–: खेल विभाग की योजनाओं का संक्षिप्त विवरण :–
विभागाध्यक्ष का पदनाम :– जिला क्रीडा अधिकारी।
विभाग का पता – जिला खेल कार्यालय, स्पोर्टस स्टेडियम, मुजफ्फरनगर।
दूरभाष संख्या :– 0131–2622551
फैक्स :– कोई नहींई–मेल एड्रेस :–
जन सूचना/सहायक जन सूचना अधिकारी का नाम :– कु0 सन्तोष रावत, जिला क्रीडा अिाकारी
मु0नगर।
अपीलीय अधिकारी का नाम :– श्री बृजेन्द्र कुमार, क्षेत्रीय क्रीडा अधिकारी,
सहारनपुर।
मुख्यालय का पता :– जिला खेल कार्यालय स्पोर्टस स्टेडियम, सहारनपुर।
दूरभाष संख्या :– 132–2611907 दूरभाष संख्या :– 0132–2611907
ई–मेल एड्रैस :–
विभाग की वेबसाईट का एड्रैस :–
1.प्रशिक्षण शिविर :– प्रशिक्षण शिविर खेल विभाग की एक अति महत्वपूर्ण योजना है इस
योजना के अन्तर्गत प्रत्येक जिला मुख्यालय पर खेल निदेशालय उ0प्र0 द्वारा विभिन्न
खेलों के (जैसे:– क्रिकेट, वालीवाल, कबड्डी, कुश्ती, फुटबाल, हॉकी, बैडमिन्टन आदि)
एन0आई0एस0 फरवरी तक (10 माह) प्रशिक्षण शिविरों का आयोजन कर जनपद के ग्रामीण एवं
शहरी क्षेत्रों के बालक एवं बालिका खिलाडी द्वारा जिला क्रीडा अधिकारी को आवेदन
पत्र प्रेषित कर खिलाडी का विधिवत पंजीकरण किया जाता, और शासनादेश द्वारा 18 वर्ष
से कम आयु के नियमित खिलाडियों से पंजीकरण शुल्क 60/– प्राप्त कर खेल अभ्यास कराया
जाता है जिसमें भाग लेने वाले बालक एवं बालिका खिलाडियों को नि:शुल्क प्रशिक्षण एवं
क्रीडा उपकरण विभाग द्वारा उपलब्ध कराये जाते हैं एवं 18 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के
बालक एवं बालिका तथा शौकिया खिलाडियों से रूपया 200/– प्रति खिलाडी प्राप्त कर खेल
अभ्यास में सम्मिलित किया जाता है जिसमें प्रयोग हेतु खेल सामग्री की व्यवस्था उनको
स्वयं अपने स्तर से करनी होती है। वर्तमान समय में स्पोर्टस स्टेडियम के मैदान पर
वालीवाल, एथलैटिक्स, कबड्डी, कुश्ती, क्रिकेट, फुटबाल, बास्केटबाल आदि खेलों का
संचालन हो रहा है।
अंशकालिक प्रशिक्षकों को उनकी खेल योग्यता के आधार पर निम्नानुसार मानदेय प्रदान
किया जाता है।
1.अन्र्तराष्ट्रीय स्तर खिलाडी :–10,000/– प्रति माह
2.एन0 आई0 एस0 (डप्लोमा) :–7,000/– प्रति माह
3.राष्ट्रीय स्तर :–3,000/– प्रति माह
2.खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन :– खेल विभाग की उक्त योजना के अन्तर्गत प्रत्येक
राष्ट्रीय पर्व जैसे 15 अगस्त, पर क्रासकन्ट्री रेस /02 अक्टूबर पर पैदल चाल / 26
जनवरी पर साईकिल रेस खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन कराया जाता है जिसमें आयु सीमा का
कोई भी प्रतिबन्ध नही है किसी भी आयु सीमा का कोई भी खिलाडी उक्त प्रतियोगिताओं में
