंव चयनित कृषकों  की 33 प्रतिशत लघु/सीमान्त/महिलाओ का चयन किया जाये।


3 वर्मी/नाडेप कम्पोस्ट: वर्मी एंव नाडेप कम्पोस्ट प्रति यूनिट प्रदर्शन पर क्रमष: रूपये 500000 एंव रूपये 520000 व्यय होता है। अत: इन प्रदर्शनो पर चयनित कृषकों  को 25 प्रतिशत अथवा अधिकतम रूपये 125000 जो भी कम हो सीमा तक अनुदान देय है। जनपद की 20 प्रतिशत ग्राम पंचायतों का चयन करते हुये प्रत्येक ग्राम पंचायत से 10 वर्मी एंव 10 नाडेप कम्पोस्ट के प्रदर्शन आयोजित किये जायेगें। ग्राम पंचायतों के चयनित कृषकवर्मी कम्पोस्ट एंव नैडेप कम्पोस्ट में से जो विकल्प चुने उनके प्रदर्शन सफलता पूर्वक आयोजित किये जायेगें। चयनित कृषकों  में 33 प्रतिशत लघु/सीमान्त/महिलाओ का चयन किया जायेगा।


4 जैव उर्वरक उत्पादन एंव वितरण : कल्चर पैकेट उत्पादन एंव कृषकों  में 90 प्रतिशत अनुदान पर वितरण की योजना है योजनान्र्तगत कृषकों  को जैव उर्वरक रू0 800 प्रति पैकेट प्रस्तावित है। लाभार्थी कृषकों  में 25 प्रतिशत अनु0 जाति/अनु0 जन जाति तथा कुल चयनित कृषकों  में 33 प्रतिशत लघु एंव सीमान्त/महिजाओं का चयन किया जायेगा।


5 मृदा स्वास्थ्य कार्ड: योजना के अन्र्तगत मृदा परीक्षण कराकर सन्तुलित मात्रा में उर्वरक/खाद प्रयोग करने वाले कृषकों  को नि:षुल्क मृदा स्वास्थ्य कार्ड दिया जायेगा।


6 प्रशिक्षण कार्यक्रम :
(।) कृषक प्रशिक्षण : प्रत्येक ग्राम पचायत से दो कृषकों  का चयन किया जायेगा तथा उनका प्रशिक्षण तहसील स्तरीय उप सम्भागीय कृषिप्रसार अधिकारी कार्यालय पर कराया जायेगा। उप सम्भाग पर ही उनके मृदा स्वास्थ्य के सुधार हेतु हरी खाद, जैव उर्वरक उपयोग, मृदा परीक्षण के आधार पर संतुलित उर्वरकों के प्रयोग तथा कम गोबर में वर्मी/नाडेप कम्पोस्ट बनाने के विशय में कृशकेां को प्रषिक्षित किया जायेगा। प्रति कृषकरू0 16400 की दर से व्यय प्रस्तावित है।
(।।) क्षेत्रीय कर्मचारियों का प्रशिक्षण : कार्यक्रम संचालन हेतु क्षेत्रीय कर्मचारियों को गावॅं आवंटित किये जायेगें। प्रशिक्षण एंव अन्य कार्य हेतु रूपये 20,00000 प्रति जनपदीय प्रशिक्षण पर व्यय प्रस्तावित है।

आईसोपाम योजना: जनपद में समस्त तिलहनी, दलहनी एंव मक्का की फसलों हेतु 75 प्रतिशत केन्द्रांष एंव 25 प्रतिशत राज्यांश के वित्तीय पैटर्न पर भारत सरकार द्वारा प्रदत्त गाईड लाईन्स के अनुरूप क्रियान्वित कराया जायेगा।
1 ब्रीडर बीज क्रय एंव उपयोग: भारत सरकार द्वारा कार्यक्रम के अन्र्तगत तिलहनी,दलहन एंव मक्का ब्रीडर बीज क्रय कर प्रयोग करने पर क्रय किये गये ब्रीडर बीज के आई0सी0ए0आर0 द्वारा निर्धारित मूल्य का शतप्रतिशत अनुदान अनुमन्य है।


2 आधारीय बीज उत्पादन तिलहनी,दलहन एंव मक्का के आधारीय बीजो की पर्याप्त उपलब्धता सुनिष्चित करने के उद्वेष्य से कार्यक्रम के अन्र्तगत भारत सरकार द्वारा तिलहनी, दलहनी, के आधारीय बीज उत्पादन पर रू0 100000 (रूपये एक हजार) प्रति कुन्तल की दर से अनुदान अनुमन्य है।


