मुख्य
चिकित्सा अधिकारी मुजफ्फरनगर
विभागाध्यक्ष का पदनाम :– महानिदेशक,चिकित्सा एवं स्वास्थ्य उ0प्र0 लखनऊ।
विभाग का पता :–स्वास्थ्य सेवा महानिदेशालय, उत्तर प्रदेश
स्वास्थ्य भवन लखनऊ।
दूरभाश एवं फैक्स नम्बर :–0522–2622625,2623980
ई–मेल एड्रेस :–dgmed@up.nic.in
1– जन सूचना अधिकारी का नाम :–डा0आनन्द स्वरूप मुख्य चिकित्सा अधिकारी
2–सहायक जन सूचना अधिकारी का नाम :– डा0अशोक अरोरा चिकित्साधिकारी
3–अपीलीय अधिकारी का नाम :– डा0ए0के0वर्मा अपर निदेशक, चिकि0स्वा0एवं
प0क0सहारनपुर मण्डल सहारनपुर
मुख्यालय का पता :– कार्यालय मुख्य चिकित्सा अधिकारी, रूडकी रोड मुजफ्फरनगर।
दूरभाश/फैक्स नम्बर :–0131–2440966,0131–2645516
ई–मेल एड्रेस :–cmozuf@up.nic.in
विभाग की वेबसाईट का एड्रेस
www.health.up.nic.in
जिला चिकित्सालय मुजफ्फरनगर में उपलब्ध सुविधाओं का विवरण।
स्वामी कल्याण देव राजकीय चिकित्सालय मुजफ्फरनगर।
मुजफ्फरनगर जनपद उत्तर प्रदेश का एक पश्चिमी खुशहाल जनपद है। इसके पश्चिम
में यमुना नदी तथा पूर्व में पतित पावनी गंगा बहती है। जनपद की सीमाएें
उत्तराखण्ड, हरियाणा से तथा प्रदेश के सहारनपुर, बागपत, मेरठ और बिजनौर
जनपदाें को छूती है। जनपद में चीनी, गुड उत्पादन तथा लोहा उत्पादन के लिए
प्रसिद्ध है।
जनपद में गंगा किनारे शुक्रताल नामक महाभारत काल का स्थान जनपद कोविशेष
महत्व दिलाता है। इस स्थान पर शुकदेव मुनि जी ने राजा परीक्षित को लगभग
5000 वर्ष पूर्व अक्षय वट के नीचे भागवत सुनाकर श्राप मुक्त कराया था। इसी
स्थान पर हमारे जनपद पर हमारे जनपद के जाने माने समाज सेवी संत पुरूष पदम
श्री स्वामी कल्याण देव जी ने अपना आश्रय स्थल बनाया। इन्हीं महापुरूष के
नाम पर हमारे जनपद चिकित्सालय का नाम स्वामी कल्याण देव जिला चिकित्सालय,
मुजफ्फरनगर रखा गया है।
चिकित्सालय का मुख्य द्वार का जीर्णोदार किया गया है तथा सुन्दर टाईल्स
लगाकर बनाया गया है। मुख्य द्वार पर चिकित्सालय के नाम का ग्लोसाईन बोर्ड
भी लगया गया है।
पंजीकरण कक्ष
यहां पर पंजीकरण तथा जाँचा का शुल्क लिया जाता है। प्रत्येक रोगी को साथ–साथ
रसीद दी जाती है। लाल/सफेद राशन कार्ड धारक
रोगियों को सभी सुविधायें
नि:शुल्क दी जाती है। इसका प्रचार जगह–जगह वाल पैन्टिग के द्वारा कराया है।
एम्बुलैंस सेवा
चिकित्सालय में दो एम्बुलैंस (एक छोटी तथा एक बडी) क्रियाशील स्थिति में है
तथा रोगियों को 5 रुपये प्रति किलोमीटर की दर से उपलब्ध है । लावारिस
रोगियों को नि:शुल्क मेरठ मैडिकल कालेज भेजा जा रहा है।
मुख्य चिकित्सा अधीक्षक कार्यालय
सभी
वार्डों
में दैनिक कार्यों के लिए सम्पर्क करने में कठिनाई के दृष्टिगत इन्टरकॉम
स्थापित कराया तथा 22 कनैक्शन कराये ।
सभी फर्नीचर कार्पेट काफी पुराना था बदलकर नया लगवाया। कार्यालय के सभी मेजाें
पर तथा ओ0पी0डी0/इन्डोर की सभी
मेजों पर नये रैक्सीन कवर लगवाये गये।
मुख्य चिकित्सा अधीक्षक कक्ष से सी0सी0टी0वी0 कैमरे के द्वारा आकस्मिक
विभाग, विशेष वार्ड तथा रात्रि नर्सिंग स्टेशन को देखकर आवश्यक निर्देश दिये
जाते हैं।
आकस्मिक विभाग
रोगियों को 24 घण्टे आकस्मिक
सेवाएं उपलब्ध करायी जाती है क्ओं
कि
चिकित्सालय दिल्ली, हरिद्वार/देहरादून मुख्य मार्ग पर स्थित है। अत: सड़क
दुर्घटना के केस काफी आते हैं परन्तु सभी चिकित्सक तथा कैम्पस में निवास कर
रहे कर्मचारी, फार्मेसिस्ट, नर्सेस सभी मिलकर स्थिति से अच्छी तरह निपटने
में सराहनीय सहयोग करते है। सभी उपकरण क्रियाशील है। आकस्मिक विभाग के बाहर
ग्लोसाईन बोर्ड अभी लगवाया गया है। आकस्मिक विभाग में आये
रोगियों को सभी
सुविधायें 24 घण्टे नि:शुल्क दी जाती है।
नेत्र विभाग
नेत्र विभाग में दो शल्यक, दो आप्टोमीट्रिस्ट, दो स्टाफ नर्स नियुक्त है।
दोनाें शल्यक आई0ओ0एल0 विधि से तथा एक एस0आई0सी0एस0 से मोतिया बिन्द
आॅपरेशन करने में पारंगत है। डा0 एम0 के0 सैन फैको विधि से भी प्रशिक्षित
है। मशीन उपलब्ध नहीं है। मांग पत्र सी0एम0एस0डी0 को प्रेषित किया गया है
परन्तु अभी उपलब्ध नहीं हो पाई है।
रोगियों को भोजन भी दिया जाता है। नये
आॅपरेटिंग माइक्रोस्कोप की स्थापना की गयी है।
‘‘मोतिया बिन्द से हो परेशान,
आपरेशन करायो जल्द आसान,
लैन्स, दवाई मुत में पाओ,
नई रोशनी घर ले जाओ’’
(डा0 पी0 के0 त्यागी,मुख्य चिकित्सा अधीक्षक)
नेत्र विभाग का जीर्णाधार भी मेरे द्वारा कराया गया है, तथा 20 अतिरिक्त
शैय्याओं की भी व्यवस्था की गयी है।
प्राईवेट वार्ड
चिकित्सालय में 4 प्राईवेट वार्ड तथा छ:
शैय्याओं का एक पेईंग वार्ड
स्थापित है। अधिकांशत: सभी
रोगियों द्वारा प्रयोग में आ रहे है। प्राईवेट
वार्ड का शुल्क 100 रु0 प्रतिदिन प्रति शैय्या तथा पेईंग वार्ड का शुल्क 35
रु0 प्रतिदिन प्रति शैय्या है।
अन्त: रोग विभाग
यह जिला चिकित्सालय 165
शैय्याओं के द्वारा जनता की सेवा कर रहा है। सभी
वार्डों शौचालओं की सफाई व्यवस्था अति उत्तम है।
रोगियों को सभी औषधियाँ
चिकित्सालय से दी जाती है तथा विशेषज्ञाें की मांग पर विशेष औषधियाँ
स्थानीय क्रय कर
रोगियों को तुरन्त उपलब्ध करायी जा रही है।
रोगियों को उनकी मांग पर भोजन भी उपलब्ध कराया जा रहा है। वर्ष 2008 में शैय्या
उपयोगिता दर औसतन 78.89 प्रतिशत रही।
बाय रोग विभाग
बाय रोग विभगा में फिजीशियन, सर्जन, बाल रोग, ई0एन0टी0 विशेषज्ञ, चर्म रोग,
तथा अस्थि रोग विशेषज्ञ, दन्त चिकित्सक, सामान्य रोग चिकित्सक
रोगियों का उपचार करते हैं।