भाग ले सकता है। तथा प्रति0 के विजेता एवं उपविजेता खिलाडियों को आकर्षक पुरूस्कार
भी प्रदान कराये जाते हैं।
दिनांक 29 अगस्त को स्व0 ध्यानचन्द जी के जन्म दिवस को खेल दिवस के रूप में मनाये
जाने हेतु स्कूली बालकों की अन्डर–14 वर्षीय हॉकी प्रतियोगिता का आयोजन कराया जाता
है जिसमें विजेता एवं उपविेजता टीमों के खिलाडियों को टीम मैनेजर सहित आकर्षक
पुरूस्कार प्रदान किये जाते हैं।
उक्त के अतिरिक्त खेल विभाग एवं खेल संघों के समन्वय से आयोजित होने वाली सब जूनियर/
जूनियर वर्ग में बालक एवं बालिकाओं की राज्य स्तरीय विभिन्न खेलों की खेल
प्रतियोगितायें जैसे वालीवाल, कबड्डी, एथलैटिक्स, हॉकी, जूडों आदि तथा प्रति वर्ष
विभिन्न खेलों में ओपन वर्ग की महिला खेल समारोह का आयोजन कराया जाता है जिसमें
विभिन्न जिलों/मण्डलों से आयी बाहर की टीमों के यात्रा भत्ता, अनुसांगिक व्यय, भोजन
आदि का समस्त व्यय खेल विभाग द्वारा वहन किया जाता है।
प्रत्येक वर्ष राज्य कर्मचारियों के लिये भी विभिन्न खेलों जैसे बैडमिन्टन, टी0टी0,
हैन्डबाल, बास्केटबाल, वालीवाल, फुटबाल, हॉकी, कबड्डी, कुश्ती, एथलैटिक्स, की
चयनटयल्स/प्रतियोगिताओं का आयोजन भी कराया जाता है जिसमें केवल राज्य सरकार के
अधिकारी एवं कर्मचारी ही भाग ले सकते हैं। तथा निगम एवं पुलिस विभाग के कर्मचारियों
पर पूर्णत: प्रतिबंध है। जिनके यात्रा व्यय का भुगतान सम्बन्धित अधिकारी एवं
कर्मचारी के विभाग द्वारा किया जाता है।
उक्त प्रतियोगिताओं के आयोजन से समस्त खिलाडियों में प्रतिस्पर्धा की भावना जागृत
होती है तथा खेलने का अनुभव एवं सम्बन्धित नियमों का ज्ञान होता है जो खिलाडियों के
लिए राष्ट्रीय एवं अन्तर्राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में सहायक सिद्ध होते
हैं।
3.क्रीडा प्रतिष्ठानों का निर्माण :– खेल विभाग की उक्त योजना के अन्तर्गत खिलाडियों
के खेल सुविधाओं हेतु खेल निदेशालय उ0प्र0 की गाईड लाईन के अनुसार प्रत्येक जिला
मुख्यालय पर एक मुख्य स्टेडियम, बहुउद्देशीय क्रीडाहाल एवं तरणताल का निर्माण होना
आवश्यक है। क्रीडा अवस्थापनाओं का निर्माण कराया जाता है। जनपद मु0नगर में उक्त
योजना के अन्तर्गत मुख्य स्टेडियम, तरणताल, बहुउद्देशीय क्रीडा हाल, बास्केटबाल
कोर्ट, फल्डविट हाल, कुश्तीहाल एवं डौरमैट्ी का निर्माण कराया जा चुका है। शासन
द्वारा निर्माण कार्य के लिये सीधे ही कार्यदायी संस्था को धन आवंटन किया जाता है।
4.खेल मैदान का आरक्षण :– स्पोर्टस स्टेडियम में बहुउद्देशीय क्रीडा स्थल के
अतिरिक्त कृत्रिम रोशनी वाले बास्केटबाल कोर्ट, तरणताल, बहुउद्देशीय क्रीडा हाल भी
