कार्यालय – जिला कृषि अधिकारी, मुजफ्फरनगर विभागाध्यक्श का पदनाम कृषि निदेशक, उ0प्र0 कृषि भवन लखनऊ। विभाग का पता कृषि भवन लखनऊ। दूरभाष नम्बर:– 0522–2205868 फैक्स नम्बर:– 0522–2206582 ईमेल ऐड्रेस:– 1– जनसूचना अधिकारी का नाम:– डा0 पी0के0 गुप्ता जिला कृषि अधिकारी, मु0नगर 2– सहायक सूचना अधिकारी का नाम डा0 पी0के0 गुप्ता उप कृषि निदेशक, मु0नगर 3– अपीलीय अधिकारी का नाम:– श्री उदय कुमार सिंह संयुक्त कृषि निदेशक, सहारनपुर मण्डल, सहारनपुर 4– मुख्यालय का पता:– कृषि भवन उ0प्र0 लखनऊ। दूरभाष नम्बर :– 0522–2205868 फैक्स नम्बर :– 0522–2206582 ईमेल ऐड्रेस :– – विभाग की वेबसाईट का ऐड्रेस :– – उर्वरक अधिनियम:– 1–जनपद में इच्छुक/पात्र व्यक्तियो को उर्वरक अनुज्ञप्ति प्राप्ति हेतु कार्यालय जिला कृषि अधिकारी में उर्वरक नियन्त्रण आदेश 1985 एवं आवश्यक वस्तु अधिनियम –1955 की धारा –16 के अधीन प्रार्थना पत्र पात्र/इच्छुक व्यक्तियो को उर्वरक अनुज्ञप्ति शुल्क – थोक–रू0 2251 खुदरा–रू0 1251 एवं 25 मैट्रिक टन तक –रू0 151 रू0 विभागीय हेड– 0401 कृषि कार्य 800– अन्य प्राप्तियॉं में सत्यापित चालान भारतीय स्टेट बैंक में जमा करने के उपरान्त उर्वरक अनुज्ञप्ति निर्गत की जाती है। यह अनुज्ञप्ति, अनुज्ञप्ति निर्गत की दिनांक से आगामी 3 वर्श की अवधि के लिए वैद्य/मान्य होती है। तीन वर्श उपरान्त अनुज्ञप्ति उर्वरक नियन्त्रण आदेश 1985 एवं आवश्यक वस्तु अधिनियम –1955 की धारा –16 के अनुसार उर्वरक अनुज्ञप्ति नवीनीकरण शुल्क – थोक–रू0 2251 खुदरा–1251 एवं 25 मैट्रिक टन तक –रू0 151 का सत्यापित चालान द्वारा कोषागार में जमा करने पर आगामी 3 वर्श के लिए नवीनीकरण की जाती है। 2–जनपद में कृषकों को मानक के अनुरूप उच्च गुणवत्तायुक्त उर्वरक प्राप्त कराने के उद्देष्य से कृषकों की शिकायत, शासन के निर्देश एवं लक्ष्यों के अनुरूप तत्काल उर्वरक का नमूना लेकर परीक्शण हेतु प्रयोगशाला में भेज दिया जाता है। प्रयोगशाला की रिपोर्ट परिणाम के आधार पर उर्वरक नियन्त्रण आदेश 1985 एवं आवश्यक वस्तु अधिनियम –1955 की धारा–16 के तहत कार्यवाही की जाती है। बीज अधिनियम:– 1–जनपद में इच्छुक/पात्र व्यक्तियो को बीज अनुज्ञप्ति प्राप्ति हेतु कार्यालय जिला कृषि अधिकारी में बीज अधिनियम –1968, एवं आवश्यक वस्तु अधिनियम–1955 के अन्तर्गत प्रार्थना पत्र अनुसार पात्र/इच्छुक व्यक्तियो को बीज अनुज्ञप्ति शुल्क रू0 50 विभागीय हेड– 2401 00 103 00 01 में सत्यापित चालान भारतीय स्टेट बैंक में जमा करने के उपरान्त बीज अनुज्ञप्ति निर्गत की जाती है। यह अनुज्ञप्ति, अनुज्ञप्ति निर्गत की दिनांक से आगामी 3 वर्श की अवधि के लिए वैद्य/मान्य होती है। तीन वर्श उपरान्त अनुज्ञप्ति बीज अधिनियम 1968, एवं आवश्यक वस्तु अधिनियम–1955 के अनुसार बीज अनुज्ञप्ति नवीनीकरण शुल्क रू0 20 का सत्यापित चालान द्वारा कोषागार में जमा करने पर आगामी 3 वर्श के लिए नवीनीकरण की जाती है। 