3 बीज ग्राम योजना में प्रमाणित बीज उत्पादन: आईसोपाम योजना में बीज ग्राम योजनान्र्तगत प्रमाणित तिलहनी, दलहनी एंव मक्का के बीज उत्पादन हेतु कृशको को अनुदान सुविधा का प्राविधान है। प्रमाणित बीजो के क्रय होने पर 750 रूपये प्रति कुन्तल की दर से प्रोत्साहन अनुदान सम्बन्धित कृषकको एक 250 प्रति कुन्तल बीज विधायन संस्था को हैण्डलिंग चार्ज का विधायन हेतु अनुमन्य है।


4 प्रमाणित बीज वितरण: प्रमाणित बीज बीज विकास निगम, कशि विभाग एंव सहकारिता विभाग से क्रय करने पर मूल्य का 50 प्रतिशत या 2000 रू0 जो भी कम हो अनुदान कृषकों  को अनुमन्य है।


5 खण्ड प्रदर्शन: प्रत्येक खण्ड प्रदर्शन 10 है0 सहंत क्षेत्रों में किया जायेगा। कार्यक्रम के अन्र्तगत खण्ड प्रदर्शन आयोजन हेतु फसलवार अनुमन्य अनुदान का विवरण निम्नवत है:
1 राई/सरसों/ तोरिया कृषिपिवेशों का 50 प्रतिशत या अधिकतम 200000 रूपये प्रति हैक्टेअर


2 अरहर/उर्द/मूग कृषिपिवेशों का 50 प्रतिशत या अधिकतम 200000 रूपये प्रति हैक्टेअर


3 मसूर कृषिनिवेषो का 50 प्रतिशत या अधिकतम 200000 रूपये प्रति हैक्टेअर


4 चना/मटर कृषिपिवेशों का 50 प्रतिशत या अधिकतम 200000 रूपये प्रति हैक्टेअर


5 मक्का कृषिपिवेश ोंका 50 प्रतिशत या अधिकतम 200000 रूपये प्रति हैक्टेअर


6 आई0पी0एम0 प्रदर्शन: प्रत्येक आई0पी0एम0 10 हैक्टेअर अन्र्तगत फार्मस फील्ड स्कूल एंव आई0पी0एम प्रदर्शन/ प्रशिक्षण पर कुल रूपये 22680 का अनुदान अनुमन्य है।


7 कृषिरक्षा रसायन तृणनाषी/बायोपेस्टिसाईड: आईसोपाम योजना में तिलहनी, दलहनी एंव मक्का योजना की फसल को कीडो, बीमारियों एंव खरपतवार नियत्रण हेतु 50 प्रतिशत या अधिकतम रू0 50000 प्रति हैक्टेयर एंव 40 प्रतिशत अनुदान राज्य सरकार से अनुदान देय है।


8 कृषिरक्षा उपकरण : मानव चालित स्पे्रयर/डस्टर (आई0एस0आई0 मार्का) उपकरण के मूल्य का 50 प्रतिशत या रूपये 80000 प्रति उपकरण एंव षक्ति चालित डस्टर (आई0एस0आई0मार्का) पर मूल्य का 50 प्रतिशत या रूपये 200000 प्रति उपकरण जो भी कम हो अनुदान अनुमन्य है।


9 जिप्सम वितरण: मूल्य का मूल्य का 50 प्रतिशत और ढुलाई व्यय या अधिकतम रूपये 750 प्रति हैक्टेअर जो भी कम हो अनुदान अनुमन्य है। उक्त के अतिरिक्त राज्य सरकार द्वारा जिप्सम के मूल्य 40 प्रतिशत अनुदान अनुमन्य है।


10 स्प्रिकंलर सैट एंव एच0डी0पी0ई0 पाईप सैट: स्प्रिकंलर सैट 50 प्रतिशत अधिकतम 7500 रू0 प्रति सैट एंव एच0डी0पी0ई0 पाईप सैट पर मूल्य का 50 प्रतिशत अधिकतम 1500000 रूपये प्रति हैक्टेअर जो भी कम हो अनुदान अनुमन्य है।


11कृषक प्रशिक्षण: प्रति कृषक प्रशिक्षण 50 कृषकों  पर भारत सरकार द्वारा 1500000 रूपये अनुदान अनुमन्य है।