उपलब्ध हैं। जिनको जनपद में होने वाली विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं हेतु आम जनता/इच्छुक
खिलाडियों/स्कूल/खेल संघों को शासनादेश द्वारा निर्धारित शुल्क (जनपदों की
श्रेणीवार निर्धारित दर पर) प्रतिदिन की दर के शुल्क पर क्रीडा अधिकारी को प्रार्थना
पत्र प्रेषित कर आवंटित किया जाता है।
क्रमांकविवरणप्रतिदिन की दरें
स्थानीय राज्य राष्ट्रीय अन्र्तराष्ट्रीय
1.हॉकी/फुटबाल 125 375 1250 5000
2.क्रिकेट 375 625 1250 25000
3.एथलैटिक्स 625 1250 3750 6250
4.जिम्नास्टिक 250 500 1250 2500
5.कुश्ती/जूडो 375 625 1875 5000
6.वालीवाल/कबड्डीखोखो/हैण्डबाल 125 250 1250 3750
7.बास्केटबाल 125 250 1250 5000
8.बैडमिन्टन 375 6 25 1250 5000
9.टी0टी0 250 500 1250 5000
10.वैटलिफटिंग 250 625 1250 –
11.बाक्सिंग 250 500 1250 7500
12.पी0टी0रैली स्कूली 625 1875 2500 7500
नोट:– शासकीय सम्पत्ति के नुकसान की क्षतिपूर्ति हेतु रूपया 1000 हजार मार्जन मनी
के रूप में जमा किये जाते है। तथा विद्युत शुल्क एवं क्रीडा उपकरण शुल्क शासनादेशों
के अनुसार आरक्षण के अतिरिक्त प्रथक से देय होता है।
5.छात्रावास चयन प्रक्रिया :– खेल विभाग उ0प्र0 द्वारा खेल छात्रावासों में अण्डर–12,14,16
आयु वर्ग के बालक एवं बालिकाओं के प्रवेश हेतु विशेष चयन प्रक्रिया के अन्तर्गत
सर्वप्रथम जिला स्तर, तत्पश्चात मण्डल स्तर एवं राज्य स्तर पर खिलाडियों का चयन
फिजीकल एवं स्किल टैस्ट के आधार पर किया जाता है। राज्य स्तर पर चयन पश्चात चयनित
बालक एवं बालिकाओं को 21 दिवस के केन्द्रीय प्रशिक्षण शिविर में गहन प्रशिक्षण देकर
उसके फिजीकल एवं खेल कौशल आधार पर क्रीडा छात्रावास में प्रवेश देने हेतु उदीयमान
खिलाडियों का चयन खेल विशेषज्ञों की समिति द्वारा किया जाता है। जिसके अन्तर्गत
उन्हें नि:शुल्क आवासीय सुविधा, भोजन, शिक्षा, चिकित्सा, स्पोर्टस किट, उपकरण आदि
की सुविधा दी जाती है। एक खिलाडी पर प्रतिवर्ष रूपया 45,000/– व्यय होता है।
वर्तमान में 15 जनपदों में 10 खेलों के 23 छात्रावास हैं। खेल छात्रावास में जिला
स्तरीय चयन/ट्रायल्स में भाग लेने हेतु रूपया 05/–का नकद भुगतान कर छात्रावास चयन/ट्रायल्स
में भाग ले सकता है।
6.अनुदान एवं पुरूस्कार :–
(ए) प्रदेशीय क्रीडा संघो, क्लबों को प्रतियोगिताओं के आयोजन हेतु आर्थिक सहायता:–
खेल विभाग द्वारा प्रदेश में स्थापित विभिन्न खेल क्लबों तथा क्रीडा संघों को उनके
कार्यकलापों को चलाने हेतु तकनीकी एवं आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। विभाग
द्वारा प्रदेशीय क्रीडा संघों कोे शासन द्वारा जारी गाईडलाइन के अनुसार आर्थिक
