सहायक निदेशक मत्स्य  मुजफ्फरनगर
1 विभागाध्यक्ष का पदनाम                                                      निदेशक मत्स्य उ0प्र0 लखनऊ
विभाग का पता:                                                                           कार्यालय निदेशक मत्स्य, मत्स्य निदेशालय उ0प्र0 7फैजाबाद रोड, बाबूगंज, लखनऊ
दूरभाष:                                                                                             05222740483
फैक्स:                                                                                                05222740483
ईमेल:                            ..

1.जनसूचना अधिकारी का नाम:                                          श्री सुरेश कुमार, सहायक निदेशक मत्स्य
2.सहायक जनसूचना अधिकारी:                                           श्री ओमबीर सिंह, मत्स्य निरीक्षक
3.अपीलीय अधिकारी:                                                               डा0 एच0एन0 सिंह, उपनिदेशक मत्स्य सहारनपुर फोन नं0 01322712073
मुख्यालय का पता:                                                                   317, तृतीय तल, विकास भवन मुजफरनगर
दूरभाष:                                                                                         01312621437
विभाग की वेबसाइट :
                                               www.fisheries.up.nic.in

वर्तमान में संस्थान द्वारा निम्न योजनायें चलायी जा रही हैं

मत्स्य पालक विकास अभिकरण

ग्राम सभा के बेकार पड़े तालाबों के पानी के सदुपयोग हेतु ग्राम सभा के मछुआ समुदाय के व्यक्तियों को तालाबों का पट्टा 10 वर्ष की अवधि के लिये मत्स्य पालन हेतु तहसील से कराया जाता है। जिससे गांवों में रोजगार के साथसाथ ग्राम सभा को अतिरिक्त आय भी होती है एवं खाद्यान्न समस्या का भी हल होता है। मा0 उच्च न्यायालय के आदेशानुसार तालाबों का लगान रू0 10,000/ प्रति हैक्टैयर प्रति वर्ष निर्धारित किया गया है। दो हैक्टेयर से बड़े तालाब क्षेत्र की समितियों को पट्टे पर दिये जाते हैं।
वर्तमान में मत्स्य विभाग द्वारा पट्टे/निजी तालाबों को सुधारने हेतु रूपये 75,000/ प्रति हैक्टेयर एवं इनपुट हेतु रूपये 50,000/ प्रति हैक्टेयर की दर से बैंक द्वारा ऋण दिलाया जाता है तथा स्वीकृत ऋण पर सामान्य जाति हेतु 20 प्रतिशत एवं अनु0जाति/जनजाति हेतु रूपये 25 प्रतिशत अनुदान विभाग द्वारा लाभार्थियों को दिया जाता है। मछुआ समुदाय के व्यक्तियों की समिति गठित की जाती है। विभाग द्वारा माह जौलाई से माह सितम्बर तक मत्स्य पालकों को उ0प्र0 मत्स्य विकास निगम की हैचरीजों जनपद मेरठ के परिक्षितगढ कस्बे में स्थित है, से उचित दरों पर मत्स्य बीज (रोहू, कतला, मृगल (नैन) उपलब्ध कराया जाता है इसके साथसाथ विदेशी मछली ग्रास कार्प व सिल्वर कार्प भी मत्स्य पालकों को वितरित की जाती है तथा माह मार्च से माह अप्रैल तक चाईना कार्प (कॉमन कार्प) का बीज भी उपलब्ध कराया जाता है थाई मांगुर व बिगहैड दोनों मछलियां प्रतिबन्धित हैं, जिनके लिये समयसमय पर जनपद में धारा 144 लगवायी जाती है।

एन0एफ0डी0बी0 योजना
जनपद में राष्ट्रीय मत्सि्यकी किास बोर्ड (एन0एफ0डी0बी0) हैदराबाद द्वारा एक योजना चलाई जा रही है, जिसमें जनपद में विकास शील मत्स्य पालकों के तालाबों का चयन कर मत्स्य उत्पादन बढ़ाने हेतु इनपुट की धनराशि रूपये 60,000/ प्रति हैक्टेयर पर 20 प्रतिशत अनुदान उपलब्ध कराया जाता है।