ए0आर0वी0 वैक्सीन सभी (नगर का राशन कार्ड धारक होने पर)
रोगियों को नि:शुल्क लगाई जाती है।
दन्त विभाग
में सामान्य उपचार के साथ एक्सरे एवं आर0सी0टी0 की सुविधा भी
उपलब्ध है।
ओ0पी0डी0 औषधि वितरण कक्ष पर पर्याप्त व्यवस्था
रोगियों के लाईन में दवा
लेने के लिए नहंी थी। जिसके कारण
रोगियों को गर्मी एवं बरसात में खुले में
खडे होकर औषधि लेनी होती थी। उसके दृष्टिगत एक नवीन शैड तथा चैनल का
निर्माण कराया गया जिससे रोगी धूप/बरसात में भी आराम से औषधि प्राप्त करते
है। ओ0पी0डी0 में सभी कक्षों में नि:शुल्क निरोध वितरण व्यवस्था की गयी है।
प्रत्येक ओ0पी0डी0 में नि:शुल्क निरोध वितरण की व्यवस्था भी की गयी है।
हृदय रोग विभाग
यह विभाग इस चिकित्सालय का गौरव बढ़ाता है। एक हृदय रोग विशेषज्ञ जिनका
निवास भी इस विभाग के सामने है 24 घण्टे सेवा देने का उत्कृष्ट कार्य कर रहे
है, तथा अधिकांश रोगी स्वास्थ्य लाभ कर संतुष्ट होकर जाते है। मैंने दिनांक
02.09.2008 को कार्यभार ग्रहण करने के बाद सभी
रोगियों को इन्जैक्शन,
स्ट्रेटोकीनेस, हेपारिन जैसी महंगी औषधियाँ भी नि:शुल्क उपलब्ध करायी जा रही
है। इस विभाग में सेन्ट्रल मानीटर, आॅक्सीजन कन्ट्रोलर, बैड साइड मानीटर,
टी0एम0टी0 मशीन, ई0सी0जी0 मशीने, इको मशीन उपलब्ध है। सभी क्रियाशील है तथा
ए0एम0सी0 कराया जा चुका है। महोदय विभाग में ई0सी0जी0/ ई0सी0एच0ओ0 आदि के
लिए एक टैक्नीशियन संविदा पर कार्यरत है।
रक्त कोष/पैथोलोजी विभाग
जनपद चिकित्सालय का रक्त कोष नगर का एक मात्र लाइसेंसीकृत रक्त कोष है। इसका
कार्य अत्यन्त उत्तम है। जिला चिकित्सालय तथा नगर के सभी नर्सिंग होम आदि
को 247 सेवायें उपलब्ध करायी जा रही है।
वर्ष 2008 में कुल 11988 यूनिट रक्त की आपूर्ति की गयी। सभी उपकरण
क्रियाशील है। डोनर टेबिल को नया सनमाईका लगवाकर ठीक कराया गया। सफाई आदि
की व्यवस्था अति उत्तम है।
पैथोलोजी विभाग में सभी उपकरण क्रियाशील है। दो पैथोलोजिस्ट तथा दो
टैक्नीशियन (राजकीय) अच्छा कार्य कर रहे है।
रक्त कोष तथा पैथोलोजी विभाग से प्रति माह लगभग 2 से 2.50 लाख रूपये रोगी
कल्याण समिति को प्राप्त होता है। सफेद, गुलाबी राशन कार्ड धारकों को सभी
जाँचें नि:शुल्क करायी जाती है।
एक्सरे विभाग
पूर्णत: क्रियाशील है– तीन रेडियोलोजिस्ट, एक टैक्नीशियन सेवायें दे रहे
हैं। एक रेडियोलोजिस्ट सप्ताह में 3 दिन जिला महिला चिकित्सालय में
यू0एस0जी0 करते हैं । विभाग में दो एक्सरे मशीन, एक अल्ट्रासाउण्ड मशीन
उपलब्ध/क्रियाशील ए0एम0सी0 आच्छादित है। सफेद, गुलाबी राशन कार्ड धारकों को
एक्सरे/अल्ट्रासाउण्ड नि:शुल्क कराये जाते है।
बर्न यूनिट
बर्न यूनिट का निर्माण दिनांक 30 जून 2008 को पूर्ण किया जा चुका है।
फर्नीचर, उपकरण आदि उपलब्ध है। यह इकाई चिकित्सालय के एकदम अन्तिम छोर पर
इमरजेन्सी से लगभग एक फरलांग की दूरी पर है, अत: अतिरिक्त स्टाफ के अभाव
में अभी इसका संचालन नहीं किया जा रहा है। पुराने वार्ड में ही रोगी रखे जा
रहे है।
नया आकस्मिक विभाग
नये आकस्मिक विभाग का निर्माण इकाई के द्वारा प्रारम्भ किया जाना है। इस
इकाई को शासन द्वारा धन उपलब्ध करा दिया गया है। सर्वे का कार्य हो चुका
है। निर्माण कार्य लगभग पूर्ण हो चुका है। शीघ्र क्रियाशील होने की सम्भावना
है।
आदरणीय महोदया/महोदय यह जिला चिकित्सालय जनपद के 14 ब्लाकों की लगभग 36 लाख
आबादी की वर्ष 1914 से सेवा कर रहा है।
चिकित्सालय में निम्न मानव संसाधन है–
शैय्याऐं 165
चिकित्सक 27 (स्वीकृत) 25 कार्यरत
सिस्टर 12 (स्वीकृत) 15 कार्यरत
स्टाफ नर्स 27 (स्वीकृत) 23 कार्यरत (3 संविदा पर)
एक्सरे टैक्नीशियन 02 (01 राजकीय 01 संविदा)
पैथोलोजी टैक्नीशियन 02
ई0सी0जी0 टैक्नीशियन 01 संविदा पर
चीफ फार्मेसिस्ट 03
फार्मेसिस्ट 08
डेन्टल हाईजेनिस्ट 01
नेत्र सहायक 01
जनेरेटर आपरेटर 01
इलैक्ट्रीशियन 01
चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी 64
शासन द्वारा शीघ्र चिकित्सालय को आई0पी0एच0एस0 मानको के अनुरूप उच्चीकरण
करने का प्रस्ताव है।
(डा0 पी0 के0 त्यागी)
मुख्य चिकित्सा अधीक्षक,
जिला चिकित्सालय (पुरूष),
मुजफ्फरनगर
जिला महिला चिकित्सालय मुजफ्फरनगर में उपलब्ध सुविधाएं।
मुख्य चिकित्सा अधीक्षिका कार्यालय
जिला महिला चिकित्सालय परिसर में मुख्य चिकित्सा अधीक्षिका कार्यालय का
निर्माण कराया गया । तथा कक्ष के निकटतम कार्यालय स्टाप कक्ष की स्थापना की
गयी है।
पंजीकरण कक्ष
यहां पर पंजीकरण तथा जाँचाें का शुल्क लिया जाता है। प्रत्येक रोगी को साथ–साथ
रसीद दी जाती है। लाल/सफेद राशन कार्ड धारक
रोगियों को सभी सुविधायें
नि:शुल्क दी जाती है। इसका प्रचार जगह–जगह वाल पैन्टिग के द्वारा कराया है।
जिला उच्चीकृत प्रसोवोत्तर केन्द्र जिला महिला चिकित्सालय मुजफ्फरनगर।
चिकित्सालय के मुख्य द्वार के समीप जिला प्रसवोत्तर केन्द्र की स्थापनी की
गयी है जिसमें तैनात अधिकारियों/कर्मचारियों के माध्यम से परिवार कल्याण
कार्यक्रम के मातृ एवं
शिशु कल्याण सुविधाए नि:शुल्क उपलब्ध करायी जा रही
है। जिला प्रसवोत्तर केन्द्र पर निम्नलिखित स्टाफ कार्यरत है।
जिला प्रसवोत्तर केन्द्र, मुजफ्फरनगर
क्र0सं0 पदनाम स्वीकृत कार्यरत रिक्त
1 2 3 4 5
1 चिकि0अधिकारी ऐलोपैथिक 03 – 02
2 वरिष्ठ सहायक/लिपिक 01 01 –
3 चीफ फार्मेसिस्ट/फार्मेसिस्ट – – –
4 सिस्टर 01 01 –
5 स्टाफ नर्स 04 04 –
6 स्वास्थ्य कार्यकर्ता (महिला) 02 02 –
7 एम0एस0डब्लू 01 02 –