12:बीज मिनिकिट: बीज मिनिकिट वितरण का उद्वेष्य तिलहनी, दलहनी, एंव मक्का की फसलों की नवीनतम प्रजातियों के बीजो से कृषकों  को परिचित कराकर उन्हे लोकप्रिय बनाना है। ग्राम पंचायत के चयनित कृषकों  को बीज मिनिकिट नि:षुल्क उपलब्ध कराये जायेगें।


13 एन0पी0वी0 का प्रयोग: अरहर एंव चना की फसल में फली छेदक नियत्रण हेतु एन0पी0वी0 प्रयोग पर 50 प्रतिशत या रूपये 250 अनुदान जो भी कम हो अनुमन्य है।


14 उन्नतशील कृषियन्त्र: मानव चालित कृषियन्त्र पर मूल्य का 50 प्रतिशत या अधिकतम 250000 रूपये एंव षक्ति चालित कृषियन्त्र 50 प्रतिशत या 1500000 रूपये जो भी कम हो अनुदान अनुमन्य है।


15 सूक्ष्म तत्व वितरण: कृषकों  को 50 प्रतिशत या 50000 रूपये प्रति हैक्टैअर एंव राज्य सरकार से 40 प्रतिशत अनुदान जो भी कम हो सूक्ष्म तत्व वितरण पर अनुदान अनुमन्य है।


16 जी0आई0 बुखारी: 3 से 5 कुन्तल क्षमता की टिन की बुखारी 50 प्रतिशत या 100000 रूपये अधिकतम जो भी कम हो अनुदान अनुमन्य है।

मॅक्रोमैनेजमैन्ट आफ एग्रीकल्चर योजना के अन्र्तगत जनपद में दो उप योजनायें है:
1 एकीकृत धान्य विकास कार्यक्रम (चावल)
2 एकीकृत धान्य विकास कार्यक्रम (गेंहू )
एकीकृत धान्य विकास कार्यक्रम: उपयोजना के मद एंव क्रियान्वयन:
1 उन्नतशील प्रमाणित बीजो के वितरण: उन्नतशील प्रमाणित बीजो के वितरण पर 40 कि0ग्रा0 प्रति है0 की दर से मूल्य का 50 प्रतिशत अधिकतम 700 रूपये प्रति किलो ग्राम जो भी कम हो एंव 200 रूपये प्रति कि0ग्रा0 राज्य सरकार से अनुदान देय है।
2 संकर चावल बीज वितरण: कृषकों  को 15 कि0ग्रा0 बीज प्रति हैक्टेयर की दर से मूल्य का 50 प्रतिशत अधिकतम रूपये 200000 प्रति कु0 जो भी कम हो केन्द्र सरकार से एंव 400000 रूपये प्रति कु0 राज्य सरकार से अनुदान अनुमन्य है।
3 फसल उत्पादन तकनीकी प्रदर्शन: फसल उत्पादन तकनीकी प्रदर्शन के लिये उन्नतशील बीज, सन्तुलित उर्वरक, कृषिरक्षा रसायन, खरपतवार नाषी रूपये 250000 प्रति 0.4 है0 प्रदर्शन हेतु अनुदान देय है।
4 संकर चावल तकनीकी प्रदर्शन: फसल उत्पादन तकनीकी प्रदर्शन के लिये उन्नतशील बीज, सन्तुलित उर्वरक, कृषिरक्षा रसायन, खरपतवार नाषी रूपये 300000 प्रति 0.4 है के लिये अनुदान दिया जाना अनुमन्य है।
5 सूक्ष्म तत्वो के लिये प्रोत्साहन: सूक्ष्म तत्व की कमी वाले क्षेत्रों में कुशक के लिये मूल्य का 50 प्रतिशत अधिकतम रूपये 50000 प्रति हैक्टेयर जो भी कम हो केन्द्र सरकार से एंव 40 प्रतिशत अनुदान राज्य सरकार से देय है।
6 कृषिरक्षा रसायन एंव बायोपेस्टीसाईड: कृषकों  को मूल्य का 50 प्रतिशत या अधिकतम 50000 रूपये प्रति है0 जो भी कम हो केन्द्र सरकार से एंव 40 प्रतिशत अनुदान राज्य सरकार से देय है।
7 कृषक प्रक्षेत्र विद्यालय: 1000 है0 क्षेत्र पर एक कृषकप्रक्षेत्र विद्यालय अस्थाई रूप से फसल सत्र (चावल) के लिये सृजन किया जायेगा, जो 21 सप्ताह का होगा। एंव 17 हजार रूपये प्रति कृषकप्रक्षेत्र विद्यालय पर खर्च होगा।
स्पोर्ट टू स्टेट एक्सटेन्सन प्लान फार एक्सटेन्सन रिफार्मयोजना: भारत सरकार एंव उत्तर प्रदेष सरकार के संयुक्त  वित्तीय सहयोग (90:10) से इस योजना का क्रियान्वयन किया जा रहा है। इसका प्रमुख उद्वेष्य कृषितकनीकि प्रचारप्रसार कार्य में गति प्रदान करना एंव कृषिके अतिरिक्त अन्य क्षेत्रों यथापषुपालन, मछली पालन,उघानीकरण, फूल उत्पादन, दूग्ध उत्पादन आदि में जनपद में उपलब्ध सम्भावनाओ के अनुरूप कार्य करना है।