सहायता प्रदान की जाती है। इसी प्रकार संघों द्वारा चयनित प्रदेशीय टीमों को
राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भाग लेने से पूर्व विशेष प्रशिक्षण शिविर की सुविधा
नि:शुल्क आवास एवं भोजन की सुविधा प्रदान की जाती है। प्रदेशीय टीमों को राष्ट्रीय
प्रतियोगिता में भाग लेने हेतु आने–जाने का रेल/बस का किराया विभाग द्वारा दिया जाता
है। इन प्रदेशीय टीमों को खेल किट की सुविधा भी विभाग द्वारा उपलब्ध करायी जाती है।
ग्रीष्म अवकाश में विशेष शिविर केन्द्रीय प्रशिक्षण शिविर के रूप में 21 दिन का
विभिन्न खेलों में विभिन्न जनपदों में संचालित कराया जाता है जिसमें चयनित खिलाडियों
को अपने निवास स्थान से शिविर तक का रेल/बस किराया, आवास, भोजन, चिकित्सा, क्रीडा
उपकरण आदि की सुविधा नि:शुल्क उपलब्ध करायी जाती है। इस योजना का प्रचार–प्रसार
विभिन्न समाचार पत्रों, आकायावाणी एवं दूरदर्शन द्वारा कराया जाता है। राष्ट्रीय
प्रतियोगिताओं में भाग लेने से पूर्व प्रदेशीय टीमों को 15 दिवसीय विशेष प्रशिक्षण
शिविर, किट एवं रेलभाडें की सुविधा प्रदान की जाती है।
(बी)पुरूस्कार (लक्ष्मण/रानी लक्ष्मीबाई पुरूस्कार) :– उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा
प्रदेश के विशिष्ट खिलाडियों को लक्ष्मण/रानी लक्ष्मीबाई पुरूस्कार से सम्मानित करने
की योजना है। इसके अन्तर्गत अलंकृत होने वाले खिलाडियों को एक प्रशस्ति पत्र,
लक्ष्मण/रानी लक्ष्मीबाई की कांस्य प्रतिमा तथा रूपया 50,000/– हजार की धनराशि नकद
प्रदान की जाती है। पुरूस्कार की पात्रता के लिये खिलाडी को प्रदेश का मूल निवासी
होना चाहिए, खिलाडी को कम से कम तीन वर्ष तक प्रदेशीय टीम का सदस्य होना तथा
राष्ट्रीय प्रतियोगिता में भाग लेना भी आवश्यक होता है और इसके साथ उस वर्ष जिसके
लिये पुरूस्कृत किये जाने की सिफारिश की जाती है खेल उत्तम होना चाहिये। राष्ट्रीय
टीम के सदस्य के रूप में किसी मान्यता प्राप्त अन्तर्राष्ट्रीय प्रतियोगिता में कम
से कम एक बार भाग लेने वाले खिलाडी को वरीयता दी जाती है। इसके लिये एक वर्ष
प्रदेशीय टीम का सदस्य होने पर भी पात्रता मान्य होगी।
(सी)राष्ट्रीय एवं अन्र्तराष्ट्रीय प्रतियोगिता में प्रथम तीन स्थान प्राप्त करने
वाले खिलाडियों को पुरूस्कार :–
प्रदेश के खिलाडियों को प्रोत्साहन देने के उद्देश्य से राष्ट्रीय एवं
अन्तर्राष्ट्रीय प्रतियोगिता में प्रथम तीन स्थान प्राप्त करने वाले खिलाडी को नकद
पुरूस्कार प्रदान किया जाता है। तथा राष्ट्रीय प्रतियोगिता में कीर्तिमान स्थापित
करने वाले खिलाडियों को भी नकद पुरूस्कार दिया जाता है। पुरूस्कार एकल एवं टीम