8 वाहन चालक 01 – 01
9 चतुर्थ श्रेणी 02 02 ––
केन्द्र के माध्यम से जनसंख्या, शिक्षा, समयान्तर विधियों का प्रचार एवं
उपलब्ध कराया जाना, गर्भवती महिलाओं को प्रसव पूर्व सेवाएं, उपलब्ध कराया
जाना, बच्चों का टीकाकरण एवं रोगियों को उपचार आदि प्रदान किया जा रहा है।
परिवार कल्याण अस्थाई विधियों की सुविधा :–
जिला महिला चिकित्सालय मुजफ्फरनगर में परिवार कल्याण कार्यकम के अन्तर्गत
अस्थाई विधियों की सुविधा जिसके अन्तर्गत कोपर टी निवेष, ओरल पिल्स वितरण
एवं निरोध वितरण की सुविधा नि:षुल्क प्रदान की जा रही हेै।
परिवार कल्याण स्थाई विधियों की सुविधा :–
जिला महिला चिकित्सालय मुजफ्फरनगर में महिला नसबन्दी आप्रेषन हेतु 600/–
प्रदान किये जाते है।
जिला महिला चिकित्सालय मुजफ्फरनगर में महिला नसबन्दी आप्रेषन हेतु 600/–
प्रदान किये जाते है।
आकस्मिक विभाग
रोगियों को 24 घण्टे आकस्मिक सेवाएें उपलब्ध करायी जाती है। आकस्मिक विभाग
में चिकित्सक एव पैरामेडिकल स्टाफ द्वारा रोस्टर के अनुसार राउण्ड दा क्लोक
चिकित्सा सुविधा प्रदान की जाती हेै। आकस्मिक विभाग में आये
रोगियों को सभी
सुविधायें 24 घण्टे नि:शुल्क दी जाती है। तथा सीजेरियन सुविधा एवं आकस्मिक
प्रसव सुविधा प्रदान की जाती हेै।
प्राईवेट वार्ड
जिला महिला चिकित्सालय में 2 प्राईवेट वार्ड स्थापित है। अधिकांशत: सभी
रोगियों द्वारा प्रयोग में आ रहे है। प्राईवेट वार्ड का शुल्क 100 रु0
प्रतिदिन प्रति शैय्या है।
अन्त: रोग विभाग
जिला महिला चिकित्सालय 102
शैय्याओं के द्वारा जनता की सेवा कर रहा है। सभी
वार्डों शौचालओं की सफाई व्यवस्था अति उत्तम है।
रोगियों को सभी औषधियाँ
चिकित्सालय से दी जाती है तथा विशेषज्ञाें की मांग पर विशेष औषधियाँ
स्थानीय क्रय कर
रोगियों को तुरन्त उपलब्ध करायी जा रही है।
रोगियों को उनकी मांग पर भोजन भी उपलब्ध कराया जा रहा है।
बाय रोग विभाग
बाय रोग विभाग में विषेशज्ञ महिला चिकित्सक , सर्जन, बाल रोग, तथा वरिश्ठ
चिकित्साधिकारियों द्वारा सामान्य रोग चिकित्सक
रोगियों का उपचार करते
हैं।
औषधि वितरण विभाग
ओ0पी0डी0 के रोगियों को औषधि वितरण विभाग द्वारा नि:षूल्क औशधियॉ वितरित की
जाती है यह कार्य चाीफ फार्मेसिस्ट के निदेषन में भण्डार में नियुक्ति
फार्मेसिस्ट द्वारा किया जाता है।
अल्ट्रासाउण्ड/एक्सरे विभाग
पूर्णत: क्रियाशील है– जिला चिकित्सालय के एक रेडियोलोजिस्ट सप्ताह में 3
दिन जिला महिला चिकित्सालय में अल्ट्रासाउण्ड करते हेै। विभाग में एक
अल्ट्रासाउण्ड मशीन उपलब्ध/क्रियाशील ए0एम0सी0 आच्छादित है। सफेद, गुलाबी
राशन कार्ड धारकों को अल्ट्रासाउण्ड नि:शुल्क कराये जाते है।
आप्रेशन कक्ष
जिला महिला चिकित्सालय में एक आप्रेषन कक्ष सभी आवष्यक उपकरणोे सहित उपलब्ध
हैजिसमें वरिश्ठ महिला चिकित्सको एवं एनेस्थेटिस्ट तथा प्रषिक्षित स्टाफ
द्वारा आप्रेेषन द्वारा महिला प्रसव सुविधा नि:षुल्क उपलब्ध करायी जाती
हैै
अपने अधिकारियओं एवं
कर्मचारिओं की निर्देशिका :–
जनपद मुजफ्फरनगर में मुख्य चिकित्सा अधीक्षिका के अधीन चिकित्सको एवं
कर्मचारियों के स्वीकृत, कार्यरत एवं रिक्त पदो का विवरण–
क्र0सं0 पदनाम स्वीकृत कार्यरत रिक्त
1 2 3 4 5
1 चिकि0अधिकारी ऐलोपैथिक 14 10 04
2 वरिष्ठ सहायक/लिपिक 02 – 02
3 चीफ फार्मेसिस्ट/फार्मेसिस्ट 05 05 –
4 सिस्टर 03 03 –
5 स्टाफ नर्स 07 07 –
6 एक्स रे टैक्नीशियन – – –
7
प्रयोगशाला प्राविधिक – – –
8
प्रयोगशाला सहायक ग्राम्य – – –
9 एम0एस0डब्लू
– – –
10 स्वास्थ्य कार्यकर्ता (महिला) 03 03 –
11 स्वास्थ्य प्रर्यवेक्षक (महिला) – – –
12 चतुर्थ श्रेणी 31 30 01
कार्यालय मुख्य चिकित्सा अधीक्षिका जिला महिला चिकित्सालय मुजफ्फरनगर
1.जिला चिकित्सालय उपलब्ध सुविधा
Beds विभाग
1 डा0 विधुलता तिवारी, मुख्य चिकित्सा अधीक्षिका जिला महिला चिकित्सालय
मुजफ्फरनगर
विशेषज्ञ चिकित्सा 102
डा0 अमिता गर्ग वरिष्ठ परार्मशदाता एमएस0/विशेषज्ञ/ले04
डा0 विजय त्यागी परामर्शदाता विशेषज्ञ डी0जी0ओ0/विशेषज्ञ/ले04
डा0 अमृत रानी भाम्बे एनेस्थेटिस्ट डी0ए0/विशेषज्ञ/ले03
डा0 प्रेमापन्त त्रिपाठी बाल रोग विशेषज्ञ डी0सी0एच0/विशेषज्ञ/ले03
डा0 हेमलता सिंह बाल रोग विशेषज्ञ एम0डी0 विशेषज्ञ/ले04
डा0 संगीता गुप्ता परार्मशदाता विशेषज्ञ डी0जी0ओ0/विशेषज्ञ/ले03
डा0 इन्द्रा सिंह परार्मशदाता विशेषज्ञ डी0जी0ओ0/विशेषज्ञ/ले04
डा0 अनिता सिंह
विशेषज्ञ
डी0जी0ओ0/विशेषज्ञ/ले04
डा0 अरूण कुमार एनेस्थेटिस्ट एम0डी0/ विशेषज्ञ /ले0 3
Ultrasound
डा0 एस0एस0केन रेडियोलोजिस्ट, जिला चिकित्सालय (पुरूष)
मुजफ्फरनगर के द्वारा तीन दिन (मंगलवार, ब्रहस्पतिवार, शनिवार) जिला महिला
चिकित्सालय मुजफ्फरनगर के यहा किये जाते है।
Pathology
उपलब्ध है।
Blood Bank जिला चिकित्सालय मुजफ्फरनगर
यूजर चार्ज:–
केवल ओ0पी0डी0 स्लिप का चार्ज 1/– रूपया लिया जाता है। प्रति
अल्ट्रासाउंड 100/– रूपये लिये जाते है। जननी सुरक्षा योजना के तहत सभी
सुविधायें नि:शुल्क प्रदान की जाती है।
उपलब्धि :–
129 नये रोगी प्रति चिकित्सक प्रतिदिन, 3848 रोगी प्रतिमाह।
44 रोगी भर्तीप्रतिदिन। 200 रोगी प्रतिमाह (102 शैय्याओं पर)
18 प्रसव प्रतिदिन, 537 प्रसव प्रतिमाह (102 शैय्याओं पर)
14 आपरेशन प्रतिदिन, 419 आपरेशन प्रतिमाह।
3 अल्ट्रासाउण्ड प्रतिदिन, 86 प्रतिमाह।
पैथोलोजिकल जॉच:–
45 सामान्य जॉच प्रतिदिन।
1342 सामान्य जॉच प्रतिमाह।
बी0पी0एल0 हेतु सुविधा आदि विवरण :–