बीज ग्राम योजना: कृषिउत्पादन एंव उत्पादकता को बढाने में बीजो की गुणवत्ता का महत्वपूर्ण योगदान है। उच्च गुणवत्ता के बीज प्रयोग से ही लगभग 20 प्रतिशत उत्पादकता एंव उत्पादन में वृद्वि की जा सकती है। गेंहू , चना एंव राई के बीजो की आवष्यकता को दृश्टिगत रखते हुये भारत सरकार द्वारा पूर्णतया वित्त पोशित बीज ग्राम योजनान्र्तगत गुणात्मक बीज उत्पादन की योजना प्रस्तावित की गई है।
इस योजना के अन्र्तगत प्रत्येक विकास खण्ड के 15 ग्रामों के 10 कृषकप्रति ग्राम कुल 150 कृषकविकास खण्ड की दर से कृषकों  को चयनित किया जाता है चयनित कृषकों  में 25 प्रतिशत अनु0 जाति/ अ0ज0जा0 एंव 75 प्रतिशत सामान्य कृषकों  का चयन किया जाता है कुल चयनित कृषकों  में 30 प्रतिशत महिला कृषकयोजनान्र्तगत कृषकों  को आधा एकड हेतु बीज के मूल्य का 50 प्रतिशत की दर से अनुदान अनुमन्य होगा।
योजनान्र्तगत प्रत्येक विकास खण्ड स्तर पर चयनित कृषकों  को प्रस्तावित फसल संवद्र्वन कार्यक्रम के सम्बन्ध में तकनीकी जानकारी प्रदान किये जाने हेतु 50 कृषकों  के बैच को एक तीन दिवसीय प्रशिक्षण दिया जायेगा। जिसमें बुवाई से लेकर बीज पैकिंग आदि के विशय में कृषकों  को जानकारी दी जायेगी। प्रत्येक प्रशिक्षण पर प्रति प्रशिक्षण 1500000 हजार रूपये व्यय प्रस्तावित है
योजनान्र्तगत उत्पादित बीज के सुरक्षित बीज के भण्डारण के उद्वेष्य से 5 कु0 की प्रत्येक विकास खण्ड में 30 कृषकों  को 21 बुखारी सामान्य कृषकों  को एंव 9 बुखारी अन0जा0/अ0ज0जाति के कृषकों  को क्रमष: 50000 रूपये एंव 75000 स्पये अनुदान पर वितरित की जायेगी।
प्रमाणित किया जाता है कि अधोहस्ताक्षरित द्वारा उपलब्ध कराई गई जानकारी विभागीय रिकार्ड के अनुसार त्रटि रहित है। सी0डी0 में दी गई सूचना को जनपद की वेबसाईट पर उपलब्ध करा दी जाये।

(डा0 पी0के0 गुप्ता)
उप कृषिनिदेशक
मुजफ्फरनगर।
 

दावात्याग:(Disclaimer) एन0आई0सी0 मुजफ्फरनगर इस वेबपृष्ठ पर प्रकाशित गलती के लिये जिम्मेदार नहीं है । इस वेबपृष्ठ पर दी गयी सामग्री एवं तथ्‍यों का उपयोग विधिक उददेश्‍य हेतु नहीं किया जा सकता।अधिक जानकारी के लिये सम्बन्धित विभाग से सम्पर्क करें ।

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