गेम्स में अलग–अलग प्रदान किया जाता है। पुरूस्कारों का विवरण निम्न प्रकार है।
(क) अन्र्तराष्ट्रीय स्तर
एकल खेल :–
क्रमांक वर्गीकरण प्रथम पुरूस्कार द्वितीय पुरूस्कार तृतीयपुरूस्कार
(लाखों में)
(लाखों में)
(लाखों में)
1. ओलम्पिक 30.00 20.00 15.00
2. कामनवेल्थ,एशियन
तथा एोएशियन,विश्वकप 15.00 10.00 08.00
3. सैफ गेम्स 3.00 2.00 1.00
टीम खेल (प्रत्येक खिलाडी):–
क्रमांक वर्गीकरण प्रथम पुरूस्कार द्वितीय पुरूस्कार तृतीयपुरूस्कार
(लाखों में) (लाखों में) (लाखों में)
1. ओलम्पिक 15.00 12.00 10.00
2. कामनवेल्थ,एशियन
तथा एोएशियन,विश्वकप 10.00 08.00 06.00
3. सैफ गेम्स 01.00 00.50 00.25
(ख) राष्ट्रीय स्तर
राष्ट्रीय चैम्पियनशिप :–
क्रमांक वर्गीकरण सीनियर जूनियर सब जूनियर
1. एकल खेल (प्रथम) 1,00,000/– 50,000/– 25,000/–
(द्वितीय) 75,000/– 35,000/– 15,000/–
(तृतीय) 50,000/– 25,000/– 10,000/–
2. टीम गेम्स (प्रथम) 40,000/– 30,000/– 15,000/–
(द्वितीय) 30,000/– 25,000/– 10,000/–
(तृतीय) 20,000/– 15,000/– 5,000/–
राष्ट्रीय खेल :–
क्रमांक वर्गीकरण प्रथम प्राईज द्वितीय प्राईज तृतीया प्राईज
1. एकल 3,00,000/– 2,00,000/– 1,00,000/–
2. टीम 1,00,000/– 50,000/– 25,000/–
राष्ट्रीय खेल/चैम्पियनशिप में नया राष्ट्रीय कीर्तिमान बनाने पर रूपया 50,000/– का
अतिरिक्त पुरूस्कार देय होगा।
(डी)प्रदेश के भूतपूर्व प्रसिद्ध खिलाडियों तथा पहलवानों को वित्तीय सहायता :– खेल
विभाग द्वारा प्रदेश के खिलाडियों को कल्याणार्थ चलायी जाने वाली योजना के अन्तर्गत
वृद्ध, अशक्त एवं विपदाग्रस्त खिलाडियों को वित्तीय सहायता प्रदान करने की एक
महत्वपूर्ण योजना है। इस योजना के अन्तर्गत प्रदेश के उन वृद्ध खिलाडियों को
जिन्होंने अपने युवा काल में अपने खेल के माध्यम से प्रदेश का नाम गौरवान्वित किया
हो, को आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। ऐसे खिलाडियों (रूपया 10,000/– से कम
मासिक आय वाले) को रूपया 2000/– से 5000/– प्रतिमाह की दर से उनके खेल स्तर के
अनुसार आर्थिक सहायता दी जाती है। वृद्ध खिलाडियों की पात्रता का विवरण निम्नवत है।
1.उन खिलाडियों को आर्थिक सहायता दी जाती है जिनकी समस्त श्रोतों से मासिक आय रूपया
10,000/– से अधिक न हो।
2.राज्य स्तर के वे खिलाडी जिन्होंने प्रदेश की अधिकृत टीम का प्रतिनिधित्व किया
हो।2000/–
3.राष्ट्रीय स्तर के वे खिलाडी जिन्होंने राष्ट्र की अधिकृत टीम के सदस्य हों।
3,000/–
4.अन्र्तराष्ट्रीय स्तर के वे खिलाडी जिन्होंने राष्ट्रीय अधिकृत टीम का सदस्य होकर,
ओलम्पिक, कामनवेल्थ, एशिया तथा विश्वकप खेलों में राष्ट्र का प्रतिनििात्व किया
हो। 5,000/–
