भूमि विवाद निस्तारण योजना–मुजफ्फरनगर
जनपद मुजफ्फरनगर गन्ने की मिठास से भरा प्रदेश का एक समृद्ध जनपद है । इसे भारत में शुगर बाऊल के नाम से भी जाना जाता है । तहसील दिवस, थाना समाधान दिवस तथा दिन प्रतिदिन जनशिकायतों की सुनवाई के दौरान यह अनुभव किया गया है कि अधिकांश मामले दो पक्षों के बीच छोटे-मोटे विवाद (जैसे-भूमि का सीमांकन, नाली मेड़ आदि का विवाद) से सम्बन्धित होते हैं, जिनका समाधान राजस्व व पुलिस की संयुक्त टीम के माध्यम से तत्काल कराया जा सकता है। कुछ मामले पारिवारिक प्रकृति के होते हैं, जो आपसी बातचीत/समझौते से सुलझाये जा सकते हैं। ऐसे मामलों में समय से कार्यवाही न होने पर जनअसन्तोष होता है तथा शान्ति एवं कानून व्यवस्था भंग होने सम्भावना बनी रहती है।
        अतः इस समस्या के निदान के लिए पुलिस अधीक्षक के साथ विचार-विमर्श कर भूमि विवादों के निस्तारण की निम्नवत रूपरेखा निर्धारित की गई है -
District Magistrate

Mr. Dinesh Kumar Singh, IAS
1. जनपद के सभी ग्रामों की हल्का लेखपाल के स्तर से ग्रामवार भूमि विवादों की सूचना निर्धारित प्रारूप पर संकलित की गयी, जिसको सभी अन्य राजस्व कर्मचारी, अधिकारी यथा राजस्व निरीक्षक, नायब तहसीलदार, तहसीलदार, उप जिलाधिकारी द्वारा अपने क्षेत्र की जानकारी के अनुसार अद्यावधिक कराया गया है ।
2. इसी प्रकार पुलिस विभाग द्वारा बीट कांस्टेबिल के स्तर से सूचनायें संकलित कर हल्का दरोगा तथा थानाध्यक्ष/पुलिस क्षेत्राधिकारी के स्तर पर परीक्षण कर अद्यावधिक कराई गई है ।
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