2–जनपद में कृषकों को मानक के अनुरूप उच्च गुणवत्तायुक्त बीज प्राप्त कराने के उद्देष्य से कृषकों की शिकायत, शासन के निर्देश एवं लक्ष्यों के अनुरूप तत्काल बीज का नमूना लेकर परीक्शण हेतु प्रयोगशालाा में भेज दिया जाता है। प्रयोगशालाा की रिपोर्ट परिणाम के आधार पर बीज अधिनियम – 1983 एवं आवश्यक वस्तु अधिनियम – 1955 के तहत कार्यवाही की जाती है। राष्ट्रीय कृषि प्रक्षेत्र योजना :– 1–इस योजनान्तर्गत जनपद मु0नगर में बाबरी एवं अलाउद्दीनपुर दो राजकीय प्रक्षेत्र है। इनका बुआई हेतु कृषि योग्य क्षेत्रफल क्रमश: 28.80 हेक्टेयर एवं 17.22 हेक्टेयर कुल 46.02 हेक्टेयर है। इन प्रक्षेत्रो पर शासन/ विभाग के निर्देशो के परिपालन मे कृषकों को वितरण हेतु आधारीय एवं प्रमाणित बीज उत्पादन किया जाता है। 2–राजकीय कृषि प्रक्षेत्रो पर उत्पादित बीज शासन द्वारा निर्धारित दरों पर अनुमन्य अनुदान के आधार पर कृषकों को राजकीय कृषि बीज भण्डारों के माध्यम से वितरित कराया जाता है। योजनाओं का क्रियान्वयन एवं अनुदान का वितरण:– जनपद में उप कृषि निदेशक के नियंत्रणाधीन विभिन्न योजनाओं के अन्र्तगत कृषकों को बीज वितरण एवं अन्य कृषि निवेशों पर देय अनुदान जिला कृषि अधिकारी के स्तर से उपलब्ध कराया जाता है एवं बीज अनुदान के देयकों का उप कृषि निदेशक द्वारा समायोजन किया जाता है। मेक्रो मेनेजमेंट योजना :–गेंहू बीजों पर रू0 –700 प्रति कु0,जिप्सम व जिंक सल्फेट पर मूल्य का 50 प्रतिशत एवं नि:शुल्क गेंहॅ मिनिकिट वितरित किये गये हैं। इसके अतिरिक्त योजना के अन्र्तगत राज्य सैक्टर से भी गेंहूं पर रू0 200 प्रति कु0 अनुदान अनुमन्य है एवं जिंक सल्फेट एवं जिप्सम पर भी अतिरिक्त 40 प्रतिशत अतिरिक्त अनुदान अनुमन्य है। आइसोपाम योजना:–इस योजना के अन्र्तगत बीज वितरण पर कृषकों को दलहन, तिलहन उत्पादन बढ़ाने के उद्देष्य से बीज वितरण पर मूल्य का 50 प्रतिशत या रू0 20 प्रति किलो जो भी कम हो देय है। जिंक सल्फेट एवं जिप्सम पर भी अतिरिक्त 40 प्रतिशत अनुदान अनुमन्य है। बीज ग्राम योजना:– इस योजना में प्रत्येक विकास खण्ड के चुने हुऐ 150 कृषकों को (कुल 2100 ) कृषकों को 0.20 है0 क्षेत्र हेतु 20 किलो गेंहूं के आधारीय बीजों पर मुल्य का 50 प्रतिशत अनुदान उपलब्ध कराया गया है। इन कृषकों में से 294 सामान्य एवं 126 अनुसूचित जाति के कृषकों को अनुदान पर बुखारी वितरण का लक्ष्य रखा गया है। सामान्य जाति के कृषकों को रू0 500 एवं अनु0 जाति कृषकों को रू0 750 का अनुदान अनुमन्य है। अन्य योजनाऐं:– जनपद में उप कृषि निदेशक महोदय के नियंत्रणाधीन रा0कृ0वि0यो0 एवं अन्य विभिन्न योजनाओं के अन्र्तगत कृषकों को बीज वितरण एवं अन्य कृषि निवेशों पर देय अनुदान इस स्तर से उपलब्ध कराया जाता है एवं बीज अनुदान के देयकों का उप कृषि निदेशक द्वारा समायोजन किया जाता हैं। अन्य कार्य :– लेखा शीर्षक – 4401– बीज की धनराशि की जमाओं एवं लेखा शीर्षक – 0401 के अन्तर्गत प्राप्त धनराशि की जमाओं की ईकाईयो से सूचना प्राप्त करना एवं संकलन उपरान्त उच्च स्तरों पर प्रेषित करना। प्रमाणित किया जाता है कि अधोहस्ताक्शरी द्वारा उपलब्ध कराई गई जानकारी, विभागीय रिकार्ड के अनुसार त्रुटिरहित है। सी0डी0 में दी गई सूचना को जनपद की वेबसाईट पर उपलब्ध करा दी जाये। जिला कृषि अधिकारी मुजफ्फरनगर। दावात्याग:(Disclaimer) एन0आई0सी0 मुजफ्फरनगर इस वेबपृष्ठ पर प्रकाशित गलती के लिये जिम्मेदार नहीं है । इस वेबपृष्ठ पर दी गयी सामग्री एवं तथ्यों का उपयोग विधिक उददेश्य हेतु नहीं किया जा सकता।अधिक जानकारी के लिये सम्बन्धित विभाग से सम्पर्क करें ।
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