जननी सुरक्षा योजना के अन्तर्गत सभी चैकअप/ सुविधा नि:शुल्क प्रदान की जाती
है।
क्या–क्या सुविधा प्रदान की जाती है :– जननी सुरक्षा योजना के अन्तर्गत
चिकित्सालय में उपलब्ध हर प्रकार की सुविधा नि:शुल्क प्रदान की जाती है।
मुख्य चिकित्सा अधीक्षिका
जिला महिला चिकित्सालय
मुजफ्फरनगर।
जनपद में कार्यरत अन्य चिकित्सा इकाईयो का विवरण।
1–सामु0स्वा0केन्द्र :–
जनपद के ग्रामीण क्षेत्रो में खतौली,जानसठ,शामली,कैराना,थानाभवन, कांधला ,
गढीनौआबाद में सामु0स्वा0केन्द्र स्थापित है।प्रत्येक केन्द्र बाहय रोगी
विभाग तथा अन्त: रोगी विभाग स्थापित है। प्रत्येक केन्द्र 30 रोगी षैय्या
उपलब्ध है।प्रत्येक केन्द्र के आकस्मिक विभाग में राउण्ड दा क्लोक रोस्टर
द्वारा चिकित्सक एवं अन्य स्टाफ तैनात कर रोगियों को नि: षुल्क सुविधा
प्रदान की जाती है। सामु0स्वा0केन्द्र गढीनौआबाद को छोडकर अन्य सभी केन्द्रो
पर एक्सरे एवं एक्बुलेस सुविधा उपलब्ध है।
ओ0पी0डी0 में रोगी चार्ज एक रूपये लिया जाता हैै।सभी रोगियो को आवष्यक
औशधियों नि:षुल्क प्रदान की जाती है।
समस्त केन्द्रो के माध्यम से विभिन्न राश्ट्रीय कार्यक्रमों के अन्तर्गत सभी
सुविधाए नि:षुल्क प्रदान की जाती हेैै।
2–प्रा0स्वा0केन्द्र :–
जनपद के ग्रामीण क्षेत्रो में मोरना,मेघाखेडी (सदर),पुरकाजी,चरथावल,बघरा,
शाहपुर बुढाना गालिबपुर(खतौली) कुडाना (शामली) ऊन में ब्लाक स्तरीय
प्रा00स्वा0केन्द्र स्थापित है।प्रत्येक केन्द्र बाहय रोगी विभाग तथा अन्त:
रोगी विभाग स्थापित है। प्रत्येक केन्द्र 04 रोगी
शैय्या उपलब्ध है।प्रत्येक
केन्द्र के आकस्मिक विभाग में राउण्ड दा क्लोक रोस्टर द्वारा चिकित्सक एवं
अन्य स्टाफ तैनात कर रोगियों को नि: षुल्क सुविधा प्रदान की जाती है।
ओ0पी0डी0 में रोगी चार्ज एक रूपये लिया जाता है।सभी रोगियो को आवष्यक
औशधियों नि:शुल्क प्रदान की जाती है।
समस्त केन्द्रो के माध्यम से विभिन
राष्ट्रीय कार्यक्रमों के अन्तर्गत सभी
सुविधाए नि:शुल्क प्रदान की जाती
हे।
3–अति0 प्रा0स्वा0केन्द्र :–
जनपद के ग्रामीण क्षेत्रो में प्रत्येक विकास खण्ड में तीस हजार की जनसख्या
पर अतिरिक्त प्रा0स्वा0केन्द्र की स्थापना की गयी है।प्रत्येक केन्द्र बाहय
रोगी विभाग तथा अन्त: रोगी विभाग स्थापित है। प्रत्येक केन्द्र 02 रोगी
षैय्या उपलब्ध है।प्रत्येक केन्द्र पर प्राथमिक उपचार सुविधा एवं भर्ती
सुविधा रोगियों
को नि:शुल्क सुविधा प्रदान की जाती है।
ओ0पी0डी0 में रोगी चार्ज एक रूपये लिया जाता है।सभी रोगियो को आवष्यक
औशधियों नि:षुल्क प्रदान की जाती है।
समस्त केन्द्रो के माध्यम से विभिन्न राश्ट्रीय कार्यक्रमों के अन्तर्गत सभी
सुविधाए नि:षुल्क प्रदान की जाती
हे
स्वास्थ्य विभाग द्वारा संचालित विभिन्न कार्यक्रम एवं सेवाओं को विवरण
राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन के अन्तर्गत
1–जननी सुरक्षा योजना
राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन के अन्तगर्त वर्ष 2005–06 में जननी
सुरक्षा योजना प्रारम्भ की गई।इस योजना का उद्देश्य महिलाओं को सुरक्षित
प्रसव एवं संस्थागत प्रसव के लिए प्रोत्साहित करना है ताकि मातृ एवं शिशु
मृत्यु दर में कमी लाई जा सके। यह योजना प्रदेश के समस्त जनपदों में
क्रियान्वित की जा रही है।
लक्ष्य :–
योजना का लक्ष्य महिलाओं को गर्भावस्था पंजीकरण, सुरक्षित प्रसव,
प्रसवोत्तर सेवाएं प्रदान करने के साथ ही प्रसव के समय/पश्चात धनराशि
प्रदान करना ताकि वे उस धनराशि का उपयोग प्रसव से संबंधित विविध आवश्यकताओं
के लिए कर सकें। सुरक्षित मातृत्व की परिकल्पना को साकार करना है। ग्रामीण
क्षेत्र की वे महिलाएं जो प्रसव के लिए चिकित्सालय जाना चाहती है, किन्तु
धनाभाव के कारण वाहन की व्यवस्था व व्यय करने में असमर्थ है, उनको
चिकित्सालय तक ले जाने के लिए वाहन की व्यवस्था, चिकित्सालय में उनके साथ
रहने व भोजन आदि की व्यवस्था करना– महिलाओं के क्षेत्र से ही चयनित सामाजिक
स्वास्थ्य कार्यकर्ती ‘‘आशा’’ के द्वारा ये सेवायें प्रदान की जाती है। इस
व्यवस्था के लिए भी योजना में धनराशि का प्राविधान किया गया है।
जननी सुरक्षा योजना के अन्तर्गत लाभार्थियों को निम्न मानक के अनुसार धनराशि
दी जाती है–
1. ग्रामीण स्वास्थ्य इकाई यथा उपकेन्द्र/प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र/
सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र/प्रथम संदर्भन इकाई/जिला महिला चिकित्सालय में
प्रसव कराने पर ग्रामीण संस्थागत प्रसव के लिए रू0 1400/–की सहायता धनराशि
दी जाती है। उपरोक्त लाभार्थियों को आवश्यकता पड़ने पर चिकिसालय ले जाने के
लिए आशा द्वारा वाहन की व्यवस्था की जाती है जिसके लिए रू0 250/–तक की
धनराशि व्यय की जा सकती है। लाभार्थी महिला के साथ चिकित्सालय में रहने व
भोजन आदि की व्यवस्था के लिए रू0 150/– तक की धनराशि का प्राविधान है।
लाभार्थी महिला को प्रसव पूर्व पंजीकरण, गर्भावस्था जॉच, सुरक्षित प्रसव/संस्थागत
प्रसव हेतु सेवाएं एवं नवजात शिशु का बी0सी0जी0 टीकाकरण कराने पर ‘‘आशा’’
को रू0 200/– की प्रोत्साहन धनराशि दी जाती है।
2. शहरी इकाईयों/जनपद/राज्य स्तरीय चिकित्सालयों के जनरल वार्ड में प्रसव
कराने वाली महिलाओं को रू01000/–की धनराशि दी जाती है। आशा द्वारा इन
महिलाओं को समस्त सेवाएं प्रदान करने पर रू0 200/–प्रोत्साहन धनराशि के रूप
में दी जाती है।