7.स्पोट्र्स कालेज चयन प्रक्रिया :–
(अ)गुरू गोविन्द स्पोट्र्स कालेज लखनऊ :– खेलों को प्रोत्साहन देने की दिशा में तथा
खिलाडियों को आवश्यक सुविधायें उपलब्ध कराने के दृष्टिकोण से लखनऊ में कुर्सी रोड
पर स्पोट्र्स कालेज की स्थापना की गयी है। उत्तर प्रदेश का यह प्रथम स्पोट्स कालेज
था। इसका क्षेत्रफल 153 एकड है। इस कालेज में ग्रामीण व नगरीय क्षेत्रों के 12 से
15 वर्ष की आयु के बच्चों का चयन कर प्रवेश दिया जाता है। और उनके अध्ययन तथा
प्रशिक्षण की व्यवस्था इसी आवासीय संस्था में एक स्थान पर की जाती है और बालकों को
एक अच्छा नागरिक बनाने के उद्देश्य से उनके चतुर्मुखी विकास पर बल दिया जाता है।
कालेज में एथलैटिक्स, फुटबाल, हॉकी, क्रिकेट, वालीवाल, लानटेनिस एवं बैडमिन्टन खेलों
में प्रशिक्षण की व्यवस्था की गयी है। स्पोट्र्स कालेज लखनऊ के छाखें का कक्षा 09
से 12 तक साहित्यिक वर्ग में उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा बोर्ड द्वारा निर्धारित
पाठ्यक्रम के अनुरूप शिक्षा प्रदान की जाती है। समुचित आवासीय व्यवस्था हेतु
बहुमंजिला छात्रावास, डायनिंग हाल, कम्यूनिटी हाल और स्वास्थ्य केन्द्र की भी
सुविधायें उपलब्ध हैं। इस सब उच्चतम सुविधाओं के उपलब्ध होने के कारण स्पेर्टस
कालेज लखनऊ राष्ट्रीय व अन्र्तराष्ट्रीय प्रतियोगिता हेतु उपयेक्त स्थान है।
(ब)वीर बहादुर स्पोट्र्स कालेज गोरखपुर :–
लखनऊ स्थित स्पोट्र्स कालेज की सफलता व खेल क्षेत्र में इसके विशिष्ट योगदान को
दृष्टिगत रखते हुए शासन द्वारा वर्ष 1988–89 में पूर्वान्चल के गोरखपुर नगर में वीर
बहादुर सिंह स्पोट्र्स कालेज की स्थापना की गयी है। आवासीय संस्था होने के कारण
इसका समस्त व्यय भार शासन द्वारा वहन किया जाता है। इस काले में कुश्ती (केवल बालक)
वालीवाल एवं जिम्नास्टिक (बालक एवं बालिका) खेलों में प्रशिक्षण के साथ–साथ प्रदेश
के शिक्षा विभाग द्वारा उत्तर प्रदेश बोर्ड द्वारा निर्धारित पाठ्यक्रम में कक्षा
06 से 10 तक शिक्षण की व्यवस्था की गयी है। यह कालेज गोरखपुर नगर से लगभग 08
किलोमीटर दूर महाराजगंज रोड पर आरोग्य मन्दिर के निकट 48.7 एकड भूमि पर स्थित है।
दोनों स्पोर्टस कालेजों में प्रवेश हेतु पहले जिला स्तर पर प्रारम्भिक चयन प्रक्रिया
होने के उपरान्त राज्य स्तर पर चयन ट्रायल्स आयोजित होते हैं जिन्हें उत्तीर्ण करने
पर प्रवेश दिया जाता है।
प्रमाणित किया जाता है कि अधोहस्ताक्षरी द्वारा उपलब्ध करायी गयी जानकारी विभागीय
रिकार्ड के अनुसार त्रुटिरहित है। सी0डी0 में दी गयी सूचना को जनपद की वेबसाईट पर
प्रकाशित करा दिया जाये।
(कु0 सन्तोष रावत)
जिला क्रीडा अधिकारी
मुजफ्फरनगर