एस0आर0ई0पी0 (आत्मा) योजना
जनपद में कृषि विभाग की आत्मा योजना चलायी जा रही है, जिसमें मत्स्य पालकों को ग्राम/जनपद/प्रदेश व प्रदेश से बाहर प्रशिक्षण देकर मत्स्य उत्पादन बढ़ाया जाता है। तालाबों पर प्रदर्शन हेतु रूपये 2000/ प्रति तालाब पर इनपुट मत्स्य पालकों को उपलब्ध कराया जाता है तथा जनपद से बाहर/राज्य स्तर पर एवं जनपद में मत्स्य किसानों को विकसित तालाबों/जलाशयों/मत्स्य फार्म आदि पर विजिट करायी जाती है। मत्स्य पालकों से केन्द्रित सभी गतिविधियों में कुल व्यय का 10 प्रतिशत कृषक अंश के रूप में प्राप्त कर आत्मा के खाते में जमा कराया जाता है।

सहकारिता
सहकारिता के माध्यम से समिति को दिये गये 5.0 है0 के तालाबों पर मत्स्य पालन हेतु रूपये 18000/ प्रति हैक्टेयर की दर से अनुदान उपलब्ध कराया जाता है।

राष्ट्रीय कृषि विकास योजना
इस योजना के अन्तर्गत तालाबों पर सघन मत्स्य पालन कर प्रदर्शन हेतु निजी तालाबों जिनका रकबा 0.5 है0 है, पर 150000/ प्रति यूनिट पर खर्च किया जाता है, जिनमें तालाब सुधार दो गाय या भैंसें, पम्पसेट, फलों के वृक्षारोपण एवं इनपुट सम्मिलित हैं। इसमें रूपये 75000/ मत्स्य पालक द्वारा स्वयं के संसाधनों से या बैंक ऋण लेकर व्यय किया जाता है तथा शेष 75000/ हजार रूपये विभाग के द्वारा मत्स्य पालकों को दिया जाता है।

डास्प।। योजना
उ0प्र0 कृषि विविधिकरण परियोजना द्वितीय चरण के माध्यम से जनपद में मत्स्य पालन
ग्राम सभा के तालाबों में मत्स्य विकास हेतु परियोजनान्तर्गत निम्नानुसार सुविधायें उपलब्ध करायी जाती हैं
1पूंजीगत लागत तथा कार्यशील लागत के अन्तर्गत प्रथम वर्ष में परियोजना 1,04,400/ में रूपये 84,350/ प्रति हैक्टेयर अथवा क्षेत्रफल आधारित अनुपात के अनुसार सहायता उपलब्ध करायी जाती है।
2चयनित लाभार्थियों को 61,900/ में केवल कार्यशील लागत पर रूपये 23,925/ प्रति हैक्टेयर अथवा क्षेत्रफल आधारित अनुपात के अनुसार सहायता उपलब्ध करायी जाती है।
3चयनित लाभार्थियों को नि:शुल्क प्रशिक्षण एवं जानकारियां प्रदान कर मत्स्य पालन में दक्ष बनाया जाता है। साथ ही उन्हें प्रशिक्षण अवधि का प्रशिक्षण भत्ता प्रदान किया जाता है।
4चयनित लाभार्थियों को क्षेत्र में प्रदर्शन, तालाब के रूप में विकसित कर स्थानीय रूप से प्रचार/प्रचार में उपयोग किया जायेगा।
5लाभार्थी को इस परियोजना से 76,800/ प्रति हैक्टेयर की शुद्ध आय प्राप्त होगी।

मछुआ आवास योजन
योजना के अन्तर्गत मछुआ समुदाय बाहुल्य गांव में गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले मछुआ समुदाय के व्यक्तियों के आवास बनाये जाते हैं, जिन व्यक्तियों के पास कच्चा मकान व छप्पर हो तो उनका चयन कर प्रति मकान रू0 35000/ उपलब्ध कराकर एक कमरा, बरांडा तथा एक शौचालय का निर्माण कराया जाता है। उक्त धनराशि दो बराबरबराबर किस्तों में लाभार्थी को उपलब्ध करायी जाती है।

प्रमाण पत्र

प्रमाणित किया जाता है कि अधोहस्ताक्षरित द्वारा उपलब्ध करायी गयी जानकारी विभागीय रिकार्ड के अनुसार त्रुटिरहित है। सी0डी0 में दी गयी सूचना को जनपद की वेबसाइट पर प्रकाशित करा दिया जाये।


(सुरेश कुमार)
सहायक निदेशक मत्स्य
मुजफरनगर।

दावात्याग:(Disclaimer) एन0आई0सी0 मुजफ्फरनगर इस वेबपृष्ठ पर प्रकाशित गलती के लिये जिम्मेदार नहीं है । इस वेबपृष्ठ पर दी गयी सामग्री एवं तथ्‍यों का उपयोग विधिक उददेश्‍य हेतु नहीं किया जा सकता।अधिक जानकारी के लिये सम्बन्धित विभाग से सम्पर्क करें ।

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