3. घरेलू प्रसव कराने पर वे महिलाएं जिनकी आयु 19 वर्ष या अधिक है, दो
जीवित बच्चों के जन्म तकबी0पी0एल0 कार्ड प्रस्तुत करने पर रू0 500/– की
धनराशि दी जाती है।
4. जनपदं में इस योजना के अन्तर्गत लाभार्थियों को सेवाएं प्रदान की जा रही
है।
जननी सुरक्षा योजना तथा सौभाग्यवती सुरक्षित मातृत्व योजना का तुलनात्मक
विवरण।
जननी सुरक्षा योजनासौभाग्यवती सुरक्षित मातृत्व योजना
राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन के अन्तर्गत जननी सुरक्षा योजना प्रदेश
के समस्त जनपदों में चलाई जा रही है। इस योजना के अन्तर्गत गर्भवस्था में
दी जाने वाली सेवायें, प्रसव के समय दी जाने वाली सेवायें तथा प्रसवोपरान्त
महिला तथा उसके नवजात शिशु की देखभाल आदि समस्त सेवाओं का एकीकरण कर लिया
गया है एवं यह सेवायें उस महिला के क्षेत्र की स्वास्थ्य कार्यकत्र्री/आशा
कार्यकत्र्री द्वारा अथवा उसकी सहायता से उपलव्ध करायी जा रही है।1–ग्रामीण
स्वास्थ्य इकाई यथा उपकेन्द्र/ प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र/सामुदायिक
स्वास्थ्य केन्द्र/प्रथम संदर्भन इकाई में प्रसव कराने पर ग्रामीण संस्थागत
प्रसव के लिए रू0 1400/–की सहायता धनराशि दी जाती है। उपरोक्त लाभार्थियों
को आवश्यकता पड़ने पर चिकिसालय ले जाने के लिए आशा द्वारा वाहन की व्यवस्था
की जाती है जिसके लिए रू0 250/–तक की धनराशि व्यय की जा सकती है। लाभार्थी
महिला के साथ चिकित्सालय में रहने व भोजन आदि की व्यवस्था के लिए रू0 150/–
तक की धनराशि का प्राविधान है। लाभार्थी महिला को प्रसव पूर्व पंजीकरण,
गर्भावस्था जॉच, सुरक्षित प्रसव/संस्थागत प्रसव हेतु सेवाएं एवं नवजात शिशु
का बी0सी0जी0 टीकाकरण कराने पर ‘‘आशा’’ को रू0 200/– की प्रोत्साहन धनराशि
दी जाती है।2–शहरी इकाईयों/जनपद/राज्य स्तरीय चिकित्सालयों के जनरल वार्ड
में प्रसव कराने वाली महिलाओं को रू0 1000/– की धनराशि दी जाती है। आशा
द्वारा इन महिलाओं को समस्त सेवाएं प्रदान करने पर रू0 200/–प्रोत्साहन
धनराशि के रूप में दी जाती है।3– घरेलू प्रसव कराने पर वे महिलाएं जिनकी आयु
19 वर्ष या अधिक है, दो जीवित बच्चों के जन्म तक बी0पी0एल0 कार्ड प्रस्तुत
करने पर रू0 500/– की धनराशि दी जाती है।जननी सुरक्षा योजना के अन्तर्गत
बी0पी0एल0 परिवार की महिलाओं को निजी नर्सिंग होम/चिकित्सालयों में सभी
प्रकार के प्रसवों की सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से सौभाग्यवती’’
सुरक्षित मातृत्व योजना 13 मई 2008 से लागू हो गई है। यह योजना पूर्णरूपेण
राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन से वित्त पोषित है। लाभाथी मान्यता
प्राप्त किसी भी निजी नर्सिंग होम/ चिकित्सालय से सेवायें प्राप्त कर सकता
है। योजना के अन्तर्गत संबंधित नर्सिंग होम/ चिकित्सालय में निम्न सुविधाएं
उपलब्ध कराई जायेगी–1– सामान्य स्वास्थ्य परीक्षण जिसमें खून की जॉच भी
सम्मिलित होगी। अत्यन्त आवश्यक होने पर सोनोग्राफी की सुविधा लेकिन यह
सुनिश्चित किया जायेगा कि यह जॉच पी0एन0डी0टी0 अनिधनियम के प्राविधानों के
अनुरूप होगी।2–प्रसव की सुविधा जिसमें सामान्य / सहायतित/सिजेरियन प्रसव
सम्मिलित होंगे।3– सामान्य प्रसव की दशा में कम से कम 24 घण्टे व अन्य
प्रसवों की दशा में 3 से 5 दिन अस्पताल प्रवास जिसके दौरान भोजन आदि की
सुविधा भी उपलब्ध होगी।4– नवजात शिशु की आवश्यक देखभाल।5– प्रसव के उपरान्त
किसी समस्या के आने पर परामर्श।6– प्रसव के दौरान आवश्यक समस्त दवायें एवं
कन्ज्यूमेबिल्स।7– वैकल्पिक सेवा– लाभार्थी की स्वेच्छानुसार नसबन्दी कराया
जाना।इन समस्त सुविधायें प्रदान करने के लिए नर्सिंग होम/चिकित्सालय को
योजना के अन्तर्गत धनराशि का भुगतान किया जायेगा। लाभार्थियों को जननी
सुरक्षा योजना के अन्तर्गत अनुमन्य सहायता (ग्रामीण क्षेत्र में रू01400/–
एवं शहरी क्षेत्र में रू0 1000/–) पूर्ववत मिलेगी।
प्रदेश मे निम्न राष्ट्रीय कार्यक्रम चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा
संचालित किये जाते है:–
सभी
राष्ट्रीय कार्यक्रमों का क्रियान्वयन सफलतापूर्वक संचालन जनपद स्तर पर
किया जाता है।
पुनरीक्षित क्षय रोग नियन्त्रण कार्यक्रम :–
प्रदेश एवं जनपद में क्षय रोग के नियंत्रण हेतु पुनरीक्षित राश्ट्रीय क्षय
नियंत्रण कार्यक्रम भारत सरकार के दिषा निर्देषानुसार चलाया जा रहा है।
कार्यक्रम के अन्तर्गत प्रदेश में सम्भावित क्षय रोगियों का उपचार डॉट्स
प्रणाली द्वारा किया जा रहा है। कार्यक्रम के अन्तर्गत सम्भावित क्षय रोगियों
का पंजीकरण, जांच से लेकर उपचार तक की सभी सुविधाएं नि:षुल्क प्रदान की जाती
हैं। कार्यक्रम का मुख्य उद्देष्य 70 प्रतिषत नये बलगम धनात्मक क्षय रोगियों
की खोज तथा उसकी निरन्तरता बनाये रखना एवं नये बलगम धनात्मक रोगियों को 85
प्रतिषत रोगमुक्त तथा उसकी निरन्तरता बनाये रखना है। पाँच लाख की आबादी पर
एक टी.बी. यूनिट स्थापित है। एक लाख की आबादी पर सम्भावित क्षय रोगियों की
जांच एवं उपचार हेतु एक माइक्रोस्कोपी केन्द्र स्थापित हैं। क्षय रोगियों
के उनके निवास के अति निकट औशधियाँ खिलाये जाने के उद्देष्य से 5–10
हजार की आबादी पर एक–एक डॉट्स केन्द्र स्थापित हैं, जहाँ पर प्रषिक्षित
कार्यकर्ताओं द्वारा क्षय निरोधी औशधियां सप्ताह में तीन दिन क्रमष:
सोमवार,बुद्धवार एवं षुक्रवार को खिलाई जाती हैं।
अंधता निवारण सेवाए:
नेत्र रोगियो की संख्या मे कमी लाना :–
नेत्र रोगियो मे कमी लाने हेतु राज्य स्तर तथा जनपद स्तर पर मोतिया बिन्दु
आपरेषन की साधारण एवं आई0ओ0एल0 विधि द्वारा षल्य क्रिया करना। 08 से 14
वर्श की आयु के स्कूल जाने वाले बच्चो के नेत्री की जॉच एवं निषुल्क चष्मा
वितरण करना, नेत्र बैंक की स्थापना एवं कार्निया प्रत्यारोपण की प्रोत्साहन
एवं जनता में नेत्रदान की जागरूकता पैदा करना।
ऐसे विकास खण्ड जिसमे नेत्र रोग की व्यापकता दर 2 प्रति 10,000 जनसंख्या से
अधिक हो वहॉ विषेश अभियान घर–घर सर्वेक्षण एवं प्रषिक्षण द्वारा नेत्र
रोगियो को खोजकर नियमित उपचार प्रदान करके व्यापकता दर मे कमी लानी है।
सूचना
शिक्षा एवं संचार–नेत्र रोग के बारे मे जन–जागरूकता लाने हेतु सूचना
षिक्षा एवं संचार के अन्तर्गत स्कूल कॉलेजो मे निबंधक एवं वाद विवाद, वाद
विवाद प्रतियोगिता का आयोजन। अधिक व्यापकता वाले स्वास्थ्य केन्द्रो मे
विषेश रूप से होर्डिग एवं डिस्प्ले बोर्ड के माध्यम से परस्पर प्रचार किया
जायेगा।
विकलाँग पर नियंत्रण एवं चिकित्सा पुर्नवास–अंधता नियंत्रण कार्यक्रम के
अन्तर्गत इस प्रकार की कोई व्यवस्था नही है।
राष्ट्रीय कुष्ठ निवारण कार्यक्रम :–
11वीं पंच वर्षीय योजनाकाल में कुष्ठ रोग का निवारण अर्थात 01 रोगी प्रति
10,000 जनसंख्या के स्तर जनपद एवं विकास खण्ड स्तर प्राप्त करने तथा
विकलांग रोगियों के यथा संभव चिकित्सकीय पुर्नवास के उद्देश्य से प्रदेश
में कार्यक्रम संचालित है।
कुष्ठ निवारण सेवाओं की गुणवत्ता में वृद्धि हेतु चिकित्सा अधिकारियों,
फार्मासिस्टों, स्वास्थ्य पर्यवेक्षकों, तथा स्वास्थ्य कार्यकत्र्ताओं के
बैच में प्रशिक्षित किया जाना। जिससे वे कुष्ठ रोग की जटिलताओं का जॉच एवं
उपचार हेतु पूर्णतया सक्षम हों।
कुष्ठ रोगियों की संख्या में कमी लाना कुष्ठ रोग के इपीडिमियालोजिकल
स्टेट्स का राज्य स्तर पर जनपद स्तर से विकास खण्ड स्तर तक निरन्तर
अनुश्रवण एवं मूल्यांकन किया जायेगा तथा अधिक व्यापकता दर वाले क्षेत्र में
कुष्ठ रोग की व्यापकता दर में कमी लाने हेतु विशेष रूप से प्रयास किये
जायेंगे। ऐसे विकास खण्ड जिनमें कुष्ठ रोग की व्यापकता दर 2 प्रति 10000
जनसंख्या से अधिक वहॉ विशेष अभियान चलाकर घर–घर सर्वेक्षण एवं परीक्षण
द्वारा कुष्ठ
रोग ी खोजकर नियमित उपचार प्रदान करके व्यापकता दर में कमी
लायी जायेगी। सूचना शिक्षा एवं संचार कुष्ठ रोग के बारे में जन जागरूकता
लाने हेतु सूचना शिक्षा एवं संचार के अन्तर्गत स्कूल कॉलेजों में निबंध एवं
वाद–विवाद प्रतियोगिता का आयोजन, जनपद एवं विकास खण्ड स्तर पर रैली का
आयोजन, विकास खण्ड स्तर पर गणमान्य नागरिकों की कार्यशाला, गैर सरकारी
संस्थाओं के संस्थापकों की कार्यशाला, स्वास्थ्य मेले का आयोजन किया जायेगा।
इसके अतिरिक्त अधिक व्यापकता दर वाले विकास खण्डों में विशेषकर लोक गीत, लघु
सांस्कृतिक कार्यक्रम, कठपुतली
प्रदर्शन एवं जादू प्रदर्शन द्वारा
कुष्ठ रोग का प्रचार–प्रसार किया जायेगा। साथ ही अधिक व्यापकता दर वाले
प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों में विशेष रूप से होर्डिग्स एवं डिसप्ले
बोर्ड के माध्यम से प्रचार–प्रसार किया जायेगा। संचार माध्यमों के उपयोग
द्वारा कुष्ठ रोग के बारे में प्रचार प्रसार कर जनता को इस स्तर तक जागरूक
करना, जिससे कुष्ठ रोग पीडि़त व्यक्ति स्वेच्छा से जॉच एवं उपचार हेतु
स्वास्थ्य केन्द्रों पर उपस्थित हो।
वेक्टर जनित रोग व राष्ट्रीय मलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम–
प्रदेश में चलाए जा रहे विभिन्न राष्ट्रीय कार्यक्रमों में राष्ट्रीय
वेक्टर जनित रोग नियन्त्रण कार्यक्रम एक विशालतम एवं महत्वपूर्ण कार्यक्रम
है। प्रदेश मुख्यालय से प्राप्त निर्देषो का अनुपालन करते हुए जनपद
स्तर पर क्रियान्वयन किया जाता है।
इन पांच वेक्टर जनित रोगों में से तीन परजीवी के कारण (मलेरिया, फाइलेरिया,
कालाजार) तथा शेष दो रोग ए.ई.एस.एवं डैगूं वाइरस के कारण होते हैं ।
मनुष्य में मलेरिया परजीवी का भार प्रदेश के साथ–साथ जनपद के सभी स्थानों
में पाया जाता है, परन्तु अन्तर्राज्यीय सीमा से लगा जनपद होने के कारण
अधिक सवेंदनशील हैं। फाइलेरिया रोग का परजीवी प्र्रदेश के पूवी भाग
के 50 जनपदों में पाया जाता है प्रदेश के पष्चिम क्षेत्र में इस रोग
की व्यापक्ता नही हेै।
जपानीज इन्सेफैलाइटिस रोग प्रदेश के जनपदा में तथा डेंगू रोग प्रदेश के घनी
आबादी वाले नगरो विशेषकर दिल्ली एवं हरियाण्णा प्रान्त सीमावर्ती जनपदो मे
होता है कार्यक्रम के अन्र्तगत मलेरिया, फाइलेरिया, जापानीज इन्सेफैलाइटिस,
डेंगू, चिकुनगुन्या मच्छरों से तथा कालाजार बालू मक्खी द्वारा फैलने वाले
रोगों से बचाव एवं नियन्त्रण की कार्यवाही सुनिश्चित की जाती है ।
रणनीति :–
वाहक पर नियन्त्रण।
मच्छर के लार्वा पर नियन्त्रण तथा सेनिटरी इन्जीनियरिंग ।
वयस्क मच्छरों के नियन्त्रण हेतु कीटनाशक छिड़काव एवं फॉगिंग ।
मनुष्य–मच्छर के सम्पर्क को रोकने हेतु निरोधात्मक उपाय ।
सर्वेक्षण।
निदान एवं उपचार।
स्वास्थ्य शिक्षा ।
प्रशिक्षण।
परिवार कल्याण
जनपद में परिवार कल्याण कार्यक्रम के अंतर्गत निम्नलिखित योजनाओं का संचालन
राज्य सरकार के निर्देषानुसार किया जा रहा है–
1. जिला प्रसवोत्तर केन्द्र:जिला महिला चिकित्सालय मु0नगर
2. उपजिला स्तरीय प्रसवोत्तर केन्द्र:जानसठ,खतौली,कैराना,शामली
3. नगरीय परिवार कल्याण केन्द्र: मु0नगर एवं कांधला
जिला प्रसवोत्तर केन्द्र :–
गर्भवती महिलाओं को प्रसव पूर्व, प्रसव तथा प्रसव उपरान्त सेवाएं दी जा रही
है। बच्चों के टीकाकरण एवं बच्चों में जटिलताओं का निदान भी इन केन्द्रों
के माध्यम से किया जा रहा है।
उप जिला प्रसवोत्तर केन्द्र :–
इन केन्द्रों के माध्यम से गर्भवती महिलाओं एवं बच्चों को सेवाएं प्रदान की
जा रही है।
नगरीय परिवार कल्याण केन्द्र :–
इन केन्द्रों के माध्यम से जनसंख्या, शिक्षा, समयान्तर विधियों का प्रचार
एवं उपलब्ध कराया जाना, गर्भवती महिलाओं को प्रसव पूर्व सेवाएं, उपलब्ध
कराया जाना, बच्चों का टीकाकरण एवं छोटे रोगों को उपचार आदि प्रदान किया जा
रहा है।
नगरीय परिवार कल्याण ब्यूरो :–
प्रसवोत्तर कार्यक्रम के अंतर्गत प्रदेश में 5 नगरीय परिवार कल्याण ब्यूरो
क्रियाशील हैं, जिसमें 2 राज्य सरकार द्वारा एवं 3 स्वैच्छिक संस्थाओं
द्वारा संचालित किये जा रहे हैं, जिसमें परिवार कल्याण कार्यक्रम की
ग्राहयता को बढ़ाये जाने हेतु सेवाएं प्रदान की जा रही है।
परिवार कल्याण अस्थाई विधियों की सुविधा
:–
जनपद के समस्त सामु0स्वा0केन्द्रो पर एवं प्रा0स्वा0केन्द्र तथा उपकेन्द्रो
पर परिवार कल्याण कार्यकम के अन्तर्गत अस्थाई विधियों की सुविधा जिसके
अन्तर्गत कोपर टी निवेष, ओरल पिल्स वितरण एवं निरोध वितरण की सुविधा
नि:षुल्क प्रदान की जा रही हेै।
परिवार कल्याण स्थाई विधियों की सुविधा :–
जिला महिला चिकित्सालय मुजफरनगर में महिला नसबन्दी आप्रेषन सुविधा प्रतिदिन
नि:षुल्क उपलब्ध है। जनपद के सामु0स्वा0केन्द्र/प्रा0स्वा0केन्द्रो पर माह
में षिविर आयोजित कर यह सुविधा प्रदान की जा रही हेै।
जिला पुरूष चिकित्सालय मुजफरनगर में पुरूष नसबन्दी आप्रेषन
एन0एस0वी0विधि द्वारा प्रतिदिन तथा जनपद के अन्य केन्द्रो पर षिविर आयेाजित
कर सुविधा प्रदान की जा रही है।
महिला एवं पुरूष नसबन्दी कराने वाले लाभार्थी को षासन द्वारा
निर्धारित प्रोत्साहन राषि का भुगतान किया जाता है।
नियमित टीकाकरण कार्यक्र्रम
यू0आई0पी0 कार्यक्रम के अन्तर्गत गर्भवती महिलाओं को टिटेनस से बचाव हेतु
एक माह के अन्तराल पर दो टीके तथा एक वर्श तक के बच्चों को बी0सी0जी0,
डी0पी0टी0, पोलियो तथा खसरे के टीके तथा डेढ़ वर्श और पॉंच वर्श की आयु पर
बूस्टर टीके (तथा साथ में विटामिन ए की छ:–छ: माह के अन्तराल पर कुल 9
खुराकें) निम्न समय सारिणी के अनुसार उपलब्ध कराए जाते हैं–
गर्भवती महिला के लिए
गर्भावस्था के प्रारंभिक महीनों में –
टी0टी0–। या बूस्टर (इन्जेक्षन)
(गर्भ का पता चलते ही)
टी0टी0प्रथम टीके के एक माह बाद – टी0टी0–।। (इन्जेक्षन)
शिषु के लिए
जन्म पर (संस्थागत प्रसव में) – बी0सी0जी0, जीरो डोज पोलियो
डेढ़ माह पर –बी0सी0जी0 (यदि पहले न दिया गया हो)
डी0पी0टी0(इन्जेक्षन) व पोलियो की प्रथम खुराक
ढाई माह व साढ़े तीन माह पर – डी0पी0टी0 (इन्जेक्षन) व पोलियो की क्रमष:
द्वितीय तथा तृतीय खुराकें
9 माह पर – खसरा (इन्जेक्षन),
विटामिन ‘ए’ का घोल प्रथम खुराक
(1 एम0एल0 अर्थात् एक लाख यूनिट)
डेढ़ वर्श पर – डी0पी0टी0 बूस्टर (इन्जेक्षन), पोलियो बूस्टर
खुराक, विटामिन ‘ए’ घोल द्वितीय खुराक
(2 एम0एल0 अर्थात दो लाख यूनिट)
2 वर्श से 5 वर्श तक – विटामिन ‘ए’ घोल की छ:–छ: माह के अन्तराल
से 7 खुराकें (प्रत्येक खुराक 2 एम0एल0
अर्थात् दो लाख यूनिट)
5 वर्श – डी0टी0 (इन्जेक्षन)
10 एवं 16 वर्श – टी0टी0 (इन्जेक्षन)
उक्त सभी टीके जिला चिकित्सालय, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र, प्राथमिक
स्वास्थ्य केन्द्र व उप–केन्द्रों पर प्रत्येक बुधवार व षनिवार को नि:षुल्क
लगाये जाते हैं। इसके अतिरिक्त प्रदेश के प्रत्येक गॉंव/षहरी क्षेत्रों
में महिला स्वास्थ्य कार्यकत्री (ए0एन0एम0) द्वारा पूर्व निर्धारित
कार्यक्रम के अनुसार दूरस्थ सत्र आयोजित कर यह सेवाएं प्रदान की जाती हैं।
राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन के
अन्तर्गत
नियमित टीकाकरण कार्यक्रम के सुुदृढी़करण हेतु
नई रणनीति–
नियमित टीकाकरण कार्यक्रम के सुदृढ़ीकरण हेतु राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य
मिषन (एन0आर0एच0एम0) के अन्तर्गत तथा आर0सी0एच0–2 के पार्ट–सी के तहत भारत
सरकार द्वारा उपलब्ध कराये गये दिषानिर्देषानुसार सभी जनपदों को निम्नलिखित
कार्यवाहियों की क्रियान्वयन तथा कार्य की गुणवत्ता सुनिष्चित करने हेतु
निर्देष दिये गये हैं:–
लाभार्थियों को टीके लगाने के लिए केवल स्वयं निश्प्रयोज्य हो जाने वाली
सिरिन्ज (आटो डिसेबल्ड) का प्रयोग किया जा रहा है।
टीकाकरण सत्र स्थल पर समय से वैक्सीन पहुंचाने के लिए, उत्तरदायी व्यक्ति
को रू0 50.00 प्रति टीकाकरण स्थल की दर से भुगतान हेतु धनराषि की उपलब्ध
कराई गई है।
ग्रामीण एवं नगरीय मलिन/पिछड़ी बस्तियों में टीकाकरण सत्रों में महिलाओं एवं
बच्चों को लाने के लिएमोबिलाइजर को रू0 150.00 प्रति सत्र की दर से धनराषि
की व्यवस्था की गई है।
टीकाकरण कर्मी की अनुपलब्धता की स्थिति में टीकाकरण सत्रों के सफल
क्रियान्वयन हेतु रू0 300.00 प्रति टीकाकरण कर्मी प्रति सत्र की दर से
टीकाकरण कर्मी रखने की व्यवस्था की गई है।
जनपद स्तर पर टीकाकरण कार्यक्रम की सत्र–वार रिपोर्ट के संकलन, रिम्स
साफ्टवेयर में आंकड़े भरने एवं अनुश्रवण के लिए प्रत्येक जिला प्रतिरक्षण
अधिकारी के अधीन संविदा के आधार पर रू0 7000.00 प्रति माह की दर से एक
कम्प्यूटर सहायक रखने की व्यवस्था की गई है।
जनपद स्तर पर टीकाकरण सत्रों के निरीक्षण, कार्यक्रम के अनुश्रवण के लिए
प्रत्येक जनपद के जिला प्रतिरक्षण अधिकारियों को प्रति माह रू0 4000.00 की
धनराषि उपलब्ध कराई गई है।
कोल्ड चेन व्यवस्था के सुदृढ़ीकरण हेतु रिपेयर एवं पी0ओ0एल0 हेतु धनराषि
उपलब्ध कराई जा रही है।
नियमित टीकाकरण सत्रों की मॉनीटरिंग–
नियमित टीकाकरण सत्रों के
आयोजन, मॉनिटरिंग एवं वैक्सीन की उपलब्धता सुनिष्चित किये जाने हेतु आवष्यक
निर्देष मुख्य चिकित्सा अधिकारियों को प्रेशित किये गये हैं। जो
निम्नानुसार हैं–
नियोजित एवं आयोजित सत्रों की सूचना प्रत्येक सत्रवार महानिदेषालय में
प्राप्त कराया जाए।
जनपद स्तरीय भण्डारण केन्द्र पर वैक्सीन तथा लॉजिस्टिक की पाक्षिक सूचना
महानिदेषालय में प्राप्त करायी जाए।
गत माह के दौरान टीकाकरण सत्रों की ब्लॉकवार मॉनिटरिंग की प्रत्येक माह की
सूचना
महानिदेषालय में प्राप्त करायी जाए।
सभी स्तर के अधिकारियों द्वारा नियमित मॉनिटरिंग की जा रही है। मॉनिटरिंग
रिपोर्ट को
मुख्यालय स्तर पर संकलित कर समीक्षा के उपरान्त सुधारात्मक उपाय किये जाते
हैं।
अन्य विभागो की सहभागिता–
टीकाकरण सत्रों के सफल संचालन हेतु विभिन्न सहयोगी विभागों/संस्थाओं (यथा–
आई0सी0डी0एस0 यूनिसेफ, डब्लू0एच0ओ0,पी0सी0आई0) का सहयोग प्राप्त किया जा रहा
है।
प्र्रशिक्षण–
नियमित टीकाकरण सत्रों के गुणवत्तापरक संचालन हेतु हेल्थ अधिकारियों/ वर्कर
/ए0एन0एम0/एल0एच0वी0 को प्रषिक्षित किया जा रहा है।
विशेष टीकाकरण सप्ताहो का आयोजन–
प्रदेश में टीकाकरण के आच्छादन को बढ़ाने हेतु नवम्बर 2007 तथा मार्च
2008 के मध्य 4 विषेश टीकाकरण सप्ताहों का आयोजन किया गया। अभियान के दौरान
प्रदेश में समस्त गर्भवती माताओं को टी0टी0 के दो टीके तथा 0–1 वर्श
के बच्चों को छ: जानलेवा बीमारियों के विरूद्ध बीमारियों के टीकों से
आच्छादित किया गया।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी, मुजफ्फरनगर
निर्माण
कार्य :–
क्र0सं0 योजना का नाम
कार्य का विवरण विकास खण्ड का
नाम कार्य स्थल
कार्य पर खर्च धनराशि (लाख मे)
वित्तीय वर्ष
1
सामु0स्वा0/प्रा0स्वा0केन्द्रो का निर्माण
भवन निर्माण
बुढाना सामु0स्वा0केन्द्र बुढाना
133.45
2007–2008
2 तदैव
भवन निर्माण
तदैव
प्रा0स्वा0केन्द्र मौ0पुरराय सिंह
77.18
तदैव
3 तदैव
भवन निर्माण
कांधला
प्रा0स्वा0केन्द्र फुगाना
77.18
तदैव
4 तदैव
भवन निर्माण
तदैव
प्रा0स्वा0केन्द्र रियावलीनगला 77.18
तदैव
5 तदैव
भवन निर्माण
शामली
प्रा0स्वा0केन्द्र सिलावर
77.18
तदैव
6 तदैव
भवन निर्माण
शामली
प्रा0स्वा0केन्द्र बहावडी
77.18
तदैव
7 तदैव
भवन निर्माण
कैराना
प्रा0स्वा0केन्द्र ऊंचागावं
77.18
तदैव
8 तदैव
भवन निर्माण
थानाभवन
प्रा0स्वा0केन्द्र बाबरी
77.18
तदैव
9 तदैव
भवन निर्माण
मोरना
प्रा0स्वा0केन्द्र ककरौली
77.18
तदैव
10 तदैव
भवन निर्माण
तदैव
प्रा0स्वा0केन्द्र तिस्सा
77.18
तदैव
11 तदैव
भवन निर्माण
ऊन
प्रा0स्वा0केन्द्र केरटू
77.18
तदैव
12 तदैव
भवन निर्माण
शाहपुर
प्रा0स्वा0केन्द्र पुरबालियान
77.18
तदैव
13 तदैव
भवन निर्माण
पुरकाजी
प्रा0स्वा0केन्द्र तेजलहेडा
77.18
तदेव
14 तदैव
भवन निर्माण
तदैव
प्रा0स्वा0केन्द्र छपार महारायपुर
77.18
तदैव
15 तदैव
भवन निर्माण
बघरा
प्रा0स्वा0केन्द्र पिन्ना
77.18
तदैव
16 तदैव
भवन निर्माण
तदैव
प्रा0स्वा0केन्द्र हरसौली
77.18
तदैव
क्र0सं0 योजना का नाम कार्य का विवरण विकास खण्ड का
नाम
कार्य स्थल
कार्य पर खर्च धनराशि (लाख मे)
वित्तीय वर्ष
1
मल्टी सैक्टोरल भवन निर्माण
सदर
उपकेन्द्र सुजडू
6.90 लाख
2008–2009
डिस्ट्रिक्ट डवलपमेन्ट प्लान
2 तदैव भवन निर्माण
तदैव
मुस्तफाबाद
6.90 लाख
2008–2009
3 तदेव भवन निर्माण
तदैव
सरवट
6.90 लाख
2008–2009
4 तदैव भवन निर्माण
तदैव
बिलासपुर
6.90 लाख
2008–2009
5 तदेव भवन निर्माण
थानाभवन
गढीअब्दुल्लाखां
6.90 लाख
2008–2009
6 तदैव भवन निर्माण
तदैव
कैडी
6.90 लाख
2008–2009
7 तदेव भवन निर्माण
चरथावल
नगला राई
6.90 लाख
2008–2009
8 तदैव भवन निर्माण
तदैव
हैबतपुर
6.90 लाख
2008–2009
9 तदेव भवन निर्माण
तदैव
दधेडू खुर्द
6.90 लाख
2008–2009
10
तदैव भवन निर्माण
तदैव
कुटेसरा
6.90 लाख
2008–2009
11 तदैव भवन निर्माण खतौली फुलत 6.90 लाख 2008–2009
12 तदेव भवन निर्माण मोरना सिकरी 6.90 लाख 2008–2009
13 तदैव भवन निर्माण तदैव खेडीफिरोजाबाद 6.90 लाख 2008–2009
14 तदेव भवन निर्माण तदैव कम्हेडा 6.90 लाख 2008–2009
15 तदैव भवन निर्माण तदैव जौली 6.90 लाख 2008–2009
16 तदेव भवन निर्माण शामली बुटराडा 6.90 लाख 2008–2009
17 तदैव भवन निर्माण तदैव बहावडी 6.90 लाख 2008–2009
18 तदेव भवन निर्माण बघरा बुढीना खुर्द 6.90 लाख 2008–2009
19 तदैव भवन निर्माण तदैव माण्डी 6.90 लाख 2008–2009
20 तदेव भवन निर्माण तदैव तावली 6.90 लाख 2008–2009
21 तदैव भवन निर्माण तदैव सांझक 6.90 लाख 2008–2009
22 तदेव भवन निर्माण शाहपुर कसेरवां 6.90 लाख 2008–2009
23 तदैव भवन निर्माण तदैव पलडी 6.90 लाख 2008–2009
24 तदेव भवन निर्माण तदैव शोरो 6.90 लाख 2008–2009
25 तदैव भवन निर्माण कांधला गढीदोलतपुर 6.90 लाख 2008–2009
26 तदेव भवन निर्माण कैराना खंदरावली 6.90 लाख 2008–2009
27 तदैव भवन निर्माण तदैव मलकपुर 6.90 लाख 2008–2009
28 तदेव भवन निर्माण ऊन टपराना 6.90 लाख 2008–2009
29 तदैव भवन निर्माण जानसठ मुझेडा 6.90 लाख 2